ग्वालियर। सिर्फ एक इंजेक्शन में पाइल्स को जड़ से खत्म करने का दावा कर 7 साल से ग्वालियर व आसपास के जिलों से आ रहे लोगों को ठग रहा था फर्जी डॉक्टर। रविवार को इंदरगंज पुलिस ने उसे रामकृष्ण धर्मशाला से गिरफ्तार किया था। फर्जी डॉक्टर एक इंजेक्शन लगाने के 7 से 8 हजार रुपए लेता था। महीने में 5 दिन वह ग्वालियर आता था। अभी तक वह एक हजार से ज्यादा लोगों को ग्वालियर में इंजेक्शन लगाने का दावा कर रहा है। फिलहाल पुलिस उससे पूछताछ कर रही है। मंगलवार को उसे कोर्ट में पेश किया जाएगा।
इंदरगंज पुलिस ने उसे रामकृष्ण धर्मशाला से गिरफ्तार किया। वो एक दिन में 30-40 लोगों को इंजेक्शन लगाता था।
ऐसे पकड़ा गया फर्जी डॉक्टर
गोविंदपुरी कृष्णा विहार कॉलोनी निवासी 40 वर्षीय कौशलेन्द्र सिंह तोमर को पेट में गड़बड़ी थी। कुछ समय पहले उन्हें किसी से पता लगा कि दिल्ली के पास फरीदाबाद से डॉ. राकेश सहाय महीने में 5 से 7 दिन के लिए ग्वालियर आते हैं। वह इंदरगंज स्थित रामकृष्ण धर्मशाला में ठहरते हैं। वह इंजेक्शन व दवा के माध्यम से चैलेंज करता था कि सिर्फ एक इंजेक्शन में पाइल्स या कोई भी बीमारी दूर कर सकता है। कौशलेन्द्र ने उससे ईलाज करवाया था। उसने इंजेक्शन लगाने के बदले 7 हजार रुपए लिए थे। इसके बाद अचानक कौशलेन्द्र की तबीयत बिगड़ गई। डॉ. राकेश सहाय से बात करना चाही तो कॉल नहीं लगा।
इसके बाद स्थानीय डॉक्टरों को दिखाया तो दिल्ली जाने की सलाह दी। इसके बाद वह दिल्ली में लाखों रुपए खर्च कर किसी तरह बच सके। इस पर उन्होंने इंदरगंज थाना में शिकायत की थी। रविवार को डॉक्टर जैसे ही आया कौशलेन्द्र ने पुलिस को सूचना दे दी। पुलिस ने घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार कर लिया है।
न डिग्री न अनुभव ट्रेनिंग लेकर कर रहा था ईलाज
जब पकड़े गए फर्जी डॉक्टर राकेश सहाय से सोमवार को पुलिस ने पूछताछ की तो पता लगा कि वह फरीदाबाद का है। उसके पास न तो एमबीबीएस या अन्य कोई डिग्री है न ही डिप्लोमा। असल मायने में वह डॉक्टर ही नहीं है। बस एक होम्योपैथी डॉक्टर के यहां ट्रेनिंग लेकर उसने ईलाज कर लोगों को ठगना शुरू कर दिया।
दूर-दूर से आते थे पाइल्स के मरीज
बताते हैं कि फर्जी डॉक्टर ने इस तरह जाल बिछा रखा था कि वह महीने में 5 दिन लिए यहां आता था। जब वह आता था तो सैकड़ों लोग पाइल्स का ईलाज कराने वहां आते थे। एक दिन में 30 से 40 लोगों को इंजेक्शन लगाता था। हर मरीज से 7 हजार रुपए लेता था। करीब एक दिन में वह इंजेक्शन से ही 2 से ढाई लाख रुपए ले जाता था। यदि किसी को ईलाज से रीएक्शन हो जाता था तो उससे और पैसे ऐंठकर ईलाज करता था। बीते 7 साल से वह लगातार यहां आ रहा था। ऐसा उसका दावा है। उसने अभी तक एक हजार से अधिक लोगों का ईलाज कर चुका है।
loading...
बढ़ता कारवाँ | समाजवाद की ओर बढ़ते कदम… India's #1 Leading News Portal