ग्वालियर -मप्र के अशोकनगर जिले के चंदेरी में बुजुर्ग माता-पिता की 50 वीं वैवाहिक वर्षगांठ पर कस्बे की गलियों में बारात निकाली गई। इसमें बग्गी पर बुजुर्ग दंपती दूल्हा-दुल्हन के लिबास में बैठे थे तो नीचे जो बारात में नाच रहे थे, वे बहू-बेटा, नाती, पोता समेत अन्य नई उम्र के लोग थे।

अनोखे अंदाज में मनाई-बुजुर्ग माता-पिता की 50 वीं वैवाहिक वर्षगांठ,गलियों में बारात निकाली69 के नरेश और 65 की रमा की बग्घी में बैठकर निकाली बारात, बुआ ने स्वागत में सर पर रखा कलश
चंदेरी में नरेश श्रोती और रमादेवी श्रोती की 50 वीं वैवाहिक वर्षगांठ के मौके पर उनके बड़े पुत्र उमेश श्रोती ने इसको अनोखे अंदाज में मनाया। उन्होंने इस मौके पर भागवत सप्ताह का आयोजन 7 दिन पहले रखा और रविवार को माता-पिता की वैवाहिक वर्षगांठ का आयोजन शादी समारोह की तरह किया। 69 साल के पिता और 65 साल की माता को बग्गी में बैठाकर घर से नरसिंह मंदिर तक बारात निकाली गई। इस दौरान नई पीढ़ी के बेटी, बहुओं ने भी अपने सास, ससुर की बारात में जमकर नृत्य किया।
इसलिए किया आयोजन
बेटे उमेश ने बताया कि 50 साल तक सफल दांपत्य जीवन का निर्वाहन कर रहे उनके पिता की बारात 50 साल पहले 8 किमी दूर नानोन गांव गई थी। तब तीन दिन तक बारात रुकी थी और वहां पर रामायण पाठ का आयोजन किया गया था। उस समय वरमाला नहीं होती थी, इसलिए पुरानी स्मृतियों को नई रीति रिवाजों से यादगार बनाने के लिए उन्होंने फिर से बारात एक शादी समारोह की तरह सभी कार्यक्रमों का आयोजन कराया। इसमें खास बात यह रही कि 50 साल पहले मम्मी की जिन बुआ ने सिर पर कलश रखकर द्वाराचार किया था वे इतने सालों बाद वृद्धावस्था में फिर से सिर पर कलश रखकर बारात का स्वागत करते हुए गेट पर खड़ी रहीं।
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