ग्वालियर।
दस दिन पहले छात्रा से मोबाइल लूटकर भागे पल्सर बाइक सवार बदमाश पकड़े गए हैं। घटना के बाद हनुमान चौराहा के पास से मिले सीसीटीवी फुटेज में लुटेरे कैद हुए। पर बाइक की नम्बर प्लेट मुड़ी हुई थी। आधी नंबर प्लेट पर सिंदूरी रंग से बाबा लिखा हुआ था। इसी ‘बाबा’ को ध्यान में रखकर पुलिस ने लाल रंग की बाइक की छानबीन शुरू की। मुखबिर अलर्ट किए। बाइक का पता चलते ही पुलिस ने झपट्टा मारने वाले दोनों लुटेरों को गिरफ्तार कर लिया है। इनके पास से छात्रा से लूटा मोबाइल भी मिला है। दोनों नशे के आदी हैं और शौक पूरा करने वारदातों को अंजाम देते हैं। फिलहाल पूछताछ की जा रही है।
– शहर में पल्सर बाइक पर सवार होकर झपट्टा मारने वाले बदमाश पकड़े
– 10 दिन पहले छात्रा से लूटा था लक्ष्मीगंज पर मोबाइल
माधवगंज सिंधी कॉलोनी निवासी छात्रा आयूषी अग्रवाल के साथ 10 दिन पहले जनकगंज के लक्ष्मीगंज इलाके में लूट हुई थी। छात्रा अपनी किसी सहेली से मिलकर लौट रही थी। तभी रास्ते में मोबाइल पर पिता का कॉल आ गया। वह सड़क किनारे स्कूटर खड़ा कर बात करने लगी। तभी लाल रंग की बाइक पर सवार बदमाशों ने झपट्टा मारकर उसका मोबाइल लूट लिया था। घटना के बाद से पुलिस लगातार इस मामले में गंभीरता से जांच कर रही थी। टीआई जनकगंज ज्ञानेन्द्र सिंह ने एसआई केके शर्मा के नेतृत्व में टीमों को छानबीन के लिए लगाया। पुलिस ने घटना स्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज चेक की। पर वहां कुछ नहीं मिला। सिर्फ इतना पता था कि बदमाश लाल रंग की पल्सर जैसी दिखने वाली बाइक पर थे। दो दिन बाद पुलिस ने हनुमान चौराहा पर चेक किया तो वहां लाल रंग की बाइक सवार दो बदमाश दिखे। जिनका हुलिया छात्रा द्वारा बताए लुटेरों के हुलिया से मिल रहा था। जब फुटेज को जूम किया तो फुटेज की क्वालिटी साफ नहीं आई। बदमाशों के चेहरे तो नहीं दिखे, लेकिन बाइक की नम्बर प्लेट मुड़ी थी। पुलिस ने चेक किया तो नम्बर प्लेट के ऊपर ‘बाबा’ शब्द लिखा हुआ था। यहीं से पुलिस की जांच को नई दिशा मिली।
बाबा का पीछा करते हुए लुटेरों तक पहुंचे
पुलिस ने लाल रंग की बाइक जिसकी नंबर प्लेट पर सिंदूरी रंग से बाबा लिखा हो उसकी जानकारी जुटाना शुरू की। मुखबिरों को अलर्ट किया। दो दिन पहले पुलिस को सफलता मिली। एक सूचना मिली कि जीवाजीगंज निवासी प्रशांत कुमार की बाइक पर इसी तरह बाबा लिखा है। नीचे मां और दिल बना हुआ है। इसके बाद पुलिस ने प्रशांत की डिटेल जुटाई जिस पर कुछ अपराधिक रिकॉर्ड व हाल ही में रहन-सहन बदला हुआ होने की सूचना मिली। इसके बाद उसे घर से हिरासत में लिया। पूछताछ में उसने लूट की वारदात कबूल करते हुए अपने दूसरे साथी का परिचय आकाश शाक्य निवासी रामाजी का पुरा के रूप में दिया। पुलिस ने उसे भी गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में मोबाइल भी बरामद हो गया है।
नशे के आदी, शौक पूरे करने करते थे लूट
बदमाशों के बारे में पता लगा है कि प्रशांत और अकाश की दोस्ती नशे के अड्डे पर हुई थी। दोनों शराब के साथ सूखा नशा स्मैक के आदी हैं। नशा और अपने शौक पूरे करने के लिए वारदातों को अंजाम देते हैं। पुलिस को आशंका है कि उनसे शहर की कई वारदातों के संबंध में अहम सुराग मिलसकते हैं।
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