ग्वालियर-
मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी में अधिकारियों की लापरवाही चरम पर है। ग्वालियर ओएंडएम सर्कल को 19 मई तक 3 लाख 15 हजार 468 उपभोक्ताओं की मोबाइल नंबर सहित अन्य जानकारियां ऊर्जा मित्र पोर्टल पर लोड करनी है, लेकिन 8 हजार 733 (3 प्रतिशत) के नंबर ही पोर्टल पर लोड हुए हैं। इससे उपभोक्ताओं को केन्द्र सरकार की योजना सहित बिजली कटौती, ब्रेक डाउन की जानकारी एसएमएस से नहीं मिल पा रही है। देश में इस पोर्टल पर उपभोक्ताओं को जोड़ने में मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी सबसे पीछे है।
केन्द्र सरकार ने उपभोक्ताओं को एसएमएस के माध्यम से बिजली कटौती, योजना, बिल सहित अन्य जानकारी देने के लिए ऊर्जा मित्र पोर्टल विकसित किया है। इस पोर्टल के आने के बाद 6 महीने में उपभोक्ताओं की जानकारी फीड करनी थी। 19 मई तक डाटा फीड करने की आखिरी तारीख है। इसमें देशभर की बिजली कंपनियों ने अपने उपभोक्ताओं का डाटा फीड कर दिया, लेकिन मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के ओएंडएम सर्कल ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। 3 फीसदी उपभोक्ताओं को ही इस पोर्टल से जोड़ा है। इस लापरवाही को लेकर कंपनी प्रबंधन ने सर्कल को चेतावनी भी दी है।
तीसरा पत्र, फिर भी नहीं लाए तेजी
प्रबंध संचालक कार्यालय ने ऊर्जा मित्र पोर्टल पर जानकारी लोड करने के लिए ग्वालियर ओएंडएम सर्कल को तीसरा पत्र भेजा है। पहला पत्र 21 नवंबर 2018 को आया था। जब काम में गति नहीं लाए तो 28 मार्च 2019 को स्मरण पत्र भेजा गया। 14 मई 2019 को चेतावनी पत्र आया है। जिसमें उपभोक्ताओं का मोबाइल नंबर संग्रहण कर लोड करने का आदेश दिया है।
शहर में 90 फीडर ही जुड़ सके पोर्टल से
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-सिटी सर्कल ग्वालियर को भी अपने सभी उपभोक्ता व फीडरों को ऊर्जा मित्र पोर्टल से जोड़ना है। शहर में 90 फीडर ही इस पोर्टल से जुड़ सके हैं, जबकि शहर में 208 फीडर हैं। इससे शहर में भी सूचनाएं नहीं मिल रही हैं।
– शहर में 2 लाख 57 हजार घरेलू व गैर घरेलू उपभोक्ता हैं। इनको पोर्टल पर जोड़ना है।
फर्जीवाड़ा खुलने की भी संभावना
– ऊर्जा मित्र पोर्टल पर घरेलू, गैर घरेलू, कृषि सहित अन्य श्रेणी के उपभोक्ताओं को जोड़ना है। जैसे ही आधार कार्ड व मोबाइल नंबर फीड किया जाता है तो उपभोक्ता का रिकार्ड सामने आ जाएगा कि उसके नाम कितने कनेक्शन हैं।
– जैसे कि ग्वालियर जिले में कुंए व काफी बोरवैल सूख गए हैं। बिजली की लाइनें चोरी हो गई हैं। ट्रांसफार्मर नहीं हैं। मौके पर बिजली भी नहीं है, लेकिन कनेक्शन कंपनी के रिकार्ड में चालू है। कृषि कनेक्शनों की बिजली कंपनी के पास सरकार से सब्सिडी आ रही है। अगर आधार कार्ड व मोबाइल नंबर जुड़ता है तो यह फर्जीवाड़ा खुलने की संभावना है।
-अनुसूचित जाति व जनजाति के उपभोक्ताओं को सिंचाई के लिए 3 एचपी का पंप चलाने के लिए निःशुल्क बिजली मिलती है। उनका बिल सरकार अदा करती है। इनका भी रिकार्ड ऑनलाइन हो जाएगा कि ये मौके पर हैं या नहीं।
देश में 128 करोड़ उपभोक्ता जुड़ चुके हैं पोर्टल से
– 29 राज्यों में 52 विद्युत वितरण कंपनियां हैं। इन कंपनियों में 624 सर्कल हैं। 1 लाख 48 हजार फीडरों को इस पोर्टल से जोड़ा गया है। 14 करोड़ 14 लाख वितरण ट्रांसफार्मर का रिकार्ड भी पोर्टल पर है। जिनसे उपभोक्ताओं तक बिजली पहुंच रही है।
– 128 करोड़ उपभोक्ताओं के मोबाइल नंबर, आधार कार्ड सहित अन्य जानकारियां पोर्टल पर फीड हैं। इन उपभोक्ताओं को ब्रेक डाउन (फॉल्ट), घोषित कटौती सहित अन्य जानकारियां मोबाइल पर पहुंच रही हैं।
– बिजली कंपनियों को ही उपभोक्ता से जानकारी लेने जाना होगा और उसके बाद पोर्टल पर फीड करनी होगी।
काम चल रहा है
– ऊर्जा मित्र पोर्टल पर उपभोक्ताओं के मोबाइल नंबर फीड करने का काम चल रहा है। जो उपभोक्ता छूट गए हैं, उनके नंबर लिए जा रहे हैं।
डीपी अहिरवार, मुख्य महाप्रबंधक ग्वालियर रीजन
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