वर्ष 2017 में शिवपुरी लिंक रोड पर विक्की फैक्टरी चौराहा से चौधरी ढाबा तक आठ किमी लंबी और 15 मीटर चौड़ी सड़़क बनाने वाली कंपनी इसका मेंटेनेंस अधूरा छोड़कर दिवालिया होने जा रही है। परिवर्तन बिल्डटेक प्राइवेट लिमिटेड कंपनी को 50 करोड़ रुपए की लागत की इस सड़क का 2022 तक मेंटेनेंस करना है। कंपनी के दिवालिया होने की प्रक्रिया में उलझने से पीडब्ल्यूडी सिक्योरिटी के तौर पर बैंक में जमा ढाई करोड़ की परफॉर्मेंस गारंटी की एफडीआर जब्त कर इसकी मरम्मत कराएगा।
30 हजार वाहन निकलते हैं रोज
विक्की फैक्ट्री चौराहा से चौधरी ढाबा तक की इस सड़क से प्रतिदिन 30 हजार से अधिक हैवी व लाइट व्हीकल निकलते हैं। शिवपुरी से डबरा दतिया व झांसी तथा डबरा दतिया व झांसी से शिवपुरी-मुरैना जाने वाले वाहन इस सड़क का उपयोग करते हैं। सड़क के दोनों तरफ दो पहिया वाहनों के लिए बनाई गई सर्विस लेन भी जगह-जगह से उखड़ चुकी है।
क्या होता है दिवालिया होना
कानून के जानकर प्रयाग जैन के अनुसार जब कोई व्यक्ति या संस्था कानूनी रूप से घोषणा करती है कि वह ऋण चुकाने में असमर्थ है, तो इसे दिवाला कहते हैं। दिवालिया घोषित होने पर नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल एक लिक्विडेटर नियुक्त करती है, जो कंपनी की संपत्ति की कीमत निकालता है। संपत्ति बेचकर सबसे पहले सिक्योर्ड फर्म को राशि दी जाएगी, जिसमें बंैकर्स आते हैं। उसके बाद कंपनी के कर्मचारी और फिर बाजार का कर्ज चुकाया जाता है। यह राशि सिक्योर्ड राशि चुकाने के बाद रेशो निर्धारित करके दी जाती है।
कई जगह से चटकी रोड
रोड तैयार होने के डेढ़ साल में ही कई जगह से सरिए निकल आए हैं और गड्ढे हो गए हैं। कंपनी ने मेंटेनेंस के नाम पर आरसीसी के बजाय डामर से पेचवर्क कर दिया था। फुटपाथ पर लगे पेवर भी कई जगह से खराब हो गए हैं। ठेके की शर्त के अनुसार रोड के दोनों आेर फुटपाथ बनाना था और छायादार पौधे भी लगाने थे, लेकिन आज तक ये काम नहीं हो सका है।
हम मामले को सुलझा लेंगे
 हमारी कंपनी को कई विभागों से पैसा लेना है और कुछ जगह पेमेंट भी करना है, लेकिन हमने अभी दिवालिया होने का दावा नहीं किया है। जहां तक सड़क की गारंटी का सवाल है, तो उसका मेंटेनेंस हमने पहले भी किया था और आगे भी करने का प्रयास करेंगे। परिवर्तन सिंह, डायरेक्टर परिवर्तन बिल्डटेक प्राइवेट लिमिटेड
गारंटी राशि से कराएंगे मेंटेनेंस
ज्ञानवर्धन मिश्रा, कार्यपालन यंत्री, पीडब्ल्यूडी, एनएच डिवीजन
यदि कंपनी मेंटेनेंस नहीं करेगी, तो उसकी जमा गारंटी राशि से विभाग मेंटेनेंस कराएगा।
रखरखाव लगातार चलता है। समय-समय पर इंजीनियर उसका निरीक्षण करते हैं। हां, विभाग के पास इसका विकल्प खुला हुआ है।
loading...
बढ़ता कारवाँ | समाजवाद की ओर बढ़ते कदम… India's #1 Leading News Portal