ग्वालियर
जीवाजी यूनिवर्सिटी में मूल्यांकन के दौरान होने वाली गड़बड़ियों को रोकने के लिए पिछले सत्र में शुरू हुआ दि एंड सिस्टम इस बार परीक्षाओं में खत्म कर दिया गया है। यह सिस्टम मूल्यांकन में गड़बड़ी की तमाम शिकायतों के बाद शुरू किया गया था। इस बार इसके खत्म किए जाने के बाद अब मूल्यांकन पर ही उंगलियां उठने लगी हैं, खासतौर पर मेडिकल कोर्सों के मूल्यांकन में गड़बड़ी की आशंका जताई जा रही है। मौखिक शिकायतें भी जेयू के अफसरों तक पहुंची हैं। इसके बाद अब पुराने सिस्टम को लागू करने की बात भी होने लगी है।

जेयू में पिछले सत्र में तत्कालीन परीक्षा नियंत्रक डॉ. राकेश कुशवाह के पास शिकायतें पहुंची थीं कि कुछ परीक्षाएं, जिनमें मेडिकल कोर्स की परीक्षाएं भी शामिल हैं, इनमें छात्र की परीक्षा पूरी होने के बाद भी कॉपी में भी गड़बड़ी कर अंक बढ़ाए जाते हैं। इन शिकायतों और कुछ सुबूतों के बाद डॉ. कुशवाह ने दि एंड सिस्टम शुरू किया था। इस सिस्टम के तहत परीक्षा भवन स्थित परीक्षा केंद्र पर सीलें बनवाकर दी गई थीं, इन पर दि एंड लिखा हुआ था। परीक्षा के बाद छात्र जब कॉपी जमा करता था, उस समय छात्र ने जहां लिखना खत्म किया है, वहां पर दि एंड की सील लगा दी जाती थी। अगर बीच-बीच में पेज खाली छोड़े गए हैं तो उन पर भी क्रॉस लगा दिया जाता था। इस व्यवस्था से पिछले सत्र में दो फायदे हुए थे, एक तो मूल्यांकन करने वाले शिक्षक ने हड़बड़ी में काॅपी आधी चेक करके नहीं छोड़ी, शिक्षक ने दि एंड की सील तक ही कॉपी चेक की थी। इसके अलावा वह शिकायतें आना भी बंद हो गईं थी, जिनमें कहा जाता था कि परीक्षा के बाद भी जुगाड़ वाले छात्रों की काॅपियां लिखी जाती हैं। इस बार यह सिस्टम खत्म कर दिया है, इसलिए मेडिकल कोर्सों के मूल्यांकन पर सवाल उठने लगे हैं।
दि एंड की सीलें बनवाकर दी थीं
मेडिकल यूनिवर्सिटी भी करती है दि एंड का उपयोग
जबलपुर स्थित मेडिकल यूनिवर्सिटी प्रदेश में जहां भी परीक्षाएं कराती है, दि एंड सिस्टम का उपयोग करती है। इस सत्र में मेडिकल यूनिवर्सिटी ने जेयू के परीक्षा भवन में नर्सिंग कोर्सों की परीक्षाएं आयोजित करवाई थीं उसमें इस सिस्टम का उपयोग किया गया था।
loading...
बढ़ता कारवाँ | समाजवाद की ओर बढ़ते कदम… India's #1 Leading News Portal