बढ़ता कारवाँ/सिंगरौली (जमुना सोनी) बैढन किसानों की समस्या को लेकर भाजपा ने प्रदेश भर में आंदोलन किया और वही विधानसभा व तहसील स्तर पर हुये प्रदर्शन के बाद ज्ञापन सौंपा गया इसके बाद भी समस्या हल नहीं हुई तो गांव-गांव में जाकर कांग्रेस सरकार की हकीकत को जनता के सामने रखने की बात कही गयी। भारतीय जनता पार्टी जिला सिंगरौली के पदाधिकारियों द्वारा माजन मोड़ स्थित एसडीएम कार्यालय के सामने धरना प्रदर्शन किया गया धरना प्रदर्शन में भाजपा

जिलाध्यक्ष- वीरेन्द्र गोयल, नपानि अध्यक्ष- चंद्रप्रताप विश्वकर्मा, विनोद चौबे, सुन्दर शाह, मो. कुद्दूस, देवेश पाण्डेय, डीएन शुक्ला, राजेश तिवारी, सीमा जायसवाल, कुश सिंह, अरूण द्विवेदी, प्रभांशु सर्राफ, के. के. कुशवाहा, मीडिया प्रभारी भारतेन्दु पाण्डेय, विक्रम सिंह चन्देल, सुरेन्द्र पटेल सहित सैकड़ो की संख्या में महिला – पुरुष कार्यकर्ता शामिल रहे।
सभा को सम्बोधित करते हुये जिलाध्यक्ष वीरेन्द्र गोयल ने कहा कि अतिवर्षा के कारण प्रदेशभर में फसलों की खासा नुकसान हुआ है, लेकिन अब तक फसल बीमा को लेकर कोई हलचल नहीं हुई है। प्रदेश सरकार ने ना ही आपदा प्रबंधन किया और ना ही किसानों को कोई मदद की और इसको मुद्दा बनाकर भाजपा आज मैदान में है और भाजपा के दर्जनों पदाधिकारियों ने सभा को सम्बोधित किया और सिंगरौली भाजपा द्वारा धरना प्रदर्शन के पश्चात कई मुद्दों को लेकर जिलाध्यक्ष – वीरेन्द्र गोयल की अगुवाई में महामहिम राज्यपाल के नाम एसडीएम एसपी मिश्रा को ज्ञापन सौंपा गया ।
ज्ञापन में भाजपा ने मांग किया है कि शिवराज सरकार में किसानों को फसलों पर बोनस मिलता था उसे बंद कर दिया गया जिसे शुरू किया जाये और 2018 में सोयाबीन के भावांतर का पैसा नहीं मिला है जो 500 रुपये कुंतल सरकार देती थी और उसका भुगतान किया जाये और कर्ज माफी का वचन दिया है अब तक कर्ज माफ नहीं हुआ और कांग्रेस सरकार वचन निभाये फसल बीमा योजना में किसानों को बीमा मिल सकता है । पटवारी, ग्राम सेवक व बीमा कम्पनी का एजेंट मिलकर सर्वे करते हैं और टीम अब तक नहीं बनी, मंडी में किसानों को नकद भुगतान कराया जाये और बिजली उपभोक्ताओं के साथ धोखा किया और संबल योजना में बिजली मुफ्त मिल रही थी, लेकिन अब बंद कर दिया। केंद्र सरकार छह हजार रुपये सालाना किसान सम्मान निधि दे रही है, लेकिन मध्यप्रदेश सरकार ने अब तक सूची दिल्ली नहीं भेजी। किसानों को पेंशन मानदेय योजना में 60 साल से अधिक के किसान को 6 हजार रुपए पेंशन मिला चाहिए। अब तक सूची नहीं भेजी गयी है ।
आपदा प्रबंधन में नाकाम रही मध्य प्रदेश की कांग्रेस सरकार
धरना प्रदर्शन के दौरान भाजपा के पदाधिकारियों ने सभा को सम्बोधित करते हुये कांग्रेस सरकार पर जमकर हमला बोला उनका कहना था कि इस वर्ष प्रदेश में 52जिलों में से 32 जिलों में अतिवर्षा से आयी बाढ़ में हजारों घर – मवेशी, गाय, भैंस आदि हजारों की संख्या में बहकर मर गये। किसानों के घरों में रखी सोयाबीन, गेहूं, सरसो, लहसुन, चना आदि फसलें नष्ट हो गयी और घरों की तबाही ऐसी हुयी की सिर छुपाने की जगह नहीं बची और मुख्यमंत्री मंत्री प्रभावित गांवों में समय पर नहीं पहुंचे और सरकार आपदा प्रबंध में पूर्ण रूप से नाकाम रही है ।
अतिवर्षा से खेतों में पड़ी फसलें नष्ट हो चुकी है परन्तु सरकार इसका कोई सर्वे न कराकर उसका शत – प्रतिशत नुकसान मानकर किसानों को आरबीसी की पुस्तिका में उल्लेखित मुआवजा प्रति हेक्टेयर चालीस हजार रूपये दिया जाये और साथ ही जिले व स्थानीय स्तर विभिन्न विभिन्न समस्याओं को लेकर आवाज बुलंद किया और मुख्य रूप से बेरोजगारी – बिजली कटौती का जिक्र किया गया और वही सुरक्षा की दृष्टि से ज्ञापन सौंपते समय सीएसपी अनिल सोनकर, बैढन थाना प्रभारी निरीक्षक- अरुण पाण्डेय, यातायात प्रभारी निरीक्षक- आरएन आर्मो सहित भारी संख्या में पुलिस बल मौजूद रही ।
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