ग्वालियर
दतिया में सूचना के अधिकार अधिनियम आरटीआई के तहत दतिया मेडिकल कॉलेज में प्रदर्शक की भर्ती प्रक्रिया से संबंधित जानकारी नहीं देने पर राज्य सूचना आयोग ने मेडिकल कॉलेज के लोक सूचना अधिकारी डॉ. प्रदीप शुक्ला को दोषी मानते हुए उन पर 25 हजार रुपए का जुर्माना लगाया है। उन्हें राशि जमा करने के लिए एक माह का समय दिया है, एक माह के अंदर यह राशि कार्यालय में जमा कर इसकी सूचना देने के निर्देश राज्य सूचना आयोग ने दिए हैं।

बता दें कि मेडिकल कॉलेज दतिया ने 21 अक्टूबर 2017 को प्रदर्शक के 23 पदों की भर्ती के लिए विज्ञप्ति जारी कर भर्ती की गई थी। भर्ती के संबंध में 7 फरवरी 2018 को एडवोकेट देवेश शर्मा ने आरटीआई के तहत 6 बिंदु की जानकारी चाही गई थी। लेकिन मेडिकल कॉलेज द्वारा जानकारी देने में आनाकानी की जा रही थी। इस संबंध में एडवोकेट शर्मा ने प्रथम अपील की, जिसके बाद भी जब जानकारी नहीं मिल सकी। तो उन्होंने राज्य सूचना आयोग में इसकी अपील की। मामले की सुनवाई के बाद राज्य सूचना आयोग ने 28 फरवरी 2019 को आदेश जारी कर मेडिकल कॉलेज के लोक सूचना अधिकारी को पत्र मिलने के 15 दिवस के अंदर जानकारी देने के निर्देश दिए थे। इसके बाद भी लोक सूचना अधिकारी डॉ. प्रदीप शुक्ला द्वारा जानकारी नहीं दी गई, बल्कि एक्ट व जानकारी न देने के बहाने बनाकर अपील कर्ता एडवोकेट देवेश शर्मा व राज्य सूचना आयोग को गुमराह करने का प्रयास किया गया। जिसके बाद राज्य सूचना आयोग ने सूचना अधिकारी डॉ. प्रदीप शुक्ल को दोषी मानते हुए 25 हजार रुपए का जुर्माना लगाने का आदेश जारी कर एक महीने में यह राशि कार्यालय में जमा कराने को कहा है।
यह मांगी गई थी जानकारी
नहीं दे रहे थे जानकारी
एडवोकेट देवेश शर्मा ने बताया कि मेडिकल कॉलेज द्वारा शुरू से ही जानकारी देने में आनाकानी की जा रही थी। उनके द्वारा जो आवेदन शुल्क जमा किया गया था, पहले तो उसे ही गलत बताया गया। बाद में जब एक्ट से संबंधित जानकारी मेडिकल कॉलेज के लोक सूचना अधिकारी को दी गई। जिसके बाद भी जानकारी देने में आनाकानी की जा रही थी। आयोग ने 15 दिवस में जानकारी देने के निर्देश दिए थे, बावजूद जानकारी दी गई। इस संबंध में शिकायत की गई, जिसके बाद लोक सूचना अधिकारी पर जुर्माना लगाया गया।
loading...
बढ़ता कारवाँ | समाजवाद की ओर बढ़ते कदम… India's #1 Leading News Portal