ग्वालियर
जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी शिवम वर्मा ने एक फरवरी 2019 को महिला बाल विकास के संयुक्त संचालक राजीव सिंह तथा जिला पंचायत के परियोजना अधिकारी अनुपम शर्मा को जांच का आदेश दिया। इस आदेश में कहा गया था कि सात दिन में जांच पूरी कर उन्हें रिपोर्ट दें, लेकिन चार माह बाद भी जेडी जांच के लिए समिति की बैठक तक नहीं कर पाए। जांच के आदेश के एक दिन बाद ही 50 से अधिक अपात्र हितग्राहियों को 28-28 हजार रुपए का भुगतान कर दिया गया।
शुक्रवार तक आएगी रिपोर्ट

शिवम वर्मा, सीईओ जिला पंचायत
मामले की विस्तृत जांच के लिए कमेटी बनाई थी।
मैंने जवाब मांगा है कि निर्धारित समय सीमा में जांच रिपोर्ट सबमिट क्यों नहीं की गई।
मैंने इसकी भी जानकारी रिपोर्ट के साथ मांगी है।
शुक्रवार तक जांच रिपोर्ट आ जाएगी। रिपोर्ट के अाधार पर जो भी दोषी होगा, उस पर कार्रवाई की जाएगी।
यह है मामला
मुख्यमंत्री कन्या विवाह एवं निकाह योजना के तहत वर्ष 2017 से लेकर 2018 के बीच इस योजना में गड़बड़ी कर अपात्र जोड़ों को अनुदान का लाभ दिया गया। इसमें मुरार पंचायत के ग्राम सुपावली, इकहरा, गुठीना, उदयपुर, दंगियापुरा सहित एक दर्जन से अधिक गांवों में घरों से हुई शादियों को सामूहिक विवाह सम्मेलन में आयोजित होना बताया गया था। इस मामले की शिकायत कुछ ग्रामीणों ने जिला पंचायत के अफसरों को सबूत के साथ की थी।
कौन से भुगतान किए, मुझे याद नहीं
राजीव सिंह, जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास
अन्य कार्य की वजह से इस मामले की जांच में थोड़ी देरी हो गई।
हमारे पास हजारों लोगों के आवेदन आते हैं। उस समय मैंने कौन से भुगतान किए, मुझे याद नहीं है।
वह सांख्यिकी अधिकारी एडी सामनानी की जांच रिपोर्ट में आया था।
सीईओ से जानकारी ली जाएगी
 अभी तक दोषियों पर कार्रवाई क्यों नहीं की गई, इसकी जानकारी जिला पंचायत सीईओ से ली जाएगी। इसके अलावा जांच रिपोर्ट जल्द मंगाई जाएगी। इसमें जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ नियमानुसार एक्शन लिया जाएगा। गौरी सिंह, अपर मुख्य सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास
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