ग्वालियर
संभागायुक्त एमबी ओझा ने कलेक्टर अनुराग चौधरी, नगर निगम आयुक्त संदीप माकिन के साथ जेएएच की ओपीडी का निरीक्षण किया। संभागायुक्त ने मरीजों की भीड़ देखकर रेडियोलॉजी की प्रोफेसर डॉ. अक्षरा गुप्ता से पूछा कि अल्ट्रासाउंड के लिए कितनी वेटिंग चल रही है। वे बोलीं- एक सप्ताह की।
इसी बीच कलेक्टर ने वहां खड़े मरीजों से पूछा तो उन्हें पता चला कि वेटिंग एक माह से अधिक की चल रही है। इस पर कलेक्टर ने कहा-अल्ट्रासाउंड के लिए मरीजों को एक-एक माह की वेटिंग दी जा रही है और आप संभागायुक्त को ही गलत जानकारी दे रही हो। अगर किसी मरीज को बीमारी अभी है तो वह अल्ट्रासाउंड अगले माह कराएगा क्या? संभागायुक्त ने कहा कि अल्ट्रासाउंड की वेटिंग खत्म करें। डॉ. अक्षरा गुप्ता बोली- वेटिंग खत्म करने के लिए चार अल्ट्रासाउंड मशीनें और चाहिए। सरकारी खरीद में जो मशीनें आ रही हैं, उनकी क्वालिटी अच्छी नहीं है। फिलिप्स या जीई कंपनी की मशीनें अच्छी हैं। संभागायुक्त बोले- हमें तो पैसे देने हैं, इन्हीं कंपनी की मशीनें खरीद लें और वेटिंग खत्म करें। अल्ट्रासाउंड कक्ष में टेबल पर गंदी चादर देखकर कलेक्टर बोले कि इतनी गंदी चादर है, इससे तो मरीज को इंफेक्शन हो जाएगा, इसे बदलवाएं। संभागायुक्त को निरीक्षण के दौरान कई जगह अव्यवस्थाएं मिलीं।
ये भी मिली खामियां:
बिना आईकार्ड के मिले सुरक्षाकर्मी
अधिकारियों को निरीक्षण के दौरान बीवीजी के सुरक्षाकर्मी बिना आईकार्ड के ड्यूटी पर मिले। इसे लेकर कलेक्टर ने कहा यह ठीक नहीं है, सुरक्षा गार्डों को आईकार्ड पहनना चाहिए। इसी बीच सुपरवाइजर परवेज खान वहां पहुंच गए और उनके गले में भी आईकार्ड नहीं था। इसे देखकर कलेक्टर ने परवेज से कहा- जब आप खुद ही आईकार्ड नहीं पहने हुए हैं तो अन्य सुरक्षा कर्मी क्यों पहनेंगे। परवेज की कमीज का कॉलर भी फटा हुआ था, जिसे लेकर परवेज ने बीवीजी कंपनी के अधिकारियों पर आरोप लगाते हुए कहा कि कंपनी के अधिकारियों से वह कई बार बोल चुके हैं, लेकिन न तो ड्रेस मिली और न ही आई कार्ड।
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