ग्वालियर-
शहर में सड़कों और घर-घर से कचरा उठाने का जिम्मा चाइना की ईकोग्रीन कंपनी को सौंपा गया था। कुल 254 करोड़ रुपए का अनुबंध हुआ है। आज 17 मई को ईकोग्रीन को शहर में काम करते हुए दो साल पूरे हो गए। हैरत यह कि दूसरी सालगिरह पर भी कंपनी के कर्मचारी धोखा दे गए और शहर के 6 वार्डों में पिछले चार दिन से कचरा नहीं उठाया गया। नगर निगम का बहाना है कि ईकोग्रीन कंपनी के प्रबंधन और कर्मचारियों के बीच विवाद के कारण कचरा नहीं उठ पाया, लेकिन आम नागरिकों की निगाह में तो इसके लिए निगम ही दोषी है।

ईकोग्रीन कंपनी की बदइंतजामी का आलम यह है कि दो साल में सात बार उसके कर्मचारी हड़ताल पर जा चुके हैं। नगर निगम ने अनुबंध के आधार पर काम न करने पर कंपनी पर पेनाल्टी भी लगाई है। इसके बावजूद शहर से कचरे के ढेर नियमित रूप से साफ नहीं हो पा रहे हैं। शहर के 66 में से 48 वार्ड की ही जिम्मेदारी अभी तक ईकोग्रीन ने ली है। शेष वार्डों में नगर निगम की गाड़ियां ही कचरा उठा रही हैं। ताजा हड़ताल के कारण चार दिन से नारायण विहार के कचरा कलेक्शन सेंटर से एक भी वाहन छह वार्डों में कचरा उठाने नहीं निकला। यहां 26 कचरा गाड़ियां खड़ी हुई हैं।
जिस प्रसूति गृह में नवजात शिशुओं का जन्म होता है, वहां भी कचरे के ढेर
बिरला नगर प्रसूति गृह परिसर में लगा कचरे का ढेर।
पेनाल्टी लगाने से भी नहीं सुधर रहे हालात
डोर-टू-डोर कलेक्शन का काम पूरा न होने पर निगम ईकोग्रीन कंपनी पर रोजाना 25 हजार रुपए पेनाल्टी लगाता है। अभी तक कंपनी पर 48 दिन की पेनाल्टी लग चुकी है।
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