ग्वालियर –
सिंध नदी के घाटों पर अवैध रूप से रेत के उत्खनन व परिवहन मेंकार्रवाई के लिए कैथोदा घाट पर कार्रवाई के लिए प्रशासन की टीम पुलिस थाने में सूचना दिए बगैर पहुंची, जिसका असर भी यह हुआ कि टीम ने घाट पर अवैध उत्खनन कर रही तीनों पनडुब्बियों को पकड़ लिया और उन्हें मौके पर नष्ट करवा दिया। यहां बता दें दो दिन पहले सूचना लीक होने के कारण बाबूपुर घाट पर पनडुब्बियों को पकड़ने के लिए गई टीम के पहुंचने से पहले ही रेत माफिया पनडुब्बियों को लेकर भाग गए थे।
दरअसल एसडीएम राघवेंद्र पांडेय को पिछोर क्षेत्र में सिंध नदी के कैथोदा घाट पर पनडुब्बियों से रेत निकाले जाने की सूचना मिली थी। जिसके चलते इन्हें पकड़ने के लिए नायब तहसीलदार श्यामू श्रीवास्तव के साथ मिलकर योजना बनाई गई। योजना के तहत नायब तहसीलदार श्री श्रीवास्तव सुबह नौ बजे राजस्व अमले के साथ घाट पर पहुंच गए। घाट पर तीन पनडुब्बियों को पकड़ा गया, लेकिन रेत माफिया पकड़ में नहीं आ सके। इन्हें मौके पर ही नष्ट करा दिया गया। इसके अलावा आसपास तलाश करने पर काफी मात्रा में डंप की गई रेत भी मिली मिली, जिसे जब्त किया गया है। इसमें खास बात यह रही कि प्रशासन की टीम द्वारा कार्रवाई को लेकर पुलिस को किसी प्रकार की भनक तक नहीं लगने दी। जिसका परिणाम यह निकला कि घाट पर तीनों ही पनडुब्बियों को पकड़ लिया गया।
हालांकि एसडीओपी उमेश तोमर को कार्रवाई किए जाने के बारे में सूचना तो दी गई, लेकिन यह नहीं बताया गया कि कब और कहां कार्रवाई की जाना है। वहीं शाम करीब पांच बजे पिछोर थाना प्रभारी सुरेंद्र सिंह कुशवाह पुलिस बल के साथ घाट पर पहुंच गए थे।
दो दिन पहले सूचना लीक होने से नहीं मिल पाई थी पनडुब्बी
पुलिस को कार्रवाई करने की जगह नहीं बताई
 एसडीएम के निर्देशन में कैथोदा घाट पर कार्रवाई की योजना बनाई गई थी। इसके बाद थाने में बिना सूचना दिए घाट पर पहुंचे और तीन पनडुब्बियों को मौके से पकड़ा गया। जिन्हें नष्ट करा दिया गया है। डबरा एसडीओपी को कार्रवाई के बारे में सूचना दी गई थी, लेकिन यह नहीं बताया कहां कार्रवाई करेंगे।  श्यामू श्रीवास्तव, नायब तहसीलदार, बिलौआ वृत्त
पुलिस तैयार थी, लेकिन सूचना पूरी नहीं दी गई थी
 रेत के अवैध उत्खनन को लेकर कार्रवाई किए जाने की सूचना थी। हमसे पुलिस बल की आवश्यकता पड़ने पर पुलिस बल भेजने की बात कही गई थी। कहां और कब कार्रवाई की जानी है यह नहीं बताया था। इसके बाद कोई सूचना दी भी नहीं गई। प्रशासन ने जब-जब सहयोग मांगा है, पूरा सहयोग पुलिस के द्वारा दिया गया है। अबकि भी पुलिस तैयार थी।  उमेश तोमर, एसडीओपी, डबरा
बाबूपुर घाट व सड़कों पर अवैध रूप से रेत का परिवहन किए जाने के चलते नायब तहसीलदार द्वारा दो दिन पहले 26 ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को पकड़ा गया था। इस संबंध में पता चला हे जितना जुर्माना लगाया जाता है उससे ज्यादा तो रेत माफियाओं की एक दिन की कमाई होती है। इसके अलावा यह भी सवाल उठाया था कि बिना कमर्शियल लाइसेंस के ट्रैक्टर-ट्रॉलियों का उपयोग होने के बाद भी आरटीओ को कार्रवाई के लिए नहीं भेजा जाता है। खबर का संज्ञान लेकर अब प्रशासन द्वारा जब्त किए गए सभी वाहनों पर कार्रवाई के लिए प्रतिवेदन बनाकर आरटीओ को भेजा गया है।
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