ग्वालियर -कोई भी अपराधी हो, उसे किसी भी दल व नेता का संरक्षण प्राप्त हो, कितना भी रसूखदार हो, बिना दबाव के उसे पकड़कर जेल भेजें। रेत व खदान माफियाओं का ग्वालियर-चंबल संभाग में काफी आंतक है। किसी भी सूरत में अवैध उत्खनन नहीं होना चाहिए। महिला व एससीएसटी अपराधों को पूरी गंभीरता से लें। नशे के खिलाफ सख्त कार्रवाई करें। य
ग्वालियर
कोई भी अपराधीहो, उसे किसी भी दल व नेता का संरक्षण प्राप्त हो, कितना भी रसूखदार हो, बिना दबाव के उसे पकड़कर जेल भेजें। रेत व खदान माफियाओं का ग्वालियर-चंबल संभाग में काफी आंतक है। किसी भी सूरत में अवैध उत्खनन नहीं होना चाहिए। महिला व एससीएसटी अपराधों को पूरी गंभीरता से लें। नशे के खिलाफ सख्त कार्रवाई करें। यह निर्देश प्रदेश के गृहमंत्री बाला बच्चन ने थानों में दर्ज प्रकरणों के लंबित होने के कारण वाले कॉलम को देखकर ग्वालियर रेंज के पुलिस अधिकारियों को दिए। उन्होंने ग्वालियर में पुलिस कंट्रोल रूम के सभागार में ग्वालियर रेंज की कानून व्यवस्था के पिछले 2 साल में दर्ज हुए अपराधों की समीक्षा बैठक ली। बैठक में डीआईजी एके पांडे, एसपी नवनीत भसीन, शिवपुरी, गुना व अशोक नगर के पुलिस अधीक्षकों की मौजूदगी में एडीजीपी राजा बाबू सिंह ने प्रजेंटेशन के जरिए वर्ष 2017-19 में दर्ज हुए अपराधों और पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई की जानकारी दी।
विवेचक कम हैं, सिपाही जरूरत से अधिकः
गृहमंत्री को बताया कि ग्वालियर सहित अन्य जिलों में एएसआई व एसआई रैंक के अधिकारी कम हैं, जिस कारण प्रकरण लंबित रह जाते हैं। ग्वालियर जिले में स्वीकृत बल से 400 से अधिक सिपाही हैं, जो कि रसूख के बल पर ट्रांसफर कराकर अन्य जिलों से आ गए हैं। गृहमत्री ने एडीजीपी को निर्देशित किया कि पीएचक्यू्् प्रस्ताव बनाकर भेजें। जिन आरक्षकों को एक ही जिले में 10 वर्ष से अधिक हो गए हैं। उन्हें अन्य जिलों में भेजा जा सके। आरक्षकों से प्रस्ताव मांग लें कि वह किस जिले में जाना चाहते हैं, क्योंकि अन्य जिलों में आरक्षकों की कमी हैं।
बैठक में सामने आई भवनों की कमी
– डीआईजी ऑफिस के लिए भवन की आवश्यकता है।
– आरआई के लिए ऑफिस बनना है।
– पुलिस जवानों के लिए हॉस्पिटल बनना है, वर्तमान भवन जर्जर हालत में है।
– सरकारी हथियारों को सुरक्षित रखने के लिए नए भवन की आवश्यकता है।
– जवानों व अधिकारियों के लिए आवास की भी आवश्यकता है।
गृहमंत्री ने इनके प्रोपजल बनाकर पीएचक्यू भिजवाने के लिए कहा है। ताकि राशि स्वीकृत कराई जा सके।
जेल से कोई गैंग संचालित नहीं होना चाहिए-
गृहमंत्री ने संभाग के जेल अधिकारियों की भी मीटिंग ली। उन्होंने कहा कि जेल से कोई गैंग संचालित नहीं होनी चाहिए। जेल में बंद अपराधी किसी सूरत में मोबाइल का उपयोग नहीं कर पाएं। जेल अधीक्षक मनोज साहू ने सेंट्रल जेल के सुरक्षा इंतजामों की जानकारी दी। इसके अलावा उप जेलों की परेशानियों से भी अवगत कराया।
गृहमंत्री ने पड़ाव थाना का किया औचक निरीक्षण
गृहमंत्री बाला बच्चन ने बैठक के बाद एडीजीपी राजाबाबू सिंह, डीआईजी एके पांडे व एसपी नवनीत भसीन को साथ लेकर पड़ाव थाना का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने ने सबसे पहले दर्ज एफआईआर देखीं। बस स्टैंड से पर्स चोरी जाने की एफआईआर को पढ़ा और अपने स्टाफ को अपराध क्रमांक नोट करने को कहा। साथ ही गुंडा रजिस्टर, एचएस रजिस्टर चेक किया। थाने की कार्यप्रणाली की जानकारी लेते हुए लंबित प्रकरणों का निराकरण जल्द करने के निर्देश दिए in hn
पुलिस ने कांग्रेस नेता का गिरेबान पकड़ा, सर्किट हाउस में हंगामा
सर्किट हाउस में धक्का-मुक्की के बीच कांग्रेसी नेताओं ने गृहमंत्री से मुलाकात की। इस दौरान कांग्रेस नेता शीतल अग्रवाल का गिरेबान पकड़ने को लेकर हंगामा हो गया। यह देख नेता सुरक्षा गार्ड पर बिफर गए। लतीफ खां मल्लू ने सुरक्षा गार्ड को खरी-खोटी सुना दीं। गृहमंत्री ने कांग्रेसियों को समझा-बुझाकर शांत करा दिया।
गृह मंत्री से मिला कैट का प्रतिनिधि मंडल-ग्वालियर प्रवास पर आए मध्यप्रदेश के गृह मंत्री बाला बच्चन कॉन्फेडरेशन ऑफ आल इंडिया ट्रेडर्स (कैट)
के प्रतिनिधि मंडल ने पुलिस कंट्रोल रूम में मुलाकात की। इस दौरान कैट के पदाधिकारियों व व्यापारियों ने गृहमंत्री से शहर की कानून व्यवस्था, यातायात व्यवस्था आदि के बारे में चर्चा की। इस दौरान जिलाध्यक्ष रवि गुप्ता, दीपक पमनानी, संजय कट्ठल, मनोज चौरसिया, कविता जैन, साधना शांडिल्य एवं रीना गांधी आदि मौजूद शामिल थे।
रक्षक मोर्चा ने गृहमंत्री को सौंपा ज्ञापन-ग्वालियरसवर्ण समाज की विभिन्न समस्याओं को लेकर रक्षक मोर्चा संघर्ष समिति ने गृहमंत्री बाला बच्चन को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में मांग की गई है कि 4 नवम्बर को पुलिस महानिदेशक द्वारा जारी परिपत्र का विरोध करते हुए मांग की है कि सभी वर्गो के साथ एक समान व्यवहार किया जाए। अगर किसी भी वर्ग के व्यक्ति ने अपराध किया है तो उसके साथ कानून अपने हिसाब से कार्य करे जैसा वह सभी के साथ करता है। साथ ही कम्पू थाना प्रभारी द्वारा बबीता शर्मा के खिलाफ दर्ज किए गए एट्रोसिटी एक्ट की जांच कराई जाए। ज्ञापन देने वालों में मनमोहन शर्मा, राजीव सारस्वत, कैलाश नारायण मिश्रा, अखिलेश पांडेय, सुनील पटेरिया, संजीव गर्ग, राजा चौहान आदि शामिल है।
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