ग्वालियर
श्योपुर. चौरासी गांव की महापंचायत सलापुरा के हनुमान मंदिर पर हुई। इसमें सलापुरा क्षेत्र की दो महिलाओं के दूसरे समाज के पुरुषों के साथ जाने पर जुर्माना लगाया गया है। इन महिलाओं पर महापंचायत ने 1.51 लाख रुपए का जुर्माना (दंड) करने का फैसला लिया है। यदि यह जुर्माना वसूल नहीं हुआ तो पंच व गांव को इस जुर्माने की राशि भरने को कहा गया है ताकि निकट भविष्य में ऐसे मामले सामने न आएं।
महिलाओं ने जुर्माना नहीं दिया तो पंच से वसूला जाएगा
शिक्षा और कुपोषण पर भी आदिवासी महापंचायत में जोर
दूसरे समाज में महिलाओं को जाने से रोकने पंच, पटेल व प्रधानों को निगरानी करने के निर्देश
सलापुरा में सीप नदी किनारे हनुमान मंदिर पर हुई आदिवासी समाज की महापंचायत में कई गांवों के पंच व पटेल-प्रधान जुटे, जिसमें समाज की महिलाओँ के दूसरे समाज में जाने पर बहिष्कार के फैसले के साथ उनके परिजन पर भी दंड लगाने का निर्णय लिया गया। इसमें दूसरे समाज के साथ ही महिलाओं के माता-पिता से दंड से की राशि वसूलने के आदेश महापंचायत ने गांव के पंच, पटेल और प्रधान को दिए।
साथ ही महापंचायत में यह भी चेतावनी दी गई कि, अगर ऐसी घटनाएं नहीं रुकी तो पंच, पटेल व प्रधान के साथ पूरे गांव को बहिष्कृत किया जा सकता है। इसलिए वह गांवों में जागरुकता लाएं और निगरानी करें कि गांव की महिला दूसरे समाज के पुरुष के साथ न जाए। महापंचायत की इस बैठक में गांव की ऐसी दो महिलाओं के परिजन पर 1.51-1.51 लाख रुपए का जुर्माना किया गया है, जो वर्तमान में दूसरे समाज के पुरुष के साथ रह रही हैं। इनसे राशि वसूलने के निर्देश सलापुरा पंच को दिए गए।
बैठक की अध्यक्षता हरीराम आदिवासी व मुख्य अतिथि के तौर पर ताराचंद आदिवासी और महापंचायत के अध्यक्ष रामनाथ चौहान व गंगाराम आदिवासी सहित अन्य गांवों के पंच, पटेल और प्रधान मौजूद रहे।
विवाहित महिला दूसरे घर गई तो उस पर 30 हजार का झगड़ा : महिलाएं दूसरे समाज के पुरुषों के साथ गई उस पर तो महापंचायत ने 1.51 लाख रुपए जुर्माना किया है। इसके अलावा समाज की ही शादी-शुदा महिला समाज के दूसरे पुरुष के साथ गई तो उस पर 30 हजार रुपए दंड (आदिवासी भाषा में झगड़ा) संबंधित महिला जिस पुरुष के साथ रहेगी, उससे लिया जाएगा।
…तो नहीं होगी बच्चों की शादी : समाज बहिष्कृत महिला के बच्चों की शादी-विवाह भी समाज में नहीं किए जाएंगे, इसे लेकर पंचों से कहा गया कि वह इस बात पर भी गौर रखें। अगर ऐसा कहीं सामने आता है तो जो उनके बच्चों से रिश्ता कर रहा है, उन्हें भी समाज से बहिष्कृत कर दिया जाए और दंड की राशि तय कर वसूली जाए।
शिक्षा-कुपोषण पर भी दिया जोर : महापंचायत में उक्त फैसलों के अलावा एक बार फिर कुपोषण और शिक्षा पर जोर दिया गया है।
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