राजकुमार सिंह (सिंगरौली व्यूरो)
एनसीएल जयंत CWS परियोजना द्वारा
स्वच्छता के नाम पर करोङो रुपए पानी की तरह बहाया जा रहा है लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है मिनी रत्न कंपनी एनसीएल जयंत CWS में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सपनों को साकार करने के लिए स्वच्छता पखवारा एवं तरह-तरह की

जागरूकता कार्यक्रम व प्रचार प्रसार चलाया जाता है योजनाएं चलाकर लोगों को जागरूक करने का काम सायद केवल कागजों में ही किया जता है जिसका जीता जागता उदाहरण देखने को मिल रहा है एनसीएल CWS जयंत के रहवासी इलाकों में जहां कालोनियों के बीच में मुंह चिडाता कचरे का अंबार दिख रहा है सूत्रों की मानें तो एनसीएल CWS प्रबन्ध आंख मूंदकर स्वच्छता के पीछे पैसा लुटा रहा है सोचने वाली बात तो यह है कि इस पैसे का सदुपयोग कितना जमीन पर हो रहा है इसका अंदाजा बखूबी कालोनियो के बिच में पड़े कचरे के ढेर से लगाया जा सकता है
गंदगी का अंबार बना जयंत CWS रहवासी क्षेत्र
NCL जयंत CWS के रहवासी क्षेत्रों में गंदगी का अंबार लगा हुआ है मगर फिर भी एनसीएल जयंत CWS के द्वारा बड़े जोर शोर से करोड़ों रुपए खर्च कर स्वच्छता का ढिंढोरा पीटा जा रहा है परंतु जमीनी हकीकत सारे दावों की पोल खोल रहा है जयंत CWS के रहवासी कालोनियों की नालियां टूटी फूटी जाम पड़ी हुई हैं हर चौराहे हर गली में कचरे का अंबार लगा हुआ है
करोड़ों खर्च करने के बाद भी सपना अधूरा
एनसीएल द्वारा स्वच्छता पखवाड़ा चला कर करोड़ों रुपए खर्च किया गया स्वच्छता के नाम पर परंतु फिर भी कचरे का अंबार चीख चीख कर एनसीएल के स्वच्छता पखवाड़े का पोल खोलते हुऐ नजर आ रहा है जिसको कभी भी जा कर देखा जा सकता है।।।
आवासीय परिसर में रहने वाले लोगो का कहना है की स्वक्षता तो सत्यनरायन भगवान का प्रसाद है कालोनी में कभी कभी सफाई कर्मचारी दिखते है अगर सफाई होती तो क्या कालोनियों में कचरा का अंबार लगा होता।।।
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