ग्वालियर-
विशेष सत्र न्यायाधीश रामजी गुप्ता ने रजिस्ट्रार फर्म एंड सोसाइटी के बाबू श्रीनिवास त्यागी को 4 साल की सजा सुनाई है और 30 हजार रुपए का अर्थदंड लगाया है।

लोकायुक्त के विशेष लोक अभियोजक अरविंद श्रीवास्तव ने बताया कि रामशंकर तोमर ने 26 सितंबर 2013 को मोतीमहल कार्यालय में एक आवेदन दिया था। उन्होंने बताया था कि वे ठाकुर एमएस तोमर शिक्षा प्रसार एवं सेवा समिति के माध्यम से कॉलेज का संचालन करते हैं। अपनी समिति की कार्यकारिणी घोषित करानी थी, उसके लिए फर्म एंड सोसाइटी में आवेदन दिया था। जिसके लिए बाबू श्रीनिवास त्यागी ने उनसे 5 लाख रुपए की रिश्वत मांगी थी, लेकिन ढाई लाख रुपए लेने पर सौदा तय हो गया था। इसके बाद रामशंकर तोमर ने लोकायुक्त पुलिस से शिकायत की और बताया कि वे बाबू को रिश्वत देना नहीं चाहते हैं, उसे रंगे हाथ पकड़वाना चाहते हैं। इस शिकायत के बाद उसे टैप रिकॉर्डर दिया गया। टैप रिकॉर्डर में रिश्वत लेने की बात रिकॉर्ड हो गई, उसके बाद लोकायुक्त पुलिस ने उसे रिश्वत लेते हुए पकड़ लिया। जांच के बाद कोर्ट में चालान पेश किया। कोर्ट ने श्रीनिवास त्यागी को दोषी मानते हुए चार साल की सजा सुनाई है।
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