ग्वालियर
-मुख्यमंत्रीजी, पुलिस को बोलिए पीड़ा देखें; ताकि आपको पोस्ट न देखनी पड़े : मु ख्यमंत्री को ट्वीट हुआ तो एक एनआरआई की सुनवाई हुई। इंदौर कैफे में छेड़छाड़ करने वालों की जगह पीड़िता के दोस्तों को ही अंदर कर देने वाली पुलिस ने पीएम को टैग किए वीडियो को देख 19 घंटे बाद एफआईआर की।cm

पीड़ित की सुनने के बजाए उसे प्रताड़ित करने और सोशल मीडिया पर बात आई तो मामला दर्ज करने का यह सिलसिला जारी है। एक एनआरआई को भी पुलिस की इस ‘ऑनलाइन ओनली’ व्यवस्था का शिकार होना पड़ा। पुलिस के शीर्ष अफसरों को तत्काल इन सभी हाईटेक थानाधिकारियों को तलब कर इस चिंताजनक रवैये को खत्म करना चाहिए। अफसर इसमें असक्षम हों तो सीएम को इन्हें भोपाल बुला कर इनकी मंशा पूछनी चाहिए। इंदौर का हर पीड़ित सीएम को ट्वीट करे, पीएम को टैग करे तभी पुलिस को उसे सुनना चाहिए क्या? ट्वीट, पोस्ट, मैसेज के बाद ही केस… 1. थैरेपिस्ट ने छेड़छाड़ का वीडियाे डाला, 19 घंटे बाद केस : इंदौर24 अगस्त : कैफ में फिजियोथैरेपिस्ट से 3 युवकों ने छेड़छाड़ की। युवती और उसके दोस्त थाने पहुंचे तो पुलिस ने दोस्तों को ही हवालात में डाल दिया। युवती ने इंस्टाग्राम पर घटना का वीडियो डाल दिया। 19 घंटे बाद केस दर्ज हो पाया। 2.इंदौर एनआरआई-काराेबारी विवाद, सीएम काे ट्वीट तो सुनवाई : 23 अगस्त : साकेत नगर में बंगला खाली कराने को लेकर एनआरआई ऑर्किटेक्ट मनोज वर्गीस का लिमड़ी राजघराने से जुड़े कारोबारी शिवराज लिमड़ी से विवाद हुआ। एनआरआई ने सीएम को ट्वीट किया तो पुलिस हरकत में आई। 3. कांग्रेस नेता के भाई ने पीटा, मैसेज चला तो सुनवाई : 22 अगस्त : कमोडिटी व्यापारी भरत सिंघल का अपहरण व हमला करने वाले रानू अग्निहोत्री पर कार्रवाई नहीं हुई। एसआई ने सिर्फ फरियादी के बयान लिए। अगली सुबह सोशल मीडिया पर मैसेज चले तो एसपी ने केस दर्ज करवाया।

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