ग्वालियर- डबरा नगर में संचालित कोचिंग सेंटरों पर दिनभर असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लग रहा है। ये असामाजिक तत्व वहां पढ़ने आने वाली छात्राओं से छेड़खानी तक करने से बाज नहीं आते। इस कारण पढ़ाई के लिए आने वाली छात्राओं का निकलना मुश्किल हो गया है। कोचिंग सेंटर पर खड़े होने वाले इन असामाजिक तत्वों के बीच कई बार झगड़े की स्थिति भी बनती है।
कोचिंग सेंटर सुबह ८ बजे से सांय ६ बजे तक चलेंजिससे बच्चियां सुरछित घर पहुंच सके भयवश और अन्य वजहों से पुलिस रिपोट नहीं होती जबरन लड़के मोबाईल और पत्र देते दीखते, पुलिस नियमित गस्त लगाए ,संत कंवरराम स्कुल, वनखंडेश्वर स्कुल, सुमंगला मार्ग, ढीमरपुरा, उषा कॉलोनीकमलेश्वर कॉलोनी जवाहरगंज में आवारा लड़के बिना नंबरों की या स्टाइल्स नंबर लिखे वाहनों से बाइकों से से फुल स्पीड से बिना लायसेंस चलते
कोचिंग सेंटर पढ़ाने वालों का भी वेरिफिकेशन हो
उल्लेखनीय है कि नगर में पढ़ाई के नाम पर लगभग एक सैकड़ा से अधिक कोचिंग सेंटर चल रहे हैं। परंतु इन कोचिंग सेंटरों में सुरक्षा के इंतजाम है और ही सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। इससे कोंचिंग के आसपास खड़े होने वाले युवकों पर नजर रखी जा सके। नगर में चल रही इन कोचिंग सेंटर में होने वाली अनियमितताओं को लेकर आए दिन शिकायत मिलती रहती है।
बीते दिनों भी एक कोचिंग सेंटर भितरवारद्वारा की गई अनियमितता का वीडियो वायरल हुआ था। इसके बाद शिक्षा विभाग द्वारा न तो नियमित रूप से कोचिंग सेंटर की मॉनिटरिंग कराई जा रही है और न ही पुलिस व प्रशासन द्वारा कोचिंग सेंटर पर सुरक्षा व्यवस्था के इंतजाम का कभी जायजा लिया। पुलिस की अनदेखी के कारण कोचिंग सेंटरों पर आवारा लोगों का जमघट लगा रहता है।
नहीं है सुरक्षा के इंतजाम
प्रशासन द्वारा कोचिंग सेंटर संचालकों को हिदायत दी गई थी कि वह कोचिंग सेंटरों पर पढ़ने के लिए आने वाले छात्र-छात्राओं की सुरक्षा को देखते हुए अग्निशमक यंत्र रखवाएं, हर छात्र का पहचान पत्र बनाए और कोचिंग आने वाले छात्रों की रजिस्टर में एंट्री करें। इसके साथ कोचिंग सेंटर के अंदर और बाहर सीसीटीवी कैमरे लगवाए जाएं, जिससे कोचिंग के आसपास खड़े हुए आवारा युवकों पर नजर रखी जा सके। परंतु प्रशासन और शिक्षा विभाग के सुस्त रवैये के कारण कोचिंग सेंटर संचालक किसी भी निर्देश का पालन नहीं कर रहे हैं। इसके अलावा संचालकों को हिदायत दी गई थी कि वह कोचिंग सेंटर के पास पार्किंग की व्यवस्था करें जिससे यातायात बाधित न हो, लेकिन आज भी कोचिंग सेंटर में आने वाले छात्र-छात्राओं की साइकिल और बाइकें सड़क पर खड़ी रहती है।
शासकीय स्कूलों के शिक्षक चला रहे हैं कोचिंग
शासन द्वारा हाल में आदेश जारी किया गया था कि शासकीय स्कूलों के शिक्षक कोचिंग क्लास संचालित नहीं करेंगे और कोई शिक्षक कोचिंग चलाता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। लेकिन नगर के सभी वार्डो में ऐसी कोई गली नहीं, जहां दो तीन शासकीय शिक्षक बच्चों को ट्यूशन या कोचिंग न दे रहे हो। कई शिक्षक तो नगर के चर्चित कोचिंग सेंटरों पर मोटी फीस लेकर पढ़ाने जाते हैं।
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