ग्वालियर-
पाकिस्तान में नरकीय जीवन जीना पड़ता था। उनके साथ अक्सर मारपीट होती थी और वहां के स्थानीय निवासी महिलाओं को उठा ले जाते थे। यही कारण है कि वहां का व्यापार छोड़कर भारत में आकर बस गए। मगर यहां भी उनको नागरिकता नहीं मिली। न वह किसी सरकारी सेवा के लिए आवेदन कर सकते हैं न ही किसी सरकारी योजना का लाभ ले सकते हैं।
यह बात बंटवारे के बाद यातनाओं से तंग आकर भारत लौटे सिंधी समाज के लोगों ने सांसद विवेक शेजवलकर से कही। दरअसल मंगलवार को नागरिकता कानून को लेकर खासगी बाजार स्थित सिंधी धर्मशाला में एक बैठक का आयोजन किया गया था। जिसमें सांसद विवेक शेजवलकर विशेष रूप से उपस्थित थे। इसमें करीब 50 से 60 लोग ऐसे मौजूद थे, जिनको यह यातना झेलनी पड़ी थी। उन्होंने बताया कि भारत में वह अपने नाम से मकान तक नहीं खरीद पाए हैं। हर दो साल में उन्हें पाकिस्तान एंबेसी जाकर अपना वीजा भी आगे बढ़ाने जाना पड़ता है। उन्हें उम्मीद है कि अब यह कानून आया है तो उन्हें भारत की नागरिकता मिलेगी।
नागरिकता कानून लागू नहीं किया तो क्या होगाः-
पाकिस्तान से लौटे जेठानंद का सवाल था कि मध्यप्रदेश सरकार इस कानून को लागू नहीं कर रही है। ऐसे में उनका क्या होगा। इस पर सांसद ने कहा कि यह संसद का बनाया कानून है, जिसे लागू करना ही होगा।
आप भी भारतीय होने का गर्व महसूस कर सकेंगे-
सांसद विवेक शेजवलकर ने कहा कि अब यह नागरिकता कानून आया है तो सभी को भारत की नागरिकता मिल सकेगी और बंटवारे के बाद यातनाएं झेलने के बाद भारत लौटे लोग भी सर उठाकर भारतीय होने का गर्व महसूस कर सकेंगे।
जनता के बीच पहुंच रही भाजपा-
नागरिकता कानून को लेकर अब भारतीय जनता पार्टी आमजन के बीच पहुंच रही है। जिससे इस कानून के फायदे के बारे में सभी को जानकारी हो सके। साथ ही लोगों को यह भी बताया जा सके कि यह कानून किसी की नागरिकता छीनने के लिए नहीं है। यह केवल नागरिकता प्रदान करने वाला कानून है।
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