ग्वालियर
अपनी बुकिंग राशिमैरिज गार्डन संचालकों ने गुरुवार तक भी प्रशासन को जमा नहीं कराई। संचालक शुक्रवार को लिस्ट प्रशासन को देंगे, जिसमें यह लिखा होगा कि कितने मैरिज गार्डन 2012 से पहले और कितने 2012 के बाद खुले हैं। इसमें गार्डन का एरिया और पार्किंग एरिया भी बताना होगा। वहीं, जिला प्रशासन का कहना है कि 2012 के बाद वाले वही मैरिज गार्डन खुलेंगे जिनका एरिया 10 हजार वर्ग मीटर और 40 प्रतिशत पार्किंग है। दूसरी शर्त यह कि 2012 से पहले वाले गार्डन हैं तो 40 प्रतिशत पार्किंग होने पर चालू हो जाएंगे। इन शर्तों पर हाईकोर्ट ने भी राहत देने के डायरेक्शन दिए हैं जिसमें सभी तरह के टैक्स व नियम पालन भी कराना शामिल हैं। वहीं बालभवन में मैरिज गार्डन और कोचिंग संचालकों की ओर से 57 लाख रुपए कुल अलग अलग टैक्स-शुल्क के रूप में जमा कराए गए।
ज्ञात रहे कि हाईकोर्ट के आदेश के पालन में जिला प्रशासन ने 10 हजार वर्ग मीटर से कम क्षेत्र वाले और 40 प्रतिशत पार्किंग एरिया न होने वाले मैरिज गार्डनों को सील कर दिया है। इसके बाद मैरिज गार्डन संचालकों की बैठक का आयोजन भी किया गया जिसमें प्रशासन ने दो टूक कहा कि नियम पालन के बाद ही मैरिज गार्डन खुल सकेंगे। बाल भवन में मैरिज गार्डन संचालकों के लिए डायवर्सन शुल्क, संपत्तिकर, जलकर, ट्रेड लायसेंस के लिए शिविर लगाया गया था, लेकिन डायवर्सन शुल्क जमा नहीं किया गया। यही सभी शुल्क कोचिंग संचालकों ने भी जमा किए।
44 लाख संपत्तिकर और ट्रेड लायसेंस के 12.83 लाख जमा
107 मैरिज गार्डन संचालकों ने उपस्थित होकर ट्रेड लायसेंस के लिए आवेदन किया और 10 लाख 70 हजार रुपए ट्रेड लायसेंस शुल्क जमा कराया। इसके साथ ही 61 कोचिंग संचालकों ने उपस्थित होकर ट्रेड लायसेंस के लिए आवेदन किया व 2 लाख 13 हजार रुपए जमा कराए। मैरिज गार्डन व कोचिंग संचालकों से संपत्तिकर भी जमा कराया गया। कुल 44 लाख रुपए संपत्ति कर और 12 लाख 83 हजार ट्रेड लायसेंस बतौर जमा हुए।
5 मैरिज गार्डन और सील
मुरार तहसीलदार नरेश गुप्ता की टीम ने गुरुवार को पिंटो पार्क क्षेत्र के पांच मैरिज गार्डन सील कर दिए। इसमें श्रीजी गार्डन, वैष्णो वाटिका, श्रीकृष्ण वाटिका,संस्कार गार्डन और राधे वाटिका शामिल हैं।
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