ग्वालियर-
सफाई व्यवस्था शहर की को ठीक करने में जुटे अधिकारियों के नए-नए प्रयोगों से कई फर्जीवाड़े उजागर होने लगे हैं। ऐसा ही एक मामला सफाई कर्मचारियों की संख्या का है। निगम में स्थायी, विनियित और ठेके पर 3216 कर्मचारियों का वेतन निकाला जा रहा है। इनकी जब बायोमैट्रिक हाजिरी लेना शुरु किया तो शुक्रवार तक केवल 2148 कर्मचारियों की ही हाजिरी मिली है।

मामले की हकीकत जानने के लिए निगम अधिकारियों ने सभी वार्ड स्वास्थ्य अधिकारियों(डब्ल्यूएचओ) से कर्मचारियों की संख्या मांगी है। इसके बाद ही पता चलेगा कि कितने कर्मचारियों का फर्जी तरीके से वेतन निकाला जा रहा है। उधर, बायोमैट्रिक मशीन से हाजिरी का विरोध कर हड़ताल पर गए ईकोग्रीन कंपनी के कर्मचारी काम पर लौट आए। कंपनी के वाहन अब शनिवार से वार्डों में कचरा कलेक्शन करने पहुंचेंगे।
मैन्युअल ले रहे थे हाजिरी
निगम में सफाई कर्मचारियों की संख्या को लेकर हमेशा सवाल खड़े होते रहे हैं। आउटसोर्स(ठेका प्रथा) से करीब एक हजार कर्मचारी रखे गए हैं। इसमें बड़े स्तर पर फर्जीवाड़ा हो रहा है। कुछ पार्षदों ने यह फर्जीवाड़ा भी पकड़ा था। इसे देखते हुए अपर आयुक्त नरोत्तम भार्गव ने बायोमैट्रिक मशीन से हाजिरी अनिवार्य कर दी। सभी वार्डों, क्षेत्रीय कार्यालयों व अन्य स्थानों पर पुरानी मशीन ठीक करवा दी और कुछ नई लगवा दीं। सफाई कर्मचारियों को इसी पर हाजिरी लगाना अनिवार्य कर दिया है। पिछले एक सप्ताह से कर्मचारियों की संख्या दो हजार के आसपास ठहर रही है।
काम पर लौटे ईकोग्रीन के कर्मचारी
बायोमैट्रिक मशीन से हाजिरी का विरोध करते हुए चार दिन पहले ईकोग्रीन कंपनी के कर्मचारी हड़ताल पर चले गए थे। इससे डोर टू डोर वाहनों के पहिए थम गए थे। जगह-जगह कचरे के ढेर लगने लगे थे जिन्हें उठाने नगर निगम के वाहन देर शाम तक सड़कों पर नजर आते थे। निगम अधिकारियों की चेतावनी के बाद ईकोग्रीन कंपनी प्रबंधन ने कर्मचारियों को समझा बुझाकर हड़ताल खत्म करा दी। वे अब शनिवार से वाहन चलाएंगे।
सभी वार्डों से नहीं उठाया कचरा फिर भी नहीं लगाया जुर्माना
नगर निगम ने डोर टू डोर कचरा कलेक्शन, कचरे से खाद और बिजली बनाने का काम ईकोग्रीन कंपनी को दिया है। कंपनी ने पिछले सप्ताह तक केवल 38 वार्डों तक ही कचरा उठाया था। इन वार्डों में सभी गलियों तक वाहन नहीं पहुंचे थे। कचरे से खाद बनाने प्लांट, कचरा ट्रांसफर स्टेशन स्थापित किए जाने क की नसीहत निगमायुक्त संदीप माकिन ने कंपनी प्रबंधन को दी थी। ऐसा न करने पर 10 फीसदी जुर्माना करना की चेतावनी दी थी। नगरीय विकास एवं आवास विभाग के प्रमुख सचिव संजय दुबे ने भी ईकोग्रीन का कॉन्ट्रैक्ट निरस्त करने तक की चेतावनी दी थी। इसके बाद भी निगम प्रशासन ने कंपनी पर अब तक कोई जुर्माना नहीं लगाया।
ईकोग्रीन का दावा, 48 वार्डों से उठा रहे कचरा
ईकोग्रीन कंपनी पिछले सप्ताह तक निगम सीमा के 66 में से 38 वार्डों से ही डोर टू डोर कचरा कलेक्शन कर रही थी। अधिकारियों का दावा है कि अब यह संख्या 48 हो गई है। कंपनी ने 150 टिपर(कचरा कलेक्शन वाहन) लगाए हैं। शेष वार्डों से नगर निगम के टिपर कचरा कलेक्शन कर रहे हैं।
डायल 100 की तर्ज खड़े होंगे वाहन
निगम अधिकारियों का कहना है कि डोर टू डोर कचरा कलेक्शन में उनके भी 112 टिपर लगे हैं। ईकोग्रीन के वाहनों की संख्या बढ़ने पर निगम के वाहन फ्री हो जाएंगे। इनमें से कुछ का उपयोग डायल 100 की तर्ज पर होगा। इसके लिए हर विधानसभा में जगह चिन्हित की जाएगी। सफाई कर्मचारियों के अलग-अलग दल बनाए जाएंगे। उन्हें इन वाहनों पर तैनात किया जाएगा। स्वच्छता एप और कन्ट्रोल रूम में सूचना मिलते ही इन वाहनों को संबंधित क्षेत्र में भेजकर कचरा उठाया जाएगा। ईकोग्रीन और निगम सभी टिपर जीपीएस से लैस होंगे। कौन सा वाहन कहां जा रहा है, इसे निगमायुक्त और अपर आयुक्त अपने कक्ष में लगी टीवी स्क्रीन पर देख सकेंगे।
स्कूल बस की तरह टाइम तय करेंगे
सभी वार्डों की गलियों का सर्वे किया जा रहा है। इससे यह पता चल जाएगा कि एक टिपर कितने समय में किस घर तक पहुंचेगा। सर्वे के बाद प्रत्येक घर में सूचना दी जाएगी कि उनके दरवाजे कितने समय वाहन पहुंचेगा। निगम अधिकारियों का कहना है कि स्कूल बस की तर्ज पर टिपर का समय निर्धारित किया जाएगा जिससे ग्रहणियां उसी समय कचरा डालने दरवाजे के बाहर खड़ी हो सकें।
रात में भी सफाई
निगम प्रशासन स्वच्छता की कवायद में जुटा है लेकिन धरातल पर यह योजना कितनी कारगर साबित होगी, यह तो भविष्य में ही पता चलेगा। लेकिन वर्तमान में स्थिति यह है कि कई क्षेत्रों में नियमित सफाई हो रही है न कचरा कलेक्शन हो रहा है।
स्वच्छता अभियान की स्थिति
निगम में वेतन ले रहे सफाई कर्मचारियों की संख्याः3216
बायोमैट्रिक मशीन से शुक्रवार को लगी हाजिरीः2148
सफाई कर्मचारियों की हाजिरी के लिए लगी मशीनः79
डोर टू डोर कचरा कलेक्शन में लगे निगम के टिपरः112
डोर टू डोर कचरा कलेक्शन में लगे ईकोग्रीन के टिपरः150
इनका कहना है
बायोमैट्रिक मशीन से हाजिरी में अभी करीब हजार कर्मचारियों की हाजिरी नहीं आ रही है। ऐसा क्यों हो रहा है, इसकी जानकारी ली जा रही है। टिपर वाहनों का स्कूल बस की तर्ज पर टाइम तय करने की योजना बनाई जा रही है। ईकोग्रीन के कर्मचारियों की हड़ताल खत्म होने से शनिवार से डोर टू डोर कचरा कलेक्शन शुरू हो जाएगा।
नरोत्तम भार्गव, अपर आयुक्त ननि
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