ग्वालियर-
संत भाऊ महाराज की 121 वीं पुण्यतिथि पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस अवसर पर ढोलीबुआ महाराज ने हरिकथा सुनाते हुए कहा कि भाऊ महाराज के आशीर्वाद से ही तत्कालीन महाराज जीयाजीराव शिंदे व महारानी चिमणाबाई को पुत्र प्राप्ति हुई थी। महाराज के आशीर्वाद से ही सिंधिया राजवंश में माधवराव सिंधिया प्रथम का जन्म हुआ था।

निम्बाजी की खोह स्थित भाऊ महाराज की तपस्या स्थली पर उनके समाधि लेने के बाद हनुमान मंदिर बनाया गया था। इसी स्थान पर भाऊ महाराज की पुण्यतिथि महोत्सव मनाया गया। इस अवसर पर सच्चिदानंद ढोलीबुआ महाराज ने कहा कि भाऊ महाराज जीवनभर दिगंबर स्वरूप में ही रहे। कथा से पूर्व सुबह भाऊ महाराज का पूजन कर अभिषेक किया गया। वहीं शाम को दत्त मंदिर जीवाजीगंज में गजानन महिला एवं पुरुष भक्त मण्डलों द्वारा भजनों की प्रस्तुति दी गई। इस अवसर पर पाटणकर गुरु, शशिकांत आपटे, विलास कामदे, निशिकांत सुरंगे, पादुरंग पाचपोरे, हरी भाऊ आदि उस्थित थे।
loading...
बढ़ता कारवाँ | समाजवाद की ओर बढ़ते कदम… India's #1 Leading News Portal