| ग्वालियर – एमआईटीएस माधव इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नॉलॉजी एंड साइंस इस इंजीनियरिंग संस्थान में भी ऐसे छात्र-छात्राएं हैं, जिन्हें मदद की जरूरत है और इसीलिए दाे साल पहले अस्तित्व में आई एल्युमनी एसोसिएशन। संस्थान के प्रबंधन और एसोसिएशन से जुड़े पूर्व छात्रों की इस पहल से अब यहां जरूरतमंद छात्र-छात्राओं काे फीस से लेकर सामान तक मदद मिल रही है।
कमजोर छात्रों की मदद के लिए अस्तित्व में आई एल्युमनी एसोसिएशन ।
दो साल पहले फीस के पैसे नहीं हाेने से एक छात्रा काे राेते देखा ताे शुरू हुआ ये सिलसिला
यह सिलसिला दो साल पहले फीस के पैसे नहीं होने के कारण कॉलेज परिसर में रो रही एक छात्रा को मदद पहुंचाने से शुरू किया गया था। दो साल में एल्युमनी एसोसिएशन 5 छात्र-छात्राओं की 4 लाख रुपए से ज्यादा फीस जमा कर चुकी है। छात्रों को 1 लाख रुपए अन्य जरूरतों के लिए दिया गया है। इसके अलावा 1979 बैच के एक छात्र ने पिता की याद में लैब का संधारण करने के लिए 10 लाख रुपए की मदद दी है।
पिता प्राेफेसर थे, उनकी बचत के 10 लाख रुपए बेटे ने छात्रों की लैब के लिए दे दिए
मुंबई में कार्यरत देवांशु चक्रवर्ती, एमआईटीएस से 1979 में पास आउट हुए थे। इनके पिता डॉ. डीपी चक्रवर्ती यहीं पर इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग में प्रोफेसर रहे थे। पिता ने जीवन भर की कमाई से 10 लाख रुपए बचाए थे। देवांशु की मां श्यामला चक्रवर्ती की इच्छा थी कि पति की बचत का रुपया उस संस्थान के छात्रों के लिए दान कर दिया जाए जिस संस्थान को उन्होंने अपना पूरा जीवन दिया था। इसके बाद कुछ समय पहले एल्यूमनी मीट में आए देवांशु ने 10 लाख रुपए संस्थान में लैब को उन्नत करने के लिए दे दिए। बैच के अन्य छात्रों ने भी डेढ़ लाख रुपए जरूरतमंद छात्रों की मदद के लिए दिए हैं।
जरूरतमंद व मेधावी छात्रों की करते हैं मदद
एक छात्रा पर फीस के पैसे न होने से पढ़ाई बंद होने का खतरा था। मदद के लिए एल्यूमनी प्रभात भार्गव से संपर्क किया था। इसके बाद फीस जमा करने के लिए पुराने छात्र आगे आने लगे। मदद के लिए ऐसे छात्र-छात्राओं को तलाश करते हैं जो जरूरतमंद हैं और अकादमिक रिकॉर्ड अच्छा है। -शैलेंद्र सिंह भदौरिया, प्रशासनिक अधिकारी, एमआईटीएस
अकादमिक रिकॉर्ड देखकर ही मदद देते हैं
एमआईटीएस प्रबंधन जरूरतमंद छात्र-छात्राओं के बारे में बताता है। उनका अकादमिक रिकॉर्ड देखने के साथ अन्य पड़ताल की जाती है। इसके बाद जरूरतमंद छात्र-छात्राओं की एल्यूमनी एसोसिएशन द्वारा मदद की जाती है। एसोसिएशन में पुराने छात्र जुडे़ हुए हैं। -प्रभात भार्गव, सचिव, एल्यूमनी एसोसिएशन
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