ग्वालियर-
अंतरराष्ट्रीय स्तर के स्वीमिंग पूल और मल्टी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का कामखेलो इंडिया योजना के अंतर्गत सचिन तेंदुलकर मार्ग पर इस वर्ष के अंत तक शुरु होने की संभावना है। आठ महीने से पेंडिंग इस प्रोजेक्ट को खेल एवं युवक कल्याण विभाग की मंजूरी मिल गई है। अब बजट के लिए इसकी फाइल नई दिल्ली स्थित स्पोर्ट्स अथॉरिटी आफ इंडिया (साई) को भेजी जाएगी। इन दोनों प्रोजेक्ट की लागत लगभग 21 करोड़ रुपए निर्धारित की गई है।
यह है खेलो इंडिया योजना: देश में खेलों को बढ़ावा देने के लिए भारत सरकार के खेल मंत्रालय ने दो वर्ष पहले नई योजना ‘खेलो इंडिया’ शुरू की थी। इस योजना में प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को ट्रेनिंग दी जाना है, ताकि देश में खेल के स्तर में सुधार किया जा सके। योजना के अंतर्गत खेल के विकास के लिए सरकार ने 2020 तक 1756 करोड़ रुपए खर्च करने का प्लान तैयार किया है। इसमें उन संस्थाओं को पैसा दिया जाएगा जो खेलों काे बढ़ावा देने के लिए वर्ष भर कार्यक्रम चलाती हैं। इस योजना के लिए ग्वालियर ने सिंधिया गोल्ड कप सहित अपने जिला से राष्ट्रीय स्तर तक के कार्यक्रमों की जानकारी भेजी है।
हमने फाइल भेजी है
 खेल इंडिया के तहत संस्थाओं ने अपने परफाॅर्मेंस के बारे में जानकारी दी है। परीक्षण के बाद उनकी फाइल को भेज दिया गया है। इसका बजट केंद्र से सीधे संस्था को अलॉट होगा। हमें उम्मीद है कि शीघ्र ही काम शुरू किया जाएगा। बालू सिंह यादव, डिप्टी डायरेक्टर खेल एवं युवक कल्याण विभाग
यह होगा शहर को फायदा
मल्टी स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स बनने के बाद यहां राष्ट्रीय स्तर की वॉलीबॉल प्रतियोगिता का आयोजन किया जा सकता है। ग्वालियर में 2010-2011 में पहली बार इसकी राष्ट्रीय प्रतियोिगता हुई थी। कॉम्प्लेक्स में इसके अलावा कई अन्य इंडोर गेम की प्रतियोगिताएं भी आयोजित कराई जा सकेंगी। स्वीमिंग पूल बनने के बाद राष्ट्रीय प्रतियोगिता का आयोजन किया जा सकता है। ग्वालियर में जूनियर राष्ट्रीय प्रतियोगिता एक बार हुई है, जब तरण पुष्कर का उद्घाटन हुआ था।
मल्टी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स
मल्टी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में एक ही छत के नीचे बॉक्सिंग, टेबल-टेनिस, बैडमिंटन, रेसलिंग, जूडो, फेंसिंग, हैंडबॉल, जिम्नास्टिक सहित कई गेम खेले जा सकेंगे। यहां चेंजिंग रूम, योगा फ्लोर के अलावा कांफ्रेंस हॉल भी तैयार किया जाएगा। इसकी लागत 9.32 करोड़ आएगी।
स्वीमिंग पूल
स्वीमिंग पूल का निर्माण अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार किया जाएगा। इसमें खिलाड़ियों के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर की जिम व अन्य सुविधाएं रहेंगी। यहां यूवी (अल्ट्रावॉयलेट) फिल्ट्रेशन प्लांट भी प्रस्तावित है। काम शुरु होने के बाद इसके निर्माण में 15 से 18 माह का समय लगेगा।
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