ग्वालियर-ग्वालियर लोकसभा क्षेत्र में मतगणना समाप्त हो गई है। यहां मुख्य मुकाबला भाजपा और कांग्रेस के बीच रहा। भाजपा के विवेक शेजवलकर ने कांग्रेस के अशोक सिंह को 1 लाख 46 हजार
842 मतों से हराया।

ग्वालियर महापौर विवेक शेजवलकर के सामने कांग्रेस ने तीन बार चुनाव हार चुके अशोक सिंह को मैदान में उतारा था। ग्वालियर में इस बार 59.60% वोट डाले गए थे, जो 2014 चुनाव में मतदान की तुलना में 6.87% अधिक थे। इसका शेजवलकर को फायदा मिला और उन्होंने केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर के मुकाबले तीन गुना ज्यादा वोट हासिल कर कांग्रेस के अशोक सिंह को करारी शिकस्त दी। इसके साथ ही भिंड-दतिया पर संध्या राय और मुरैना-श्योपुर सीट पर केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने जीत दर्ज की।
ग्वालियर से मौजूदा मेयर हैं शेजवलकर, पिछले साल के मुकाबले तीन गुना ज्यादा मत हासिल किए
माधवराव सिंधिया इस सीट से कांग्रेस के टिकट पर लगातार पांच बार सांसद रहे
2007 में कांग्रेस की हार के बाद यह सीट भाजपा का गढ़ बनी
भिंड-मुरैना में केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने जीत दर्ज की, उन्होंने कांग्रेस के रामनिवास रावत को हराया
ग्वालियर में भाजपा के विवेक शेजवलकर कांग्रेस के अशोक सिंह से एक लाख 46 हजार से ज्यादा वोटों से हराया।
2007 से ग्वालियर सीट भाजपा के पास
2014 लोकसभा चुनाव में भाजपा के वरिष्ठ नेता नरेंद्र सिंह तोमर ने कांग्रेस के उम्मीदवार अशोक सिंह को 29 हजार से अधिक वोटों से हराया था। वहीं, 2009 के लोकसभा चुनाव में भाजपा की यशोधरा राजे सिंधिया ने कांग्रेस के प्रत्याशी अशोक सिंह को ही 26 हजार से अधिक वोटों से हराया था। इससे पहले 2007 में हुए उपचुनाव में यशोधरा ने कांग्रेस के उम्मीदवार अशोक सिंह को हराकर जीत दर्ज की थी।
सिंधिया परिवार का गढ़ रहा ग्वालियर
ग्वालियर लोकसभा सीट सिंधिया परिवार के प्रभाव वाला क्षेत्र माना जाता है। यहां हुए अब तक हुए 16 लोकसभा चुनावों में सबसे ज्यादा सात बार कांग्रेस ने जीत दर्ज की। पांच बार कांग्रेस के दिग्गज नेता माधवराव सिंधिया जीते। वहीं, पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी भी 1971 में यहां से चुनाव जीतकर संसद पहुंचे थे।
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