ग्वालियर
शिवपुरी से ग्वालियर आए मरीज महेशचंद्र राठी के हार्ट का वाल्व रिप्लेस कर डॉक्टरों ने उन्हें नई जिंदगी दी। मरीज के हार्ट का वाल्व न केवल पूरी तरह सिकुड़ गया था, बल्कि रक्त का संचार भी पूरी तरह रुक गया था। यह ऐसा केस है जो बहुत ही कम देखने को मिलता है। जब परिजन मरीज को रतन ज्योति डालमिया हार्ट इंस्टीट्यूट लेकर पहुंचे तो डॉक्टरों ने क्रिटिकल कंडीशन के बारे में बता दिया था। इसके बाद भी वह ऑपरेशन की कहकर दिल्ली ले जाने की कहकर निकल गए, लेकिन हॉस्पिटल से निकलते ही कुछ ही दूरी पर मरीज को कार्डिअक अरेस्ट आया और वह दोबारा उन्हें रतन ज्योति डालमिया हार्ट इंस्टीट्यूट लेकर आए।

sick man suffering from heart attack
हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. रविशंकर डालमिया ने बताया कि हार्ट वाल्व सिकुड़ने और हार्ट अरेस्ट आने की वजह से मरीज की कंडीशन और ज्यादा बिगड़ गई थी। इसलिए 2 घंटे उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया और हार्ट वाल्व बदला गया। उन्होंने बताया कि हार्ट में दो वाल्व होते हैं, इसलिए वाल्व के सिकुड़ने पर मरीज को लापरवाही नहीं बरतना चाहिए।
40 मिनट में चलें 4 किमी: रोजाना 40 मिनट में 4 किमी चलें, अगर ऐसा नहीं कर पा रहे हैं तो 12 मिनट में 1 किमी चलें, लेकिन इस दौरान किसी से बात न करें। ऐसा करने पर हृदय की रक्त संचार प्रणाली मजबूत होती है और हृदय स्वस्थ रहता है।
यह रखें सावधानी
डॉक्टर्स के मुताबिक चलने में सांस फूलना या फिर सीने में दर्द होना हार्ट कार्डिअक अरेस्ट के लक्षण हो सकते हैं। इसके अलावा जंक फूड और बेकरी बेक्ड आइटम से दूरी बनाकर रखें।
जीवनशैली को हमेशा बेहतर रखें, तनाव न लें
जीआरएमसी में हृदय रोग विज्ञान विभागाध्यक्ष प्रोफेसर डॉ. पुनीत रस्तोगी ने कहा कि भारत में कार्डियोवास्कुलर डिसीज के प्रमुख कारक आहार संबंधी जोखिम, उच्च सिस्टोलिक रक्तचाप, वायु प्रदूषण, उच्च कॉलेस्ट्रॉल, तंबाकू का सेवन, डायबिटीज और मोटापा है। जीवनशैली भी हृदय रोग में महत्वपूर्ण है। इसलिए तनाव कम लें और जीवन शैली में परिवर्तन लाएं। फल और सब्जियों का सेवन करें और उच्च वसा वाले आहार से बचें।
बढ़ता कारवाँ | समाजवाद की ओर बढ़ते कदम… India's #1 Leading News Portal