ग्वालियर
बिजली कंपनी के एसटीसी संभाग में घपलोंका सिलसिला नहीं थम रहा है। इसी भ्रष्टाचार केचलते कंपनी ने मुरैना, दतिया, श्योपुर व गुनाजिले के एसटीसी संभागों को खत्म कर उससेजुड़े दूसरे जिलों के एसटीसी संभागों में मर्ज करदिया है। 30अक्टूबर को यह सभी संभाग खत्मकर दिए गए हैं। इनके खत्म होने बावजूद इसकेअधिकारियों ने भ्रष्टाचार करने में कोई कसरनहीं रखी तथा एक-एक दिन में चालीस-चालीस बिलों को पास किया जो अब बिजली कंपनी मेंचर्चा का विषय बना हुआ है।
सूत्रों की माने तो यह बिल भी उन ठेकेदारोंके पास किए गए हैं जिन्होंने काम पूरे नहीं किएहैं। अगर हाल ही में पास किए इन बिलों के कामोंकी जांच कराई जाए तो पूरा मामला सामने आजाएगा तथा क राए गए कामों की हकीकत सामनेआ जाएगी।
विवादों में रहा एसटीसी संभाग-बिजली कंपनी का एसटीसी संभाग शुरु से
विवादों में रहा। इन विवादों का मुय कारणभ्रष्टाचार है। इस भ्रष्टाचार को सरकार की जनहितैषी योजनाओं ने और हवा दे दी। इसके कारणयोजनाएं भी पूरी नहीं हो सकीं और उसकापरिणाम यहनिकला कि कंपनी और उपभोक्तादोनों ठगे गए। कंपनी का धन बेकार चला गयाऔर उपभोताओं को पूरी सुविधा नहीं मिली।
इन योजना पर जनता के धन की लूट की गई।
सौभाग्य योजना में जमकर घोटालाएसटीसी संभाग द्वाराप्रधानमंत्रीसौभाग्ययोजना में जमकर घोटाला किया गया है। यहघोटाला ठेकेदार व एसटीसी संभाग केअधिकारियों की मिलीभगत से किया गया। यहघोटाला अकेले ग्वालियर में नहीं बल्कि पूरेग्वालियर रीजन में किया गया।
ऊर्जा मंत्री ने बैठाई भिण्ड-मुरैनामें हुए घोटालों पर जांच
भिण्ड व मुरैना में सौभाग्य योजना में व्यापक स्तर
पर घोटाला हुआ है जिसकी जांच के लिए प्रदेश के
ऊर्जा मंत्री प्रियव्रत सिंह ने उच्च स्तरीय कमेटी केआदेश दे दिए हंै। हाल ही में ग्वालियर आए ऊर्जामंत्री को जब भिण्ड-मुरैना के विधायकों नेपूरेघोटाले की जानकारी दी तो मंत्री ने जांच समितिगठित करने के आदेश जारी कर दिए। इन दोनोंजिलों के एसटीसी संभाग की इन घोटालों में अहमभूमिका बताई जाती है।–
–अधिकारी व ठेकेदारों की मिलीभगत
यह घोटाले आमतौर पर बिजली विभाग के अधिकारियों कीमिलीभगत से होते हैं। भिण्ड-मुरैना में भी यही हुआ तथाअब मुरैना, दतिया, श्योपुर व गुना में भी इसी प्रकार कोघोटाले होने की बात कही जा रही है।
ग्वालियर ओएण्डम की लगने लगी बोली-
कंपनी प्रबंधन ने ग्वालियर सिटी के एसटीसी संभाग कोग्वालियर ओएण्डएम में मर्ज कर दिया है। इससे अबग्वालियर ओएण्डएम के उपमहाप्रबंधक के पास सिटी काभी कार्यक्षेत्र आ गया है जिससे यह पद अब भ्रष्टाचार कीनजर से बहुत अहम हो गया है। सूत्रों की माने तो अबडीजीएम एसटीसी संभाग ओएण्डएम के पद के लिए बोलीलगना शुरु हो गई है और बोली की रकम 15 लाख रुपएबताई जा रही है। जैसे ही खरीददार मिल जाएगा वर्तमानमें पदस्थ डीजीएम राजन मिश्रा को पद से हटा कर उसकीपदस्थी कर दी जाएगी।
इनका कहनाअगर काम नहीं हुए हैं और बिल पास किए गए हैं तो उनकी
जांच जरूर कराई जाएगी। मेरे द्वारा इस मामले में जांच
कराई जाएगी।
जीके भरदया, मुय महाप्रबंधक, ग्वालियर रीजन
मक्षेविवि कंपनी, ग्वालियर-
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