ग्वालियर
अब मृत पशुओं के शव को जमीन में दफनाया नहीं जाएगा। ईको ग्रीन कंपनी ने केदारपुर में ढाई करोड़ रुपए खर्च कर प्रदेश का पहला इंसीनरेटर स्थापित किया है। इसमें मृत पशुओं का निष्पादन किया जाए। नवीन तकनीक से लैस इंसीनरेटर के चेंबर में पशुओं का शव (अधिकतम वजन 1000 किलोग्राम एक बार में) डाला जाएगा। ट्रीटमेंट के बाद शव राख बनकर बाहर निकलेगा जिसे लैंडफिल साइड में डाल दिया जाएगा। ईकोग्रीन कंपनी के प्रोजेक्ट हेड अशोक शर्मा ने बताया कि आगामी एक-दो सप्ताह में इंसीनरेटर का ट्रायल किया जाएगा। सब कुछ ठीक रहा तो जल्द ही इसे चालू कर दिया जाएगा। यहां बता दें कि वर्तमान में नगर निगम ने एक निजी एजेंसी को मृत पशुओं के शवों के निष्पादन का जिम्मा दिया है। वह एजेंसी पशुओं की शरीर में जरूरी चीजों जैसे वसा, हड्डी का चूरा जैसे अन्य उपयोगी वस्तु निकालकर शेष हिस्से को जमीन में दफना देती है।
ऐसे काम करेगा इंसीनरेटर: डीजल से चलने वाले इंसीनरेटर में दो चेंबर रहते हैं। पहले चेंबर में अधिकतम तापमान 800 और दूसरे चेंबर में 1150 डिग्री सेल्सियस रखा जाता है। पशु शव इन दोनों चेंबरों में बारी-बारी से एक निर्धारित समय के लिए ट्रीट किए जाते हैं। अत्यधिक तापमान होने के कारण शव का सही तरीके से निष्पादन हो जाता है। यदि कोई संक्रमण फैलाने वाला कीटाणु भी हो तो वह भी भस्म हो जाता है। इसकी चिमनी की ऊंचाई भी लगभग 60 मीटर होती है। जिसमें प्रदूषण नियंत्रण उपकरण जैसे स्क्रबर और बैक फिल्टर लगे रहते है जो हवा में से प्रदूषक तत्वों को फिल्टर करने का काम करते हैं।
loading...
बढ़ता कारवाँ | समाजवाद की ओर बढ़ते कदम… India's #1 Leading News Portal