ग्वालियर – डबरा मेंसुबह 10.30 से दोपहर 2.30 बजे के बीच चार घंटे में तीन सड़क हादसे हुए। इनमें एक महिला व एक वृद्ध समेत दो लोगों की मौत हो गई। हादसों में गंभीर रूप से घायल तीन लोगों को पुलिस की डायल 100 वाहन ने घटनस्थल पर पहुंचकर इलाज के लिए सिविल अस्पताल भिजवाया। वहां डॉक्टरों ने घायलों की गंभीर हालत को देखते हुए ग्वालियर रेफर कर दिया। गंभीर रूप से घायल महिला तथा एक वृद्ध ग्वालियर के अस्पताल ले जाते समय रास्ते में मौत हो गई।
कब और कैसे हुए हादसे
सुबह 10.30 बजे पिछोर निवासी राजेन्द्र कुमार 65 साल कार की चपेट में आने से गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें सिविल अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद ग्वालियर रेफर कर दिया गया।
सुबह 11 बजे इंदरगढ़ निवासी भावना (25) और उनके पति प्रशांत तिवारी और एक साल के बच्चे के साथ बाइक पर सवार होकर इंदरगढ़ जा रही थी। ओवरब्रिज के नीचे पहुंचते ही एक लग्जरी कार चालक ने बाइक को टक्कर मार दी। इससे भावना के सिर में चोट आई। उसे इलाज के लिए सिविल अस्पताल भेजा गया। जहां कान के रास्ते रक्त ज्यादा बहने से डॉक्टर ने उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए ग्वालियर रेफर कर दिया, लेकिन जेएएच के पास पहुंचते ही भावना की मौत हो गई। हालांकि पर बाइक पर सवार भावना के पति प्रशांत तिवारी भी घायल हो गए हैं, लेकिन बच्चा सुरक्षित है।
दोपहर 2.30 बजे भगवानदास (63) पुत्र बाबूलाल निवासी डबरा अपने साथी हरिओम (50) पुत्र रमेशचंद निवासी नाका चंद्रवदनी के साथ बाइक पर सवार होकर पिछोर जा रहे थे। डबरा-पिछोर मार्ग के बाइसपास रोड पर ओवरब्रिज के नीचे पहुंचते ही कंटेनर ने बाइक को चपेट में ले लिया। इससे दोनों बाइक सवार घायल हो गए। भगवानदास के पैर पर ट्रक का पहिया चढ़ गया, इस कारण उनका पैर बुरी तरह जख्मी हो गया। घटना की सूचना मिलते ही डायल 100 वाहन मौके पर पहुंची और दोनों घायलों को सिविल अस्पताल लेकर पहुंची। वहां डॉक्टर ने घायलों की हालत गंभीर देखते हुए ग्वालियर रेफर कर दिया। ग्वालियर जाते समय भगवानदास ने बीच रास्ते में ही दम तोड़ दिया।
सड़क हादसों का केन्द्र बना ग्वालियर-झांसी बाइपास ओवरब्रिज
शहर में भारी वाहनों के प्रवेश से पल-पल में लगने वाले जाम से निजात के लिए प्रशासन द्वारा भारी वाहनों के प्रवेश के रोक लगाकर बाइपास से डायवर्ट कराया गया है। लेकिन डबरा-पिछोर के बाइपास ओवरब्रिज के पास बेरिकेट्स या गतिरोधक की व्यवस्था नहीं कराए जाने के कारण मार्ग से गुजरने वाले वाहन चालकों के लिए संकट खड़ा कर दिया है। प्रशासन की लापरवाही के कारण डबरा-पिछोर मार्ग पर वायपास ओवरब्रिज दुर्घटना का केन्द्र बन गया है। आए दिन वाहन चालक सड़क दुर्घटना का शिकार हो रहे हैं। डबरा-पिछोर मार्ग के ओवरब्रिज का निर्माण नहीं होने के कारण भारी वाहन चालक ओवरब्रिज के साइड से होकर अपने वाहनों को निकालते है। ओवरब्रिज के बाद साइड में चलने वाले भारी वाहन डबरा-पिछोर मार्ग पर चलने वाले वाहन चालकों को दिखाई नहीं देते हैं। इससे वाहन चालक सड़क दुघर्टना का शिकार हो जाते हैं। डबरा-पिछोर मार्ग पर तेज रफ्तार में चलने वाले वाहन चालकों को अगर भारी वाहन दिख भी जाते हैं, तो रफ्तार तेज होने के कारण वाहन को नियंत्रित नहीं कर पाते हैं और भारी वाहनों से टकरा जाते है। रविवार को सुबह 10.30 बजे, 11 बजे और दोपहर 2.30 बजे बाइक चालक यहां सड़क हादसे का शिकार हो गए। डबरा-पिछोर मार्ग पर हो रहे सड़क हादसों को लेकन नईदुनिया द्वारा 18 जून के अंक में ‘डबरा-पिछोर मार्ग पर न स्पीड ब्रेकर है न बेरिकेड्स, आए दिन हो रहे हादसे’ शीर्षक से खबर प्रमुखता से प्रकाशित की थी, लेकिन प्रशासन जाग्रत नहीं हुआ। इसका परिणाम रविवार को दुःखद सड़क हादसों के रूप में देखने को मिला।
डायल 100 ने दिखाई सक्रियता
डबरा-पिछोर मार्ग के ओवरब्रिज के नीचे चार घंटे में अलग-अलग समय में सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायलों की जान बचाने में डायल 100 पुलिस की उल्लेखनीय भूमिका रही। घटना की सूचना पर डायल 100 पुलिस अगर समय पर मौके पर नहीं पहुंचती, तो सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हुए लोगों की मौत हो सकती है। परंतु डायल 100 पुलिस वाहन के चालक विनोद पचोरी, आरक्षक कुंवरभान, आरक्षक अरविंद तोमर ने सभी घायलों को अस्पताल भिजवाया। इससे उनकी जान बच गई।
इनका कहना है-
ओवरब्रिज के पास स्पीड ब्रेकर बनवाए जाने के लिए एनएचआई विभाग के लोगों कहा गया है। फिलहाल हमने ओवरब्रिज के पास मिट्टी के अस्थाई स्पीड ब्रेकर बनवा दिए है और स्टॉपर रखवा दिए है। इससे वाहन चालकों की स्पीड कंट्रोल होगी।
-यशवंत गोयल, थाना प्रभारी शहर थाना डबरा
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