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निर्माणाधीन हाइवे-ग्वालियर-झांसी हाईवे पर 35 किमी हिस्से में 5 खतरनाक स्पॉट, यहां पर अक्सर होते हैं हादसे

ग्वालियर-
डबरा में ग्वालियर-झांसी हाईवे पर डबरा से ग्वालियर के बीच 35 किमी हिस्से में पांच खतरनाक स्पॉट एनएचएआई व हाईवे निर्माण कर रही ठेका कंपनी की लापरवाही के चलते लोगों के लिए मुसीबत बने हैं।
 
निर्माणाधीन हाइवे अधिकारियों कीलापरवाही की वजह से मौत का हाइवे बन गया हे ३० दुर्घटनाये रिकॉर्ड हे अन्य भी बहुत हैं कोई सुनवाई क्यों नहीं हो रही किस युग में जी रहे हम ?
 
विगत छह माह के आंकड़ों पर गौर किया जाए तो इन स्पॉट पर तीस से अधिक छोटे बड़े हादसे हो चुके हैं। जिनमें दस लोगों की जान जा चुकी है और तीस से अधिक लोग घायल हुए हैं। शनिवार को भी मालवा कॉलेज के पास एक डंपर ने एक युवक को कुचल दिया। हालांकि मृतक की शिनाख्त नहीं हो पाई है। इन स्पॉट पर थोड़ी सा काम कराए जाने व सुरक्षा के उपाए किए जाने से इन हादसों पर अंकुश लगाया जा सकता है। लगातार हो रहे हादसों के बाद भी अधिकारियों द्वारा ध्यान नहीं दिया जा रहा है। लेकिन इस 35 किलोमीटर की दूरी पर केवल पांच स्पाट ही वाहन चालकों के लिए हादसों का कारण बन रहे हैं। यह स्पॉट भी हाईवे निर्माण कर रही ठेका कंपनी की लापरवाही के चलते ही साबित हो रहे हैं।
पड़ताल-.एनएचएआई के अधिकारियों और हाईवे निर्माण ठेका कंपनी की लापरवाही से हो रही हादसे
6 माह में यहां30 से अधिक घटनाएं हो चुकी हैं
टेकनपुर तिराहा के पास स्थित झांसी हाईवे जहां अक्सर हादसे होते हैं।
पहला स्पॉट : सिथौली रोड तिराहा
1. मालवा कॉलेज रोड- मालवा कॉलेज के आगे कई दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। विगत छह माह में यहां पर बीस एक्सीडेंट हुए हैं। जिसमें दो लोगों की मौत हो चुकी है और करीब पांच से अधिक घायल हो चुके हैं। शनिवार को भी सुबह एक युवक को डंपर ने अपनी चपेट में ले लिया। जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। सूचना मिलने पर पुलिस भी मौके पर पहुंची और शव को पीएम के लिए भिजवाया।
कारण और समाधान: सिथौली तिराहा के पास दोनों ओर का ट्रेफिक चालू है, रोड की हालत सही होने के कारण भारी वाहन यहां से तेज गति से होकर निकले हैं। इसके अलावा मुरैना की ओर से आने वाले वाहन सिथौली रोड की ओर सिथौली रोड से आने वाले डबरा की ओर यहां से क्रॉस होते हैं। ऐसे में वाहन आपस में टकरा जाते हैं। इसके लिए दोनों ओर की साइड पर बेरीकेडस लगाए जाएं और क्रासिंग वाली जगह पर क्रासिंग बनाई जाए तो इससे हादसों पर रोक लगाई जा सकती है।
 हाईवे पर कमियों के कारण यदि दुर्घटनाएं हो रही हैं तो इसके लिए हम पूरे हाईवे का निरीक्षण करें। जहां पर भी वाहनों के लिए निकलने के लिए स्थिति सही हो सकती है तो उसे ठेका कंपनी द्वारा सही करवाएंगे। – मनोज कुमार शर्मा,प्रोजेक्ट डायरेक्टर, एनएचएआई ग्वालियर
…और ये चार स्पॉट बेहद खतरनाक
. समूदन ओवर ब्रिज के पास: यहां रोड संकरी है दूसरी ओर पुल का निर्माण चल रहा है। एक ही ओर से ट्रैफिक चल रहा है। तीन माह पहले दो ट्रकों में भिडंत हो गई थी। जिसमें एक ट्रक का चालक समीर बुरी तरह से फंस गया था। इसके अलावा अन्य हादसों में करीब दस से अधिक लोग घायल हो चुके हैं।
कारण व समाधान- फ्लाईओवर के दूसरी ओर के रोड को सही किया जा सकता है। ऐसा होने से दोनों ओर के वाहन अलग-अलग निकल सकेंगे।
जौरासी मंदिर तिराहा: यहां दोनों ओर के रोड पर ट्रेफिक चालू है। लेकिन मंदिर पर जाने वाले वाले सीधे हाईवे पर आ जाते हैं ऐसे में यहां पर क्रासिंग के लिए जगह नहीं है। जिसकी वजह से वाहन चालक करीब दो किलोमीटर तक रॉग साइड चलते हैं। पिछले माह ग्वालियर निवासी शिक्षक पति सतेंद्र चौहान घायल हो गए थे और उनकी पत्नी अर्चना चौहान की मौत हो गई थी।
कारण और समाधान: यहां पर जौरासी मंदिर से आने वाले वाहनों के लिए क्रांसिंग नहीं है। इसके लिए सीधे तौर पर यहां डिवाइडर काटकर क्रासिंग बनाई जाए। जिससे वाहन चालक रॉग साइड में वाहन न चला सकें। टेकनपुर बायपास तिराहा: यहां तरफ से ट्रैफिक चालू है। टेकनपुर से आने वाले वाहन भी सीधे हाईवे पर आ जाते हैं। टेकनपुर जाने वाली रोड नीची होने से ऊपर वाले वाहन दिखाई नहीं देते हैं। यहां एक महीने पहले दवा व्यापारी की मौत हो गई थी।
कारण व समाधान- एक ही रोड पर दोनों ओर का ट्रेफिक चालू हैं। टेकनपुर से आने जाने वाले वाहन सीधे आ जाते हैं। इसके लिए यहां पर बैरीकेड्स जरूरी है।
कल्याणी तिराहा: आंतरी-कल्याणी की ओर से आने वाले वाहन सीधे हाईवे पर आ जाते हैं। जो कि डबरा की ओर से जाने वाले वाहनों से टकरा जाते हैं। रात समय वाहन दिखाई ही नहीं देते हैं। जिससे रात में अधिक घटनाएं होती है। पंद्रह दिन पहले ही अकबई निवासी छुटटन जाट की मौत हो चुकी है। जबकि दस से अधिक घटनाओं में सात से अधिक लोग गंभीर घायल हो चुके हैं।
कारण और समाधान: आंतरी कल्याणी की ओर से वाहन सीधे हाईवे पर आ जाते हैं। इसके अलावा टेकनपुर से भी वाहन सीधे आ जाते हैं। इसके लिए रोड के दोनों ओर बैरीकेड्स लगाएं तो हाईवे पर चलने वाले वाहनेां की स्पीड कम हो जाएगी।
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