हिम्मत समाचार/मध्य प्रदेश/ छत्तीसगढ़
(सारा सच हिम्मत के साथ)
कुलदीप सिंह “सन्नी”
HS NEWS/सिंगरौली:- अयोध्या को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने शनिवार 9 नवंबर को सर्वसम्मति के दिए फैसले में अयोध्या में विवादित स्थल पर राम मंदिर के निर्माण का मार्ग प्रशस्त कर दिया और केन्द्र को निर्देश दिया कि 3 माह के भीतर ट्रस्ट बनाकर मंदिर का निर्माण कराए। साथ ही नयी मस्जिद के निर्माण के लिये सुन्नी वक्फ बोर्ड को प्रमुख स्थान पर पांच एकड़ का भूखंड आवंटित भी किया जाए। प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय संविधान पीठ ने इस व्यवस्था के साथ ही राजनीतिक दृष्टि से बेहद संवेदनशील 134 साल से भी अधिक पुराने इस विवाद का पटाक्षेप कर दिया। हालांकि राम मंदिर – बाबरी मस्जिद जमीनी विवाद पर उम्मीद जताई जा रही थी कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा अगले सप्ताह फैसला सुनाया जा सकता है। शुक्रवार सुबह सुप्रीम कोर्ट द्वारा उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव राजेंद्र कुमार तिवारी और डीजीपी ओमप्रकाश सिंह को बुलाकर कानून व्यवस्था की तैयारियों की

समीक्षा की थी, जिसके बाद से ही यह कयास लगाए जाने लगे थे कि संभवत 15 तक सुप्रीम कोर्ट इस बहुचर्चित विवाद पर फैसला सुनाएगी। परंतु कल रात 9:00 बजे के बाद जैसे ही कोर्ट की वेबसाइट पर नोटिस डालकर शनिवार सुबह 10:30 बजे फैसला सुनाए जाने की जानकारी मिली, वैसे ही घटनाक्रम बहुत तेजी से बदलने लगे। उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में धारा 144 प्रभावशील कर दी गई। वहीं एहतियात के तौर पर देर रात तक कई स्थानों पर पुलिस का फ्लैग मार्च चलता रहा। इसके अलावा आनन-फानन में कई राज्यों में शासकीय व अशासकीय स्कूल व कॉलेज शनिवार को बंद करने का फरमान भी जारी कर दिया गया।
मोरवा में चाक-चौबंद रही सुरक्षा व्यवस्था।
_शुक्रवार देर रात सुप्रीम कोर्ट द्वारा फैसला सुनाए जाने को लेकर उत्तर प्रदेश की सीमा से सटे सिंगरौली जिले के मोरवा थाना क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। पुलिस अधीक्षक अभिजीत रंजन के निर्देशन पर मोरवा निरीक्षक नागेंद्र प्रताप सिंह सदल बल सायरन बजाकर क्षेत्र के भ्रमण पर निकल पड़े। वहीं सार्वजनिक स्थलों के साथ धार्मिक स्थलों पर भी सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई। इसके साथ ही संदिग्धों से पूछताछ के साथ राहगीरों की चेकिंग भी जारी रखी गई। किसी भी घटना को रोकने एवं असामाजिक तत्वों पर लगाम लगाने के लिए मोरवा पुलिस का यह क्रम शनिवार शाम तक चलता रहा।
अंतर राज्य सीमा पर चलती रही चेकिंग, शराब दुकानें हुई सील
फैसले के मद्देनजर वरिष्ठ अधिकारियों की देखरेख में खनहना चेक पोस्ट पर संदिग्ध वाहनों की चेकिंग लगातार जारी रही। सहायक उपनिरीक्षक शिवनाथ प्रजापति एवं आरक्षक अरुणेंद्र पटेल की तैनाती में बॉर्डर क्षेत्र पर हर आने जाने वाले संदिग्ध वाहनों की जांच जारी रही। वहीं रेलवे स्टेशन पर सहायक उपनिरीक्षक रामकुमार सुमन व प्रधान आरक्षक बृहस्पति पटेल द्वारा एवं मोरवा बस स्टैंड पर प्रधान आरक्षक राजवर्धन सिंह व आरक्षक सुबोध सिंह तोमर द्वारा संदिग्धों की जांच की जाती रही। इसके साथ ही शनिवार सुबह 9:00 बजते बजते क्षेत्र के तमाम शराब दुकानों को आबकारी विभाग द्वारा अगले आदेश तक के लिए सील कर दिया गया।
फैसला सुनने के लिए उत्सुक दिखे लोग।
सुबह से लोग देश के शीर्ष न्यायालय के फैसला सुनने को उत्सुक दिखे। 10:30 बजते बजते सभी टीवी या मोबाइल पर इस बहुचर्चित मामले की जानकारी लेने में जुट गए। हर आम और खास ने अमन के साथ सुप्रीम कोर्ट के फैसले का सम्मान किया।
कोर्ट के फैसले पर सिंगरौली विधायक रामलल्लू वैश्य ने खुशी जाहिर करते हुए बताया की न्याय की जीत हुई है। फैसला न्याय संगत से हुआ है, जिसमें दोनों पार्टियों को संतुष्ट किया गया है। ट्रस्ट बनाने की जिम्मेदारी केंद्र को जिम्मेदारी दी गई है। अब विवादित स्थल पर रामलला विराजेगे। सभी को कोर्ट के फैसले का सम्मान करना चाहिए और क्षेत्र की अमन और शांति बरकरार रखने में सहयोग देना चाहिए।
मोरवा गौसुलवारा जामा मस्जिद के सदर जियाउल रहमान ने फैसले का स्वागत कर क्षेत्र के हिंदू भाइयों को शुभकामनाओं के साथ जल्द राममंदिर बनाने की कामना की। उनका मानना था कि यह फ़ैसला निष्पक्ष आया है, इसमें दोनों पार्टी की जीत हुई है। हमारा शुरू से मानना था कि नमाज पढ़ने के लिए सुकून की जगह होनी चाहिए। हम पूर्व में भी कह रहे थे कि कोर्ट का जो भी निर्णय आएगा, वह हमारे सर आंखों पर होगा। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले से भारत की संस्कृति, तहजीब और भाईचारे की जीत हुई है।
कांग्रेस पार्टी के जिला महासचिव शेखर सिंह ने इस फैसले का स्वागत किया है। उन्होंने बताया की सुप्रीम कोर्ट द्वारा सबूतों को आधार मानते हुए अपना फैसला दिया गया है, जिसका वह सम्मान करते हैं। वहीं मुस्लिम पक्ष को मस्जिद के लिए 5 एकड़ की जमीन दी गई है जिसमें एक भव्य मस्जिद का निर्माण भी हो सकेगा।
सिंगरौली शिवमंदिर कमिटी के पूर्व सदस्य एवं व्यापारी दीना बंसल ने फैसले का स्वागत किया है। उन्होंने बताया कि दोनों पक्षों को ध्यान में रखते हुए यह बहुत ही संतुलित फैसला दिया गया है। अयोध्या में अब राम मंदिर का रास्ता साफ हो गया है। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले का सबको सम्मान करना चाहिए।
फैसले की बड़ी बातें देखे
☑सुप्रीम कोर्ट ने फैसला देकर विवादित स्थल पर राममंदिर का रास्ता साफ कर दिया।
☑विवादित जमीन पर माना गया रामलला का हक।
☑सुन्नी वक्फ को 5 एकड़ वैकल्पिक जमीन मिलेगी।
☑निर्मोही अखाड़े और शिया वक्फ बोर्ड का दावा खारिज।
☑पक्षकार गोपाल विशारद को मिला पूजा-पाठ का अधिकार।
☑तीन महीने में केंद्र सरकार करेगी मंदिर ट्रस्ट का गठन।
☑राम मंदिर निर्माण की रूपरेखा तैयार करेगा नया ट्रस्ट।
☑मुस्लिम पक्ष को जमीन देने की जिम्मेदारी योगी सरकार की।
☑आस्था और विश्वास पर नहीं, कानून के आधार पर फैसला।
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