ग्वालियर-शहर की आबोहवा को सुरक्षित रखने का जिम्मेदार विभाग प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की पूरी कार्यप्रणाली कटघरे में आ गई है। इस बार कोई आम शिकायत या आवेदन नहीं बल्कि जिले के मुखिया कलेक्टर अनुराग चौधरी ने खुद प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी एनपी सिंह को पदीय गरिमा के खिलाफ काम करने और शक्तियों का दुरूपयोग करने का जिम्मेदार ठहराया है। कलेक्टर अनुराग चौधरी ने एनपी सिंह को कड़ा नोटिस जारी कर कहा है कि उन्होने क्रेशरों को वायु प्रदूषण की दृष्टि से मनमाने ढंग से अनुमति, क्रेशरों की शिकायत की जांच न करना, कारण बताओ नोटिस का जवाब न देना,वायु व उत्सर्जन के सैंपल लेने की शक्तियों का दुरूपयोग,सीएम हेल्पलाइन के प्रकरणों का भी निराकरण नहीं किया है। यह पदीय दायित्वों में घोर लापरवाही है। कलेक्टर के इस नोटिस और आरोपों के जवाब में एनपी सिंह का कहना है कि कलेक्टर कंफ्यूज हैं,ऐसा कुछ नहीं है।
जिले में प्रदूषित तत्वां एवं वायु प्रदूषण की रोकथाम के लिए वायु प्रदूषण निवारण तथा नियंत्रण अधिनियम 1981 के अंतर्गत कलेक्टर ने क्षेत्रीय अधिकारी एनपी सिंह को नोटिस जारी किया है। उन्होने जारी किए गए नोटिस में विस्तृत रूप से कहा है कि वायु प्रदूषण को दृष्टिगत रखते हुए मनमाने ढंग से पदीय गरिमा के विरूद्व क्रेशरों को अनुमति प्रदान करना, क्रेशरों से होने वाले प्रदूषण की शिकायतों की जांच न कर अपने कर्तव्य के प्रति लापरवाही बरतने पर क्षेत्रीय अधिकारी को पूहले भी कई बार नोटिस जारी किए जा चुके हैं। इनके द्वारा नोटिस का जवाब न दिया जाना भी कर्तव्य निष्ठा के विपरीत कृत्य को दर्शाता है। इनके द्वारा प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण अधिनियम 1981 की धारा-26 में वायु या उत्सजर्न के नमूने लेने के अधिकारियों का गलत उपयोग करते हुए वरिष्ठ अधिकारियों के आदेशां की अव्हेलना की गई है।
डबरा अनुभागःधूल-धुंआ तब भी जारी हुईं पर्यावरण एनओसी
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी एनपी सिंह ने डबरा अनुभाग में क्रेशरों को बिना रिएलिटी चेक किए संचालन के लिए पर्यावरण एनओसी जारी कर दीं। डबरा एसडीएम जयति सिंह ने इस मामले को चेक भी कराया था जिसमें पाया गया कि क्रेशरों से धूल के कारण वायु प्रदूषण को खतरा है और लोगों पर भी इसका असर पड़ रहा है। बिना एसडीएम का मत लिए ही एनओसी जारी कर दीं गईं। डबरा एसडीएम ने जिला कलेक्टर को इस पूरे मामले से अवगत कराया था।
पहले पांच नोटिस हो चुके जारी
कलेक्टर के नोटिस में यह भी कहा गया है कि एनपी सिंह सीएम हेल्पलाइन के प्रकरणों में भी लापरवाह हैं। शिकायतों का निराकरण नहीं किया जाता है। इससे पहले उन्हें पांच कारण बताओ नोटिस जाीर किए जा चुके हैं।
पद की गरिमा के खिलाफ कार्य
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी ने बिना जांच किए ही क्रेशरों को पर्यावरण एनओसी जारी कर दीं,एसडीएम से कोई मत नहीं लिया। हाल ही में पानी की रिपोर्ट के मामले में गलत रिपोर्ट सामने रखी। सीएम हेल्पलाइन के प्रकरणों का निराकरण न करना और कलेक्ट्रेट की मीटिंगों में न आना घोर लापरवाही है। हर विभाग के मुखिया को अपनी जिम्मेदारी समझना चाहिए।अनुराग चौधरी,कलेक्टरकंफ्यूजन हुआ है
मेरे पास बहुत लोड है और मैं तो आज के लिए(रविवार को भी)काम कर रहा हूं। कलेक्टर को कंफ्यूजन हुआ है,ऐसा कुछ भी नहीं है,नोटिस क्या होते हैं,वो तो कुछ भी दिया जा सकता है। हमारे पास पैकेज तैयार है,हम लगे हुए हैं। उन्हें क्लियर कर दूंगा।
एनपी सिंह,क्षेत्रीय अधिकारी,प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड

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