इंदौर- के बाजारों को 50 करोड़ का नुकसान, निगम की तोड़फोड़ ने त्योहारी सीजन बिगाड़ा
इंदौर स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट ने शहर के प्रमुख बाजार का त्योहारी सीजन बिगाड़ दिया है। मंदी के दौर में बिक्री के खास समय पर की गई तोड़फोड़ का असर दूर तक पड़ता नजर आ रहा है। सांठा बाजार, सीतलामाता बाजार और कपड़ा बाजार में कम से कम 50 करोड़ का कारोबार प्रभावित होने की आशंका है। व्यापारियों के मुताबिक कहने को बिक्री का एक सीजन बिगड़ रहा है, लेकिन कम से कम सालभर तक कारोबार बाजार प्रभावित होगा। असर इंदौर के साथ प्रदेश और बाहर की मंडियों पर भी पड़ेगा।स्मार्ट सिटी के नाम पर वर्षों पुराने मकान दूकान तोडना अनुचित हे

नगर निगम ने जयरामपुर से गोराकुंड स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में सड़क चौड़ीकरण के लिए तोड़फोड़ शुरू की है। नरसिंह बाजार से गोराकुंड के बीच शहर ही नहीं, प्रदेश के बड़े कपड़ा बाजार पड़ते हैं। इनमें सांठा बाजार, सीतलामाता बाजार और एमटीएच क्लॉथ मार्केट प्रदेश की प्रमुख मंडियों में गिने जाते हैं। एमटीएच क्लॉथ मार्केट होलकर कॉलीन कपड़ा मंडी है। क्लॉथ मार्केट एसोसिएशन के सदस्य और व्यापारी अरुण बाकलीवाल के मुताबिक बिक्री के लिहाज कपड़ा मार्केट में व्यापार राखी के पहले से शुरू होता है जो शादी के मौसम यानी देव उठनी एकादशी के बाद तक जारी रहता है।
इस बीच दशहरा-दीपावली भी आते हैं। पूरे कारोबारी मौसम की करीब आधी बिक्री इसी दौरान होती है। आने वाले कुछ दिनों में नगर निगम भले ही तोड़फोड़ का काम पूरा कर ले, फिर भी बाजार में व्यापार शुरू नहीं हो सकेगा। टूटी दुकानें बनने में कई महीने लग जाएंगे। इसके बाद नगर निगम सड़क निर्माण शुरू कर देगा। वह भी महीनों चलेगा। इस दौरान दशहरा-दीपावली सहित शादी का सीजन भी चला जाएगा। यानी पूरा सीजन ही खराब होना तय है। व्यापारियों के मुताबिक दुकानों के निर्माण-सुधार में खर्च होगा और व्यापार खत्म हुआ वो अलग। इसके असर से उबरने में साल-डेढ़ साल लग जाएंगे।
खुद को दिवालिया घोषित कर सकते हैं व्यापारी
व्यापारियों के मुताबिक तोड़फोड़ से कारोबारियों का भुगतान भी रुकने लगा है। ऐसे व्यापारी जिनकी पूरी दुकान टूट रही है या ज्यादा हिस्सा टूट रहा है, उन्होंने दूसरे व्यापारियों का भुगतान रोक दिया है। उन्होंने साफ कर दिया है कि धंधा ही नहीं बच रहा तो वे पैसे कहां से दें। इसके साथ ही मंद होते व्यापार को देख रिटेल वाले थोक माल वालों का भुगतान रोक रहे हैं और थोक वाले यहां से देश की अन्य मंडियों का भुगतान रोक रहे हैं। आगे भुगतान को लेकर स्थिति और बिगड़ सकती है। कई व्यापारी खुद को दिवालिया घोषित कर लेनदेन से हाथ खड़े कर सकते हैं। मंदी और तोड़फोड़ दोनों का दोहरा असर नजर आएगा।
छह महीने ऐसे ही
छह महीने बाजार में निर्माण और तोड़फोड़ का दौर ही चलता रहेगा। रिटेल का पूरा कारोबार खत्म है। थोक वाले भी बुरी तरह प्रभावित होंगे। छोटे व्यापारी और जिनकी दुकानें पूरी टूट रही हैं, उन्होंने पैसा रोकना शुरू कर दिया है। वे भुगतान करें तो कहां से करें। हंसराज जैन, अध्यक्ष, क्लॉथ मार्केट व्यापारी एसोसिएशन

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