HS-NEWS- (M.P.)-SINGRAULI- RAJ KUMARA SINGH- R.P. SONI :-
जब कोई अनपढ़ आदिवासी जाने अनजाने में जंगली जानवर मार दे तो ना जाने कहां से सूचना पा कर जंगल विभाग आल्हा अधिकारी घेराबंदी करा मारने और देखने वाले दोनों को पकड़कर अंग्रेजी धारा के तहत जेल भेजने में तनिक भी देरी नहीं करते वहीं जब जंगली जानवरों द्वारा किसी आदिवासी व उसके धन को छत पहुंचाने की जानकारी देने के बाद भी क्षतिपूर्ति का सहयोग देने में अधिकारी गंभीर क्यों नहीं दिखते।।

हम बात कर रहे हैं मध्यप्रदेश सरकार की जहा जनता की गाढ़ी कमाई गरीबों के मदद एवं आपकी सरकार आपके द्वार नाम पर लाखों खर्च कर रही है वही मरीज परिजन द्वारा अस्पताल पहुंचाने हेतु लीगल मदद मांगने पर भी किसी प्रकार की कोई मदद नहीं मिला नतीजा मरीज रामरतन बैगा की मौत हो गई। सिर्फ 1शेयर प्लीज क्योंकि

_आपको बता दें सिगरौली जिला मुख्यालय से 80 किलोमीटर दूर चितरंगी खंड अंतर्गत ग्राम पंचायत डाला निवासी रामरतन बैगा के दुधारू भैंस को जंगली सियार ने काट दिया भैंस का इलाज करा उसे चराता दूध दुह खाता रहा लगभग 3 सप्ताह बाद भैंस पागल हो कर मर गई। रामरतन बैगा द्वारा हुए भैंस की मौत की जानकारी एवं सहायता राशि हेतु रामावतार साहू रेंजर बरिगवां को लिखित रिपोर्ट दें सहायता राशि पाने सप्ताह भर भटकता रहा

जिसके बाद *रामरतन बैगा बीमार हो गया गरीबी के चलते जंगली इलाज किया फिर भी उसकी हालत बिगड़ती को देखते हुए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चितरंगी भर्ती कराया गया जिसके नाजुक हालात को देखते हुए प्राथमिक उपचार बाद डॉ खून की कमी बता जिला चिकित्सालय रेफर कर दिए सरकारी पहन ना मिलने एवं परिजनों के पास किराया ना होने पर *निलेश कुमार शर्मा एसडीएम चितरंगी* को मो.नं.8269810091 पर फोन करा मदद चाहा गया, मदद ना मिलने पर दिनांक 30 अगस्त 2019 को आई अपनी उसकी सरकार यानी (मध्य प्रदेश की आपकी सरकार आपके द्वार कुडैनिया पहुंची) जहां मरीज के परिजन द्वारा आवेदन में पूरा मामला लिख 10 पन्ने की फाइल सिर्फ सहयोग हेतु जिला कलेक्टर के नाम दिया गया तब भी सरकार लीगल आर्थिक मदर नहीं की लाचार मजबूर पुत्र मरीज पिता को ले किसी तरह अपने बहन के घर पहुंच गया जहां 14 सितंबर 2019 को रामरतन बैगा की मौत हो गई जिसकी सरकार मरते दम तक मदत नहीं की। जिसका अंतिम संस्कार कर समाज बैठे थे वही फालतू मुर्गी कर रही थी जिसे आदमखोर जंगली सियार शिकार हेतु हत्या कर दिया, *जिस क्षेत्र के आदिवासी बच्चों पर भारी खतरा मंडरा रहा है खबर के माध्यम से जिला कलेक्टर का ध्यान आकृष्ट कराते हुए विलुप्त होता बैगा पीड़ित परिवार को उचित आर्थिक मदत एवं सुरक्षा कार्यवाही की मांग की जाती है।
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