ग्वालियर
डबराविकासखंड के समूदन गांव में 17 गायों की मौत के बाद उन्हें दफन किए जाने के मामले को लेकर प्रदेश के पशुपालन मंत्री लाखन सिंह यादव शुक्रवार को समूदन गांव पहुंचे। यहां उन्होंने प्रशासन के अधिकारियों से चर्चा की। जिस जगह पर गायों को दफन किया गया था, वहां उन्होंने मौका मुआयना भी किया और लोगों से चर्चा की। समूदन में मंत्री लाखन सिंह यादव ने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि गायों की मौत के मामले की जांच चल रही है। कुछ लोगों के नाम भी सामने आए हैं, जो इस मामले में शामिल हैं। गायों की मौत एक दुखद घटना है। इसमें जो दोषी होगा, उसे बख्शा नहीं जाएगी।
श्री यादव ने कहा कि शाला में आंगनबाड़ी केन्द्र और पटवारी कार्यालय होने के बाद भी यहां पदस्थ अधिकारियों और कर्मचारियों को गायों की मृत्यु की जानकारी न होना आश्चर्य की बात है। जिनके द्वारा जानकारी को जान-बूझकर छुपाने का प्रयास किया गया, उनके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। गौरतलब है कि 16 अक्टूबर को समूदन गांव में 17 गायों की मौत के बाद उनको स्कूल परिसर में दफन कर दिया गया था। वहां गौसेवक और हिंदू संगठनों के लोग पहुंच गए थे, तब जो लोग मृत गायों को दफन कर रहे थे, वह मौके से भाग गए। घटनास्थल से एक जेसीबी जब्त की गई हैं, जो ग्वालियर के किसी कमल प्रताप के नाम से रजिस्टर्ड है। मामले को लेकर पुलिस प्रशासन का कहना है कि उनकी जांच पड़ताल लगातार जारी है। जल्द ही उनके नाम सामने आएंगे जिन्होंने घटना को अंजाम दिया है।
पशु कल्याण समिति भंग
प्रदेश के पशुपालन मंत्री लाखन सिंह यादव ने पूर्व में गठित पशु कल्याण समिति को भंग कर नई समिति भंग करने के एसडीएम को निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि समिति में सामाजिक कार्यकर्ताओं के साथ स्थानीय पत्रकारों को भी रखा जाए।
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