ग्वालियर-
डबरा शहर के लड़ैयापुरा में एक झोलाझाप डॉक्टर के यहां बुखार आने पर इलाज के लिए पहुंचे एक व्यक्ति की मौत हो गई। मौत के बाद परिजनों ने डॉक्टर पर मामला दर्ज किए जाने की मांग को लेकर पहले तो थाने का घेराव किया,


लेकिन जब पुलिस ने मामला दर्ज नहीं किया तो परिजनों ने जाम लगा दिया। जाम लगते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई और जांच के बाद मामला दर्ज कराए जाने का आश्वासन दिया, उसके बाद लोगों ने जाम खोल दिया।
परिजनों का कहना है कि डॉक्टर के इंजेक्शन लगाते ही व्यक्ति की हालत बिगड़ने लगी। यह देखकर झोलाछाप स्वयं उसे लेकर सिविल अस्पताल पहुंचा और सिविल अस्पताल के डॉक्टरों ने मरीज के मृत होने की बात कही तो यह सुनकर झोलाछाप मौके से भाग खड़ा हुआ।
भैंसनारी पंचायत के ग्राम लड़ैयापुरा निवासी लक्ष्मीनारायण बाथम(40)पुत्र अमीरा बाथम गुरूवार को शहर के लड़ैयापुरा में स्थित अपनी भतीजी के यहां अपनी बेटी वंदना को लेने आया था। शाम को उसे बुखार आने की शिकायत थी। जिसके चलते शुक्रवार सुबह करीब 10 बजे लक्ष्मीनारायण की बहन उसे मोहल्ले में ही खुले एक मनोज रावत के क्लीनिक पर ले गई। क्लीनिक पर मनोज रावत ने लक्ष्मीरायण को इलाज करते हुए इंजेक्शन और ड्रिप लगा दी। इंजेक्शन और ड्रिप लगने के बाद लक्ष्मीनारायण की हालत बिगड़ने लगी। वह अचेत सा हो गया।
6 मई की शादी थी बेटी की, बुआ के घर आई थी
लक्ष्मीनारायण की बेटी वंदना बाथम की 6 मई को शादी थी। शादी के बाद वह डबरा में अपनी चचेरी बहन वंदना के घर रहने आई थी। शुक्रवार को लक्ष्मीनारायण उसे लेने डबरा आया था। वंदना के बाद लक्ष्मीनारायण के पांच छोटी-छोटी लड़कियां और हैं। वह सब्जी बेचकर अपने परिवार को पालता था। अब उसके बाद परिवार में कोई कमाने वाला नहीं बचा है।
स्वास्थ्य विभाग नहीं करता कार्रवाई
शहर और ग्रामीण अंचल में कई झोलाछाप डॉक्टर बनकर अवैध रूप से क्लीनिक खोलकर इलाज की दुकान चला रहे हैं। लेकिन इन पर कार्रवाई स्वास्थ्य विभाग नहीं कर रहा। डबरा शहर और ग्रामीण अंचल में मिलाकर करीब 100 से अधिक झोलाछाप इलाज की दुकान चला रहे हैं। गली मौहल्लों में अपना क्लीनिक खोलकर सामान्य सा बुखार होने पर भी रुपए कमाने के चक्कर में इंजेक्शन और ड्रिप लगा देते हैं। हालत बिगड़ने पर मरीजों को ग्वालियर जाने की सलाह देते हैं।
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