Warning: Trying to access array offset on value of type bool in /home/sites/43a/e/ed29062570/public_html/wp-content/themes/jarida/functions/common-scripts.php on line 150

बिजली बिल सॉफ्टवेयर बदलने से बिल में काफी पारदर्शिता आएगी , बिल में हुए घोटाले भी खुलेंगे-दलवीर सिंह चौहान, अधिवक्ता

ग्वालियर।
 
बिजली कंपनी ,मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी,बिल तैयार करने वाले अपने दो पुराने सॉफ्टवेयर को बंद करने जा रही है। उन सॉफ्टवेयर की जगह बिजली कंपनी एनजीबी (न्यू जनरेशन बिलिंग) सॉफ्टवेयर लागू करने जा रही है। इस सॉफ्टवेयर के लागू होने से कंपनी का बिल बनाना आसान हो जाएगा। उपभोक्ता को मिलने वाली छूट की भी कंपनी के अधिकारी चपत नहीं लगा पाएंगे। अगर बिल को लेकर कोई शिकायत आती है तो उसका डाटा निकालकर रिपोर्ट आसानी से तैयार की जा सकेगी। ऐसे में बिल में गड़बड़ी करने की संभावना न के बराबर रह जाएगी। वर्तमान में एनजीबी से पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी इंदौर में 40 लाख उपभोक्ताओं के बिल तैयार किए जा रहे हैं, जिसके रिजल्ट भी अच्छे आए हैं। अगले 6 से 7 महीने में मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ग्वालियर व भोपाल रीजन में भी एनजीबी से बिल बनाना शुरू कर देगी।
बिजली कंपनी वर्तमान में बिल तैयार करने के लिए आरएमएस (रेवेन्यू मॉनीटरिंग सिस्टम) व सीसी एंड बी (कस्टमर केयर एंड बिलिंग) सॉफ्टवेयर का उपयोग करती है। सीसी एंड बी सॉफ्टवेयर से ग्वालियर सिटी, भोपाल सिटी, मुरैना फर्स्ट डिवीजन में बिल तैयार किए जाते हैं। शेष सर्कलों में आरएमएम से बिल तैयार हो रहे हैं, लेकिन इन दोनों सॉफ्टवेयर से तैयार होने वाले बिलों से कंपनी की साख पर गलत असर पड़ रहा है और उपभोक्ताओं में भी असंतोष है। इन दोनों सॉफ्टवेयर से गलत बिलिंग की शिकायतें सबसे ज्यादा कंपनी प्रबंधन के पास पहुंचती हैं। उपभोक्ताओं के असंतोष को ध्यान में रखते हुए कंपनी ने अपना बिलिंग सॉफ्टवेयर बदलने का फैसला लिया है। अब बिजली कंपनी आरएमएम व सीसी एंड बी सॉफ्टवेयर की जगह एनजीबी सॉफ्टवेयर का उपयोग करेगी। अगले 6 से 7 महीने में इसे लागू कर दिया जाएगा। नए सॉफ्टवेयर को लागू के लिए सर्कलों को आदेश जारी कर दिया गया है।
 
अधिकारियों की इस मनमानी पर लगेगी रोक
 बिजली कंपनी उपभोक्ताओं को जो बिल दे रही हैं, उसमें फ्यूल चार्ज का अलग से कॉलम है, लेकिन कॉलम में फ्यूल चार्ज का पैसा नहीं लिखा जा रहा है। उर्जा प्रभार में फ्यूल चार्ज को जोड़ा जा रहा है और उसके ऊपर विद्युत ड्यूटी लगाई जा रही है। इससे उपभोक्ता को ज्यादा पैसा देना पड़ता है। नए सिस्टम में फ्यूल चार्ज अलग हो जाएगा।
 
– हर उपभोक्ता को पावर फैक्टर का लाभ मिलता है। जैसे कि किसी उपभोक्ता को जितनी बिजली मिली, उतनी उपयोग की और उसके उपकरणों ने बिजली बर्बाद नहीं की है। उसे बिल में 10 फीसदी तक छूट मिलती है। पावर फैक्टर की छूट बड़े उपभोक्ताओं को मिल रही है। आम उपभोक्ता को नहीं मिलती है। नए सिस्टम में पावर फैक्टर की छूट मिलने की संभावना रहेगी।
– 10 किलोवाट से अधिक भार वाले उपभोक्ताओं को संविदा मांग आधारित टैरिफ आधार पर बिल मिलना चाहिए, लेकिन कंपनी ने स्वीकृत भार को ही संविदा मांग बना दी है। जिससे उपभोक्ता को प्रति यूनिट मिलने वाली 12 पैसे, 24 पैसे व 36 पैसे की छूट नहीं मिल रही है। नए सॉफ्टवेयर में इसे छिपाया नहीं जा सकेगा।
– नियत तिथि के बाद बिल भरने पर राशि बकाया में जुड़कर आ जाती है। नए सिस्टम में यह समस्या खत्म हो जाएगी।
– बिल का फॉरमेट बदल जाएगा, लिखावट भी अलग होगी। हर कॉलम उपभोक्ता को समझ में आएगा।
 
– वैसे घरेलू बिल की स्याही नीली होती है और वाणिज्य बिल की स्याही लाल। वर्तमान में सिटी सर्कल ग्वालियर में एक जैसा ही बिल उपभोक्ता को दिया जा रहा है। इससे बिल में अंतर नहीं कर पा रहे हैं।
– अधिकारी अपनी आईडी से किसी के भी बिल में क्रेडिट दे देते हैं। क्रेडिट को पकड़ना आसान नहीं होता है, लेकिन नए सॉफ्टवेयर में आईडी मर्ज कर दी जाएंगी।
 
2014 में आया था सीसी एंड बी
 
-बिजली कंपनी ने वर्ष 2012 में सीसी एंड बी सॉफ्टवेयर सिटी सर्कल में लागू किया था। ग्वालियर सिटी सर्कल में यह सॉफ्टवेयर 2014 में आया था। इस सॉफ्टवेयर के माध्यम से बिल तैयार कर उपभोक्ता तक पहुंचाया जाता था, लेकिन बिल को लेकर 30 फीसदी उपभोक्ताओं को शिकायत रहती थी, जो बिल के बारे में जानकारी रखते थे।
 
– बड़ी कंपनियों ने बिल से जुड़ी समस्याओं को हल कराने के लिए विशेषज्ञों को नियुक्त किया था। कंपनी के बिल में कमियां बताकर अपना पैसा वापस लेते थे। जैसे कि मोबाइल टावर कंपनियों ने सबसे ज्यादा पैसा वापस लिया है।
 
नया सॉफ्टवेयर है
 
आरएमएम व सीसी एंड बी सॉफ्टवेयर काफी पुराने हो चुके थे। एनजीबी नई तकनीक का सॉफ्टवेयर है। इसलिए इस सॉफ्टवेयर को लागू किया जा रहा है, इससे बिल बनाना आसान होगा और पारदर्शिता भी रहेगी।
 
एमएस अत्रे, मुख्य महाप्रबंधक आईटी भोपाल
 
सामने आएगा कि उपभोक्ता को कितना चूना लगाया है
 
– मैं बिजली कंपनी का बिलिंग सॉफ्टवेयर खराब होने की शिकायत चार साल से कर रहा था। खुद भी कंपनी ने स्वीकार कर लिया था कि बिलिंग को लेकर लोगों में असंतोष बढ़ा है। सॉफ्टवेयर बदलने से बिल में काफी पारदर्शिता आएगी और बिल में हुए घोटाले भी खुलेंगे। उपभोक्ताओं को कितना चूना लगाया है, यह सामने आएगा।
 
दलवीर सिंह चौहान, अधिवक्ता
loading...

Warning: Undefined array key "tie_hide_share" in /home/sites/43a/e/ed29062570/public_html/wp-content/themes/jarida/single.php on line 65

Warning: Trying to access array offset on value of type null in /home/sites/43a/e/ed29062570/public_html/wp-content/themes/jarida/single.php on line 65
x

Check Also

खेलों के माध्यम से युवाओं को स्वस्थ एवं सकारात्मक जीवन का संदेश

राष्ट्रीय खेल दिवस पर साइकिल रैली एवं अंडर-17 मैत्री क्रिकेट प्रतियोगिता आयोजित बढ़ता कारवां (BK ...