ग्वालियर-
पोरसामुरैना में झोपड़ी को बचाने की खातिर जलकर मरी राजाबेटी के अंत्येष्टि से पहले पचपेड़ा से लेकर पोरसा तक कोई उपद्रव न हो, इसके लिए पुलिस प्रशासन ने जिले के 20 थानों का फोर्स गणपतपुरा में उतार दिया। सारे हालातों पर नजर रखने के लिए पुलिस ने ड्रोन से भीड़ की पल-पल की तस्वीरें लीं। हालांकि अंतिम संस्कार पूरी शांति के साथ हुआ।

अतिक्रमण हटाए जाने के दौरान आग में जलकर मरी राजाबेटी पत्नी रामौतार जाटव निवासी गणपतपुरा का शव शुक्रवार की दोपहर तीन बजे गांव पहुंचा तो वहां मौजूद लोगों की आंखें गमगीन हो गईं। मां के शव को कफन में लिपटा देख चार दिन से भूखे बच्चे बिलख-बिलखकर रो पड़े। आठ साल की बेटी काजल को समझ नहीं आ रहा था कि अब वह मां के बिना कैसे जिएगी। पांच साल का बेटा हिचकी लेकर रो रहा था।
उसे लोग पानी पिला रहे थे लेकिन उसकी आंखों में मां को खोने का गम आंसू बनकर झलक रहा था। 16 साल की बेटी किरन तो मां राजाबेटी की शव पर गिर पड़ी और बहुत देर तक बेसुध होकर रोती रही। तीनों बच्चों के दर्द को देखकर सैकड़ों लोगों की आंखें नम हो गईं। चूंकि रामौतार जाटव पक्ष के लोगों ने यह तय कर लिया था कि राजाबेटी की अंत्येष्टि से पहले व बाद में किसी प्रकार का विरोध प्रदर्शन नहीं किया जाएगा, इसलिए भीड़ का ध्यान सिर्फ अंतिम संस्कार पर रहा। बड़ी संख्या में लोग अंत्येष्टि में शामिल हुए।
जमीन का पट्टा व एक सदस्य को मांगी नौकरी
मृतक राजाबेटी के परिवारीजनों ने कलेक्टर प्रियंका दास से गुहार लगाई कि उन्हें उस सरकारी जमीन का पट्टा दिया जाए जहां उसकी झोपड़ी को उजाड़ा गया। पीड़ित पक्ष के एक सदस्य काे सरकारी नौकरी देने की बात भी कलेक्टर के समक्ष रखी गई। कलेक्टर ने स्पष्ट शब्दों में जवाब दिया कि दोनों ही मांग शासन स्तर से पूरी होंगी, इसलिए इनके प्रस्ताव राज्य शासन को भेज दिए जाएंगे। कलेक्टर ने ग्रामीणों की मांग पर गणपतपुरा में मुक्तिधाम के लिए सरकारी जमीन उपलब्ध कराने व पीड़ित परिवार को आवास स्वीकृत करने की बात भी कही। उन्होंने कहा कि फिलहाल 50 हजार रुपए की सहायता रेडक्राॅस से राजाबेटी के पीड़ित परिवार की दी गई। बैंक खाते खुलने पर लगभग आठ लाख रुपए की मदद शासन से मिलेगी।
हर स्थिति से निपटने को तैयार था फोर्स
पुलिस प्रशासन ने 15 साल पुराने पोरसा कांड काे ध्यान में रखते हुए जिले के 20 थानों का फोर्स (200 जवान) को गणपतपुरा पचपेड़ा में शुक्रवार की दोपहर 12 बजे ही उतार दिया था। पुलिस के जवान हर स्थिति से निपटने के लिए तैयार थे। हालातों पर नजर रखने के लिए पुलिस ने अंत्येष्टि स्थल की निगरानी ड्रोन से कराई। उधर घटनास्थल पर मौजूद पुलिस अधीक्षक डाॅ. अमित यादव से लोगों ने मांग की, कि मंगलवार की घटना को लेकर पोरसा पुलिस ने 20 से 25 अज्ञात लोगों के नाम गैरजमानती धाराओं का मुकदमा दर्ज किया है, उसे वापस लिया जाए। एसपी बोले- किसी निर्दोष के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जाएगी।
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