ग्वालियर
डबरा-सिटी थाना क्षेत्र में बढ़ रहे अपराधों पर अंकुश नहीं लग पा रहा, जिसके चलते पुलिसने शहर के लोग सवालिया निशान खड़े कर रहे हैं तथा पुलिस अधीक्षक को शहर में बढ़ रहेअपराधों को शिकायत कर रहे हैं।

पुलिस अधीक्षक नवनीत भसीन ने आदेश जारीकरते हुए सिटी थाना प्रभारी सुधेश तिवारी को आगामी आदेश तक लाइन अटैच कर दिया है।
गौरतलब है कि शहर पिछले दो से तीन महीनों में शहर क्षेत्र में चोरियों एवं अपराधों का ग्राफबढ़ गया है। जिसके चलते शहरवासी दहशत में हैं।
होटल एंन डी ग्रैंडमें गुंडों द्वारा हमला,गिरफ्तारी ना होना पिछले कुछ समय से कुछ राजनेताओ से विरोध और घटनाओ की रिपोर्ट ना लेना घेराव या चक्काजाम के बाद लिखना भी एक कारण रहा एक विशेष गुट को तरजीह देने के भी आरोप हे इस बदलाव के पीछे शहर में बढ़ी चोरियां और जुए की शिकायतें समझी जा रही है।
डबरा-नगर में पुलिस गस्त नहीं हो रही पुलिस कर्मी मोबाईलपर व्यस्त रहते सराफा बीत निष्किरी था कोचिंग छात्रों वाले एरिया में पुलिस नहीं जाने से छेड़छाड़ की घटनाएं बढ़ रही थी
कई स्थानों पर लाखों रुपए की चोरी होनेसे यहां के निवासियों ने पुलिस कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान खड़े किए थे तथा शहर मेंपुलिस द्वारा अपराधों पर अंकुश न लगा पाने के चलते पुलिस अधीक्षक नवनीत भसीन सेशिकायत की थी। जिसको संज्ञान में लेते हुए पुलिस अधीक्षक नवनीत भसीन नेआदेश जारी करते हुए सिटी थाना प्रभारी सुधेश तिवारी को आगामी आदेश तक लाइन अटैचकर दिया है, फिलहाल सिटी थाने में अन्य किसी प्रभारी की नियुक्ति नहीं की गई है। जिससेशहर की सुरक्षा व्यवस्था और चरमरा सकती है।
दो दर्जन चोरियों में से एक भी नहीं हो पाई ट्रेस:ज्ञात हो कि सिटी थाना प्रभारी सुधेश तिवारीके कार्यकाल में शहर में दो दर्जन से अधिक चोरियां हो चुकी हैं, और इनमें से एक भी चोरी कोपुलिस ट्रेस नहीं कर पाई है। जिससे शहरवासियों में आक्रोशित व्याप्त है। इसके अलावा शहरमें दो स्थानों पर लाखों रुपए की चोरी हुई है, जिसमें डबरा इलैट्रोनिस एवं श्रीराम कॉलोनी
स्थित इंजीनियर श्री चौरसिया की चोरी शामिल है। गौरतलब है कि इन दो बड़ी चोरियों के चलतेशहर के व्यापारियों ने लोकसभा चुनाव के दौरान चुनाव वहिष्कार करने की चेतावनी दी, तबप्रशासन ने चोरियों को ट्रेस करने का आश्वासन दिया था, लेकिन 12 मई को चुनाव सपन्न होने
के बाद भी चोरियां अभी तक ट्रेस नहीं हो पाईं। वहीं शहर थाना क्षेत्र सेअनेक बाइकें भी चोरीगईं, जिनकी खोज भी पुलिस नहीं कर पाई।
पिछले कुछ समय से कुछ राजनेताओ से नजदीकी और घटनाओ की रिपोर्ट घेराव या चक्काजाम के बाद लिखना भी एक कारण रहा एक विशेष गुट को तरजीह देने के भी आरोप हे
स्टाफ की कमी ले डूबी थाना प्रभारी की कुर्सी
गौरतलब है कि सिटी थाना पुलिस बल की कमी से जूझ रहा है, और थाना क्षेत्र में अपराधों काग्राफ दिन व दिन बढ़ता जा रहा है। पुलिस द्वारा शहर में हुई चोरियों को ट्रेस न कर पाना स्टाफकी कमी सबसे बड़ी समस्या है। यहां 15 हैंडकांस्टेबल की नियुक्ति है,लेकिन एक भी हैडकांस्टेबल यहां पदस्थ नहीं है। इसके अलावा एक भी महिला पुलिस कर्मचारी सिटी थाने में
नियुक्त नहीं है। वहीं यहां पर आरक्षकों की भी भारी कमी है। जिसके चलते सिटी थाना प्रभारीको अपनी कुर्सी छिनने का खामियाजा भुगतना पड़ा। फिलहाल वर्तमान में थाने की कमान किसीको नहीं सौंपी गईं।
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