ग्वालियर-
डबरा के पास ग्राम जनकपुर में मृतक और हत्या करने वाले आरोपियों के बीच तीन माह में दो बार विवाद की स्थिति बनीं। दोनों ही बार अवैध रूप से निकाली गई रेत को डंप किए जाने का मामला सामने आया। जिसकी शिकायत भी थाना प्रभारी पप्पू यादव तक पहुंची। लेकिन इसके बाद भी उनके द्वारा मामले को गंभीरता से नहीं लिया गया। गत रविवार को हुए विवाद के बाद मृतक के परिजन विवाद होने के बाद थाने गए थे और रेत माफियाओं द्वारा जबरन खेत में रेत को डंप किए जाने के लिए दवाब बनाने की बात कही थी। लेकिन थाना प्रभारी रेत माफियाओं की ओर से ही मृतक के पिता व चचेरे भाई पर मामला दर्ज कर लिया।

इसी दिन शाम के समय माफिया की एसडीएम ने जब्त की थी रेत इसलिए दूसरे पक्ष पर था मुखबिरी का शक। जिसका नतीजा मंगलवार को यह निकला कि पवन की जान चली गई। थाना प्रभारी की भूमिका संदिग्ध दिखाई देती है। 



रेत डंप करने को लेकर 2 बार बनी विवाद की स्थिति हर बार थाना प्रभारी टालते रहे, चली गई युवक की जान
जनकपुर गांव के युवक की रेत माफिया ने गोली मारकर हत्या, परिजन ने किया चक्काजाम
मृतक के पिता और चचेरे भाई पर -दो दिन पहले रेत माफिया ने दर्ज कराया था मारपीट का केस
-इसी दिन शाम के समय माफिया की एसडीएम ने जब्त की थी रेत इसलिए दूसरे पक्ष पर था मुखबिरी का शक
रविवार-सोमवार की रात में एसडीएम राघवेंद्र पांडेय द्वारा रेत व गिटटी के अवैध परिवहन करते हुए पोकलेन मशीन, डंपर व ट्रैक्टर-ट्राली कुल 21 वाहन पकड़े गए थे। खास बात यह है कि इनमें से अधिकांश वाहन पिछोर थाना क्षेत्र से ही पकड़े गए थे। सबसे ज्यादा रेत खदाने थी पिछोर थाना क्षेत्र में ही है, उन सभी रेत खदानों पर अवैध रूप से बड़े पैमाने पर रेत का कारोबार चल रहा है। पवन की मौत के बाद परिनजों द्वारा किए गए चक्काजाम में भी परिजनों के साथ पिछोर कस्बे में रहने वाले लोगों ने थाना प्रभारी पप्पू यादव द्वारा ही रेत का अवैध उत्खनन व परिवहन कराए जाने का आरोप लगाया। लोगों का कहना था कि क्षेत्र की खदानों से उनके ही संरक्षण में रेत निकाली जा रही है।
रेत डंप करने को लेकर 2 बार बनी विवाद की स्थिति हर बार थाना प्रभारी टालते रहे, चली गई युवक की जान
जनकपुर गांव के युवक की रेत माफिया ने गोली मारकर हत्या, परिजन ने किया चक्काजाम
-दो दिन पहले मृतक के पिता और चचेरे भाई पर माफिया ने दर्ज कराया था मारपीट का केस
-इसी दिन शाम के समय माफिया की एसडीएम ने जब्त की थी रेत इसलिए दूसरे पक्ष पर था मुखबिरी का शक
इस मामले में थाना प्रभारी पिछोर के अलावा पर्दे के पीछे अन्य लोग भी हैं जिनकी करोड़ों की मशीने पकड़ी गई हे
चक्काजाम के समय समझाने के लिए पहुंचे एसडीएम से बातचीत क
मृतक का चचेरा भाई राहुल चलाता है प्रशासनिक अधिकारियों के वाहन
मृतक पवन का चचेरा भाई राहुल डबरा प्रशासनिक अधिकारियों के वाहन पर ड्राइविंग करता है। पहले वह पिछोर में तत्कालीन नायब तहसीलदार वंदना यादव का वाहन चलाया करता था। उनके जाने के बाद वह अन्य अधिकारियों के वाहन चलाया करता था। पवन के चाचा जनक यादव ने बताया कि रविवार की रात प्रशासन द्वारा रेत के वाहन पकड़ने की कार्रवाई के दौरान एसडीएम का वाहन चला रहा था, हालांकि एसडीएम राघवेंद्र पांडे उसके वाहन चलाने को इस मामले से अलग मानकर चल रहे हैं। लेकिन रविवार को हुए विवाद में हत्या के आरोपियों में शामिल युवकों ने राहुल के खिलाफ मामला दर्ज कराया था।
थाना प्रभारी ने हमें मामले से दूर रहने कहा था
 थाना प्रभारी पप्पू यादव ही रेत कारोबार कर रहे थे। एक दिन पहले जब हम उनके पास गए थे तो उन्होने धमकी देकर रेत के मामले से दूर रहने और इन मामलो मे मर्डर होने की बात कही थी।  जनक यादव, मृतक के चाचा
मर्डर और आरोप की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी
 मर्डर की विवेचना बिलौआ टीआई से कराई जा रही है। पिछोर थाना प्रभारी की जांच मैं या एसडीओपी करेंगे।  सुरेंद्र सिंह गौर, एडिशनल एसपी, देहात
घर में अकेला कमाने वाला पवन नपा में दैवेभो था
मृतक पवन यादव नगर पालिका में दैनिक वेतन भोगी था और घर में अकेला ही कमाने वाला था। चार साल पहले उसकी शादी हुई थी और उसका एक तीन साल का बेटा है। साथ ही उसकी पत्नी गर्भवती भी और कुछ ही दिनों में डिलीवरी होने वाली थी। लेकिन उसकी मौत के बाद पेट में पल रहा उसका नवजात के सिर से दुनिया में आने से पहले पिता का साया उठ गया। वहीं घर में से कमाने वाला भी चला गया।
पिछोर तिराहे पर लगाया जाम, सड़क के चारो तरफ एक हजार से अधिक वाहनों के थमे रहे पहिए, घंटों फंसे रहे
मृतक के परिजनों और समर्थकों ने पिछोर तिराहे पर 1 बजे शव को रखकर जाम लगा दिया। हाईवे पर चौराहे पर जाम लगाते ही, ग्वालियर-झांसी हाईवे, पिछोर रोड और इटावा होटल बायपास पर जाम लग गया। जाम में चारो तरफ करीब 1 हजार कंटेनर, ट्रक और अन्य छोटे-बड़े वाहनों के पहिए थमे रहे,जिससे लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ी। एक घंटे परिजनों के जाम से हटने के बाद भी पुलिस को ट्रैफिक नियंत्रित कर जाम खुलवाने में करीब तीन से चार घंटे लग गए।
इसलिए संदिग्ध दिखाई दे रही है थाना प्रभारी की मामले में संलिप्तता
– मृतक के परिजनों व रेत माफियाओं के बीच रेत को डंप किए जाने को लेकर दो बार विवाद हुआ, लेकिन थाना प्रभारी ने कोई एक्शन नहीं लिया
– रेत माफियाओं द्वारा आए दिन पुलिस थाने में आकर थाना प्रभारी से मिलते थे
– छपरा रोड पर बने ढाबे पर रेत माफियाओं व थाना प्रभारी का शाम के समय लगभग रोज ही बैठना व भी वर्दी के बिना
– रविवार को मृतक के परिजनों को रेत के मामले से दूर रहने की धमकी देना
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