ग्वालियर –
भिंड जिला मुख्यालय पर वीआईपी सर्किट हाउस में प्रभारी मंत्री आरिफ अकील का रिश्तेदार बताकर 22 दिन तक रुके जमील अहमद रेत के अवैध कारोबार को अंजाम दे रहा था और उसके किन- किन अधिकारियों से संपर्क थे। इसकी जांच कॉल डिटेल निकलवाकर की जाना चाहिए। यह बात भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं अटेर विधायक अरविंद सिंह भदौरिया ने एक विज्ञप्ति जारी कर कही है।
प्रभारी मंत्री आरिफ अकील का रिश्तेदार बताकर 22 दिन तक रुके जमील अहमद रेत के अवैध कारोबार को अंजाम दे रहाथा- भाजपा विधायक अरविंद सिंह भदौरिया
भाजपा नेता ने कहा है कि पुलिस ने उसके साथियों को भी गिरफ्तार नहीं किया और जमील नामक व्यक्ति को भी छोड़ दिया। इससे प्रतीत होता है कि कांग्रेस की सरकार रेत माफियाओं को पुलिस और प्रशासन के सहयोग से संरक्षण दे रही है। उन्होंने कहा है कि जमील और उसके साथी प्रशासन के किस अधिकारी के कहने पर सर्किट हाउस में डेरा डाले रहे इसके साथ ही उनके किस-किस अधिकारी से संपर्क रहे। खनिज विभाग के अधिकारी इनकी सेवा में क्यों हाजिर हुए। इसकी जांच जरूरी है। यह व्यवस्था खुफिया एजेंसी और निष्क्रियता का परिणाम है। जिले के कई थाना क्षेत्रों में रेत के डंप लगे हुए हैं। यह अवैध खनन के उदाहरण हैं। इस मामले को विधानसभा में उठाया जाएगा।
मीडिया सेंटर से एसपी को दिया गया ज्ञापन
भाजपा मीडिया प्रभारी एवं अभिभाषक अर्पित मुदगल द्वारा एसपी को एक ज्ञापन दिया गया है जिसमें कहा गया है कि प्रभारी मंत्री का भांजा बनकर बनकर सर्किट हाउस में रुके जमील अहमद के विरुद्ध धारा 420 के तहत मामला दर्ज करने के लिए कहा गया। पुलिस द्वारा उसे पकड़ा भी गया लेकिन बिना किसी कार्रवाई के छोड़ दिया गया। मौके पर खनिज अधिकारी की मौजूदगी प्रशासनिक अमले की सांठगांठ उजागर कर रही है। यह मामला व्यवस्था में बड़ी चूक की ओर भी इशारा कर रहा है। हाई प्रोफाइल मामले को लीपापोती कर दबाया जा रहा है। इसकी विधि सम्मत जांच कराई जाना चाहिए और दोषियों पर कार्रवाई की जाना चाहिए।
loading...
बढ़ता कारवाँ | समाजवाद की ओर बढ़ते कदम… India's #1 Leading News Portal