ग्वालियर
किडनी खराब होने के कारण जीवन मरण के बीच संघर्ष कर रहे एक युवक को जहां उसका छोटा भाई अपनी किडनी देकर उसका जीवन बचाएगा वहीं जीवन संगिनी अपने पति को एक किडनी देगी। जीआरएमसी में हुई किडनी प्रत्यारोपण प्राधिकार समिति की बैठक में छोटे भाई को अपने बड़े को तथा प|ी को अपने पति को किडनी देने की अनुमति दे दी गई। इन दोनों मरीजों का किडनी ट्रांसप्लांट आयुष्मान योजना के तहत सिम्स हॉस्पिटल में नि:शुल्क किया जाएगा।
जीआरएमसी: किडनी प्रत्यारोपण प्राधिकार समिति की बैठक ने दी अनुमति सिम्स अस्पताल में नि:शुल्क होगा किडनी ट्रांसप्लांट
मुरार निवासी 39 वर्षीय प्रकाश छारी करीब डेढ़ वर्ष से किडनी की बीमारी से परेशान चल रहे थे। डॉक्टर ने परिजनों को बताया कि प्रकाश की जान बचाने के लिए किडनी ट्रांसप्लांट करानी पड़ेगी। इस पर प्रकाश के परिजन किडनी दान देने के लिए तैयार हो गए। प्रकाश के छोटे भाई 29 वर्षीय जतिन की किडनी मैच कर गई। उधर मुरैना निवासी वीरू राठौर (32) की किडनी खराब होने के कारण पिछले दो साल से वह डायलिसिस पर है। वीरू के परिजनों ने दिल्ली के एम्स तक में उपचार कराया, लेकिन जब उसे लाभ नहीं हुआ तो डॉक्टरों ने किडनी ट्रांसप्लांट कराने की सलाह दी। वीरू के पिता की उम्र अधिक होने और मां की किडनी मैच न होने पर प|ी ने जांच कराई जो मैच हो गई। जीआरएमसी की किडनी ट्रांसप्लांट समिति की बैठक प्रभारी डीन डॉ. सरोज कोठारी की अध्यक्षता में हुई। बैठक में मेडिसिन के विभागाध्यक्ष डॉ. ओपी जाटव, सर्जरी के डॉ. एमएम मुदगल, नोडल अधिकारी डॉ. संजय धवले उपस्थित थे। बैठक में दोनों मरीजों को उनके परिजन द्वारा किडनी देने को मंजूरी दे दी। छोटा भाई अपने बड़े भाई और प|ी अपने पति को कैंसर पहाड़ी स्थित सिम्स अस्पताल में किडनी देंगे।
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