
– *जनप्रतिनिधियों ने विकास से जुड़े अहम सुझाव दिए, गम्भीरता से लेने की हिदायत*
– *बैठक से अनुपस्थित चार अधिकारियों से प्रभारी मंत्री ने मांगा स्पष्टीकरण*
बलिया: प्रभारी मंत्री अनिल राजभर की अध्यक्षता में गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभागार में हुई जिला योजना समिति की बैठक में 469 करोड़ के प्रस्ताव पर मुहर लगी। समिति के सदस्यों ने जनपद के विकास से जुड़े अपने अहम सुझाव भी दिए। बैठक में उपायुक्त (उद्योग) के साथ लघु सिंचाई, जल निगम, लोनिवि निर्माण शाखा के अधिशासी अभियंता के अनुपस्थित रहने पर जनप्रतिनिधियों ने नाराजगी व्यक्त की। प्रभारी मंत्री ने सभी अनुपस्थित अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा।
प्रभारी मंत्री राजभर ने कहा कि सभी जनप्रतिनिधि और यहां के अधिकारी मिलकर बलिया जनपद के सर्वांगीण विकास में अपना योगदान दें। अधिकारी भी निःसंकोच होकर यह बताएं कि आपके विभाग में क्या बेहतर हो सकता है। उस पर हम सब विचार करेंगे और निश्चित रूप से बेहतर परिणाम सामने आएगा। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों की ओर से विकास के संबंध में कोई प्रस्ताव मिले तो उस पर गंभीरता से विचार हो। जो भी निर्माण कार्य हो रहे हैं उसकी प्रगति व खर्च से वहां के क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों को अवगत कराते रहें।
बैरिया-मांझी मार्ग की दुर्दशा पर सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त ने कहा कि एनएच के अधिकारी का कार्य ठीक नहीं है। जिलाधिकारी इस पर ध्यान दें कि यह मार्ग जल्द ही चलने लायक पहले बन जाए। खेल मंत्री उपेंद्र तिवारी ने प्राथमिक विद्यालयों में खेलकूद और पुस्तकालय के लिए आए हुए धन के सदुपयोग सम्बन्धी पूछताछ की। सीडीओ को निर्देश दिया कि इसकी बकायदा मॉनिटरिंग करें कि कहां-कहाँ पैसा गया और उसका कितना सदुपयोग हुआ। उन्होंने आइटीआई स्कूलों की बदहाल व्यवस्था पर नजर रखने और उसे सुधारने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि हर गांव में खेल मैदान की जमीन है उसे खेलने के प्रयोग में ही लाया जाए। अगर उस पर कोई अतिक्रमण है तो वह चाहे कोई भी हो, उसे पूरी सख्ती के साथ हटाया जाए।
*स्वास्थ्य विभाग की व्यवस्था सुधारें, बाबुओं पर कसें नकेल*
खेल मंत्री उपेंद्र तिवारी ने स्वास्थ्य विभाग में आरबीएसके योजना में वाहनों के संचालन में अभी भी पारदर्शी व्यवस्था नहीं होने पर सीएमओ से सवाल किया। भोजन, चादर समेत गरीब जनता की सेवा सम्बन्धी कार्यों में अनियमितता की तरफ ध्यान आकृष्ट कराते हुए सुधार लाने की चेतावनी दी। बैठक में भाजपा जिलाध्यक्ष विनोद दूबे ने एनएचएम के बाबू मुन्ना पटेल व मनोज यादव की कार्यशैली की शिकायत की। इस पर सांसद मस्त ने सीएमओ से सवाल किया कि ‘दिशा’ की बैठक में यही शिकायत आने के बावजूद अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई। स्वास्थ्य विभाग की व्यवस्था में सुधार नहीं होने का जिम्मेदार आखिर कौन है। अंत में प्रभारी मंत्री ने कड़े शब्दों में सीएमओ से कहा कि दोनों बाबूओं पर तत्काल कड़ी कार्रवाई कर अवगत कराएं। साथ ही चिकित्सा व्यवस्था सुधारने के लिए जो भी करना है, स्वतन्त्र होकर करें।
*बाढ़ विभाग के कार्यों की हो जांच, एक महीने में देनी है रिपोर्ट*
खेल मंत्री उपेंद्र तिवारी ने बाढ़ विभाग के अधिशासी अभियंता से सवाल करते हुए कहा, अठगावा की तरफ दो वर्ष पहले बंधे से एक किमी दूर बह रही घाघरा आज बंधे के पास आ गई हैं। वहीं, बिहार सरकार ने लाला टोला में जेपी स्मारक और आबादी बचाने के लिए जो कटानरोधी काम कराया, वह कारगर रहा और वहां कटान से लोगों को राहत मिल गई। ऐसा काम यहां क्यों नहीं हो पा रहा है। पिछले 7-8 वर्ष में हुए खर्च का विवरण मांगते हुए मंत्री तिवारी ने शासन स्तर से बाढ़ विभाग के कार्यों की जांच कराने की बात सदन में रखी। सांसद मस्त ने भी इस पर समर्थन करते हुए एक महीने की समयसीमा तय की और जांच रिपोर्ट उपलब्ध कराने की बात जिलाधिकारी से कही।
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*कटहल नाला, भाखड़ नाला प्रोजेक्ट पर हों गम्भीर*
सांसद मस्त ने सिंचाई विभाग के अधिकारी को निर्देश दिया कि गडहंचल, सुरहा ताल के अलावा कटहल नाला और भाखड़ नाला की परियोजना पर गम्भीरता से काम हो। योजना बनाकर उसको भेजें, स्वीकृति के लिए हम सब मिलकर भी प्रयास करेंगे। उन्होंने जोर देकर कहा कि बहेरी में कटहल नाला की पुरानी पुल का मलबा निकालने के लिए आश्वासन नहीं, बल्कि अब तिथि निर्धारित कर बताएं। पानी निकासी के प्रति लापरवाही कत्तई क्षम्य नहीं होगी।
*जनप्रतिनिधियों को इग्नोर किया तो भुगतने पड़ेंगे परिणाम*
सांसद मस्त ने अधिकारियों को कड़े शब्दों में समझाते हुए दो टूक कहा कि जनप्रतिनिधि की भी जवाबदेही बनती है। लेकिन कई बार अधिकारी उनको इग्नोर कर देते हैं। अगर अधिकारी उनकी नहीं सुनते है तो यह आपत्तिजनक है। इसमें सुधार नहीं हुआ तो अब जल्द ही बड़ी कार्रवाई होगी। सांसद मस्त की इस बात पर हर किसी ने समर्थन दिया।
*सीमावर्ती गांवों में विकास के लिए अलग से बनाएं योजना*
सांसद मस्त के सुझाव पर, प्रभारी मंत्री अनिल राजभर ने कहा कि सीमावर्ती गांवों में विकास की योजनाएं अलग से बनाई जाए। उन गांवों में आज भी अपेक्षित विकास नहीं हो सका है। द्वाबा में एक गांव को दूसरे गांव से जोड़ना और फिर मुख्य मार्ग से जोड़ने के लिए लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया। सरकारी नलकूपों की समीक्षा के दौरान सही-सटीक जवाब नहीं दे पाने पर प्रभारी मंत्री ने कहा कि एक महीने के अंदर सभी सरकारी नलकूप सही हालत में होने चाहिए।
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*बजट कम आवंटित हो तो करें सूचित*
राज्यसभा सांसद नीरज शेखर ने अधिकारियों से आग्रह किया कि जो धनराशि प्रस्तावित हो रही है अगर वह बजट नहीं मिले या कम मिले तो जनप्रतिनिधियों को इसकी सूचना दें। हम सब मिलकर यह पहल करेंगे कि पर्याप्त धन मंगाकर जनपद का विकास सुनिश्चित कराया जा सके। नीरज शेखर ने खेल मंत्री उपेंद्र तिवारी से अनुरोध किया कि स्पोर्ट्स कालेज के निर्माण में तेजी लाने के लिए विभागीय अधिकारियों को निर्देशित करें। सीएमओ से हर अस्पतालों व वहां कार्यरत कर्मचारियों की संख्या के साथ किन सुविधाओं पर कितना खर्च होता है, इसका विवरण मांगा।
*बैठक में इनकी रही मौजूदगी*
– योजना समिति की बैठक में सलेमपुर सांसद रविंद्र कुशवाहा, राज्यसभा सांसद सकलदीप राजभर, जिला पंचायत अध्यक्ष सुधीर पासवान, विधायक (बैरिया) सुरेन्द्र सिंह, विधायक (सिकन्दरपुर) संजय यादव, भाजपा जिलाध्यक्ष विनोद शंकर दूबे, जिला पंचायत सदस्य अमित यादव, चन्द्रप्रकाश पाठक, संजय यादव, मांती राजभर व अन्य जनप्रतिनिधियों के अलावा डीएम भवानी सिंह खंगरौत, एसपी देवेंद्र नाथ, सीडीओ बद्रीनाथ सिंह, डीएफओ श्रद्धा यादव, एएसपी संजय कुमार के अलावा अन्य जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद थे।
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