भोपाल- मप्र सरकार एक तरफ ‘शुद्ध के लिए युद्ध” अभियान चला रही है, वहीं दूसरी तरफ इस अभियान की आड़ में कृषि विभाग के अधिकारी खाद-बीज व्यापारियों को धमका कर वसूली कर रहे हैं। भोपाल में कृषि विभाग के संयुक्त संचालक उत्तम सिंह जादौन ने एक व्यापारी की दुकान से सैंपल लिए और नकली खाद-बीज के मामले में फंसाने की धमकी देकर पांच लाख रुपए की मांग की थी। लोकायुक्त की विशेष स्थापना पुलिस ने जादौन को उनके अरेरा कॉलोनी स्थित निवास के पास कार में दो लाख रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथों गिरफ्तार किया। इसके बाद उनके भोपाल स्थित निवास तथा इंदौर के घर पर तलाशी अभियान शुरू किया गया है।
शुद्ध के लिए युद्ध अभियान में कृषि विभाग नकली खाद-बीज की व्यापारियों के ठिकानों से सैंपल ले रहा है और उनके खिलाफ कार्रवाई कर रहा है। इसी कड़ी में भोपाल में पदस्थ कृषि विभाग के संयुक्त संचालक उत्तम सिंह जादौन ने अपने अमले के साथ सात दिन पहले नरेला शंकरी क्षेत्र में मानसिंह राजपूत नाम के खाद-बीज व्यापारी की दुकान पर कार्रवाई की थी।
राजपूत के यहां से जादौन ने सैंपल लिए थे, लेकिन इसके बाद कार्रवाई के साथ उन्होंने व्यापारी से लगातार संपर्क किया। बताया जाता है कि मानसिंह राजपूत ने लोकायुक्त की विशेष स्थापना पुलिस में शिकायत की है कि जादौन द्वारा पांच लाख रुपए की रिश्वत मांगी जा रही थी। शुक्रवार को जादौन ने मानसिंह से एक लाख रुपए ले लिए और शनिवार को दो लाख रुपए देने की बात हुई थी।
उन्होंने राजपूत को कैंपियन स्कूल के पास स्थित अपने ई-7 अरेरा कॉलोनी के निवास पर राशि लेकर बुलाया था। जादौन घर के पास एक इनोवा कार में बैठे थे और मानसिंह राजपूत को उसी कार में बुला लिया। कार में दोनों के बीच राशि के लेन-देन के संकेत मिलते ही विशेष पुलिस स्थापना की टीम ने जादौन को रंगेहाथों पकड़ लिया।
इसके बाद उनके निवास पर कार्रवाई शुरू की। इसके साथ ही जब टीम को पता चला कि उनका इंदौर में भी एक मकान है तो वहां भी विशेष पुलिस स्थापना की इंदौर टीम को भेजकर तलाशी शुरू की गई। विशेष पुलिस स्थापना ने जादौन व राजपूत की लेन-देन की इस बातचीत को भी रिकॉर्ड किया है।
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