ग्वालियर-
एंटी माफिया सेल के जरिए अतिक्रमण हटाने और छोटी छोटी तुडाई करने से नाखुश सीएम के आदेश का असर कलेक्टर्स कांफ्रेंस में दिख गया। मंगलवार को जनाधिकार वीडियो कांफ्रेंस में सीएम कमलनाथ ने ग्वालियर संभाग के अफसरों से साफ कहा था कि कार्रवाई ऐसों पर होना चाहिए जिनमें माफिया कंपोनेंट हो। इस आदेश के बाद डिवीजनल कमिश्नर एमबी ओझा ने कलेक्टर कांफ्रेंस में सभी कलेक्टरों और अधिकारियों को स्पष्ट तौर पर कहा कि सरकारी जमीनों पर अतिक्रमण कर व्यवसायिक उपयोग करने वालों सहित हर क्षेत्र में सक्रिय माफियाओं पर सख्त कार्रवाई की जाए। माफिया को किसी भी सूरत में बख्शा न जाए।
मोतीमहल स्थित मानसभागार में आयोजित बैठक में शासन की महत्वपूर्ण योजनाओं और कार्यक्रमों की समीक्षा की गई। इसमें कलेक्टर ग्वालियर अनुराग चौधरी, कलेक्टर शिवपुरी अनुग्रह पी, गुना कलेक्टर भास्कर लक्षकार, अशोकनगर कलेक्टर डॉ मंजू शर्मा, दतिया कलेक्टर रोहित सिंह सहित सीईओ जिला पंचायत ग्वालियर शिवम वर्मा एवं अन्य जिलों के सीईओ जिला पंचायत सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे। डिवीजनल कमिश्नर ने कहा कि भू माफियाओं के साथ साथ खनिज माफिया, शराब माफिया, शिक्षा माफिया एवं अन्य क्षेत्र में माफियाओं की तरह कार्य कर रहे लोगों पर भी प्रभावी कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि संभाग के सभी जिलों में गृह निर्माण समितियों की भी जांच की जाए और जिन समितियों में अनियमितता पाई जाए, उनके खिलाफ कार्रवाई हो। माफी औकाफ के मंदिरों की जमीन पर कब्जा करने वालों सहित शासकीय भूमियों पर ट्रस्ट बनाकर कार्य करने वाले ट्रस्टों के विरूद्घ भी कार्रवाई की जाए।
इनकी भी हुई समीक्षा
राजस्वः अधिकारी उनके जिले में एक वर्ष से अधिक के जितने भी राजस्व प्रकरण लंबित हैं उनका निराकरण अभियान चलाकर करें। बैठक में यह भी निर्देशित किया गया है कि संभाग के सभी जिलों में ऐसे गांवों की सूची तैयार करें जो नक्शाविहीन हैं।मिलावटखोरःखाद्य पदार्थों में मिलावट करने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाए। ऐसा करने वालों के विरूद्घ दण्डात्मक कार्रवाई के साथ साथ पुलिस प्रकरण भी कायम किए जाएं।
डायवर्सनःबैठक में डायवर्सन की वसूली के संबंध में तय किया गया कि डायवर्सन की वसूली में 10 हजार वर्गफुट तक के क्षेत्र फल वाले लोगों पर 2 प्रतिशत तथा 10 हजार से अधिक वर्गफुट जमीन पर 5 प्रतिशत का अर्थदण्ड लगाने की कार्रवाई की जाए।
गौशालाः सभी जिलों में गौशालाओं का निर्माण शीघ्र किया जाए, ताकि निराश्रित गौवंश को सुरक्षित गौशाला में रखा जा सके। ग्रामीण क्षेत्रों में विकास के कार्य तेजी के साथ किए जाएं
आंगनबाड़ीःसंभाग के सभी जिलों में ऐसे आंगनबाड़ी केन्द्र जो प्राइवेट भवनों में संचालित हो रहे हैं, उन्हें शासकीय भवनों में शिफ्ट करने की कार्रवाई की जाए।
दुग्ध संघःबैठक में दूध संघ की समीक्षा हुई। उन्होंने निर्देशित किया कि दुग्ध संघ नई दुग्ध समितियों का गठन करे। नए मिल्क रूट भी बनाए जाएं। दुग्ध संघ के माध्यम से दुग्ध उत्पादन करने वालों को अधिक से अधिक जोड़ा जाए और आमजनों को शुद्घ दूध उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य किया जाए।
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