हिम्मत समाचार//मध्य प्रदेश // सिंगरौली राजकुमार सिंह //आर पी सोनी :-
जांनकारों की मानें तो शासकीय नौकरी हेतु आवेदक आवेदन के साथ अपने शैक्षणिक योग्यताओ प्रमाणपत्रों के साथ आवेदन करता है जो अभिलेख शासकीय अभिलेख कहला सार्वजनिक मान्य होता है। जिसे कोई भी भारतीय नागरिक किसी भी समय सूचना के अधिकार अधिनियम 2005 के तहत दस्तावेजों की जानकारी प्राप्त करने का अधिकारी होता है आरटीआई करता *मनोज कुमार दुबे* द्वारा दिनांक 25/03/2019 को बाल विकास परियोजना अधिकारी चितरंगी क्र.1 से चार कर्मचारियों का अस्पष्ट नाम उल्लेख करते हुए नियुक्ति नियमावली एवं उनके शैक्षणिक योग्यता प्रमाण पत्रों के साथ विभागीय पदों में किए गए सेवा कार्यों की जानकारी बाई पोस्ट चाहा गया था। जिसके बाद संबंधित कर्मचारियों द्वारा आरटीआई करता *मनोज कुमार दुबे* को पैसे का प्रलोभन दिया गया प्रलोभन में ना आने पर तरह-तरह की धमकी दी जाने लगी, मीडिया में चली खबरों के असर से संबंधित चारों कर्मचारियों द्वारा सार्वजनिक दस्तावेज को अपना व्यक्तिगत अभिलेख बताते हुए आरटीआई करता को देने से असहमति लेख परयोजना अधिकारी को किया गया।

गजब की बात तो यह है :-आरटीआई करता द्वारा चाही गई जानकारी बाल विकास पर्यवेक्षक प्रभारी परियोजना अधिकारी सुरेश सुक्ला सार्वजनिक दस्तावेज को छुपाने में कर्मचारियों का पूर्ण सहयोग करते हुए कार्यालयीन पत्र क्रमांक/121/वा वि प रि/चितरंगी दिनांक 08/05/019 को जारी कर जानकारी देने से सांफ इंकार कर दिया गया है। पत्र व आरटीआई करता के अनुसार चारों कर्मचारियों के प्रमाण पत्र नियम विरुद्ध अपात्र एवं फर्जी आशंका बढ़ती हुई अगली कार्यवाही जारी खुलासा पढ़ने के लिए जुड़े रहे खबरों के साथ।।
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