ग्वालियर-
बिजली कंपनीमध्य क्षेत्र विद्युत वितरण के ग्वालियर रीजन में न प्रबंधन के आदेशों का अमल हो रहा है न ही वीआईपी शिकायतों पर सुनवाई। सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों का आंकड़ा भी 2327 तक पहुंच गया है। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि कंपनी के अंदर उपभोक्ता की समस्या का निराकरण आसान नहीं है। वीआईपी शिकायती आवेदन 244 दिन से पेंडिंग हैं। आदेशों पर 104 दिन बाद भी अमल नहीं है।
बिजली कंपनी के प्रबंध संचालक कार्यालय भोपाल ने रीजन को 10 मई को एक पत्र भेजा है। इस पत्र में पेंडिंग शिकायतें व टाइम लिमिट (टीएल) बैठक में लिए गए फैसलों के संबंध में अवगत कराया है। इस पत्र में बताया गया है कि सुधार के लिए फैसला लिया गया था, लेकिन अभी तक अमल नहीं हुआ है। काफी लंबे समय से लंबित है। स्मरण पत्र भी भेजे गए, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं दिख रही है। जैसे कि सिटी सर्कल ग्वालियर में जिला स्तरीय विद्युत सलाहकार समिति का गठन किया जाना है। इस कमेटी का गठन आदेश 4 फरवरी 2019 को दिया गया था। इस समिति के गठन के लिए 7 स्मरण पत्र भेजे जा चुके हैं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। 94 दिन बाद भी कमेटी का गठन नहीं हुआ है। इस संबंध में प्रबंध संचालक डॉ. संजय गोयल से संपर्क किया तो उन्होंने फोन नहीं उठाया।
प्रबंधन से जारी आदेशों की स्थिति
104 दिन से लंबितः
– उपभोक्ताओं को 24 घंटे सेवा देने के लिए विद्युत सेवा केन्द्र स्थापित किए जाने का आदेश 8 जनवरी 2019 को दिया गया था, लेकिन किसी भी सर्कल ने विद्युत सेवा केन्द्र की शुरुआत नहीं की। मुख्य महाप्रबंधक (एमएंडबीएम) भोपाल ने 7 स्मरण पत्र सर्कलों को भेजे। सातवां स्मरण पत्र 1 मई 2019 को आया था, लेकिन अमल कुछ नहीं हुआ। केन्द्र अभी तक नहीं बने हैं।
58 दिन से लंबित-
उद्योगों को समय सीमा में विद्युत कनेक्शन दिए जाने का आदेश 4 फरवरी 2019 को दिया गया था, लेकिन कनेक्शन को लेकर सुधार नहीं आया। इसके बाद कंपनी के तकनीकी निदेशक ने 4 स्मरण पत्र लिखे। इन पत्रों का असर भी सर्कलों पर नहीं हुआ।
वीआईपी शिकायतों की स्थिति
शिकायत-1- शिवपुरी के किसान महासंघ के संभागीय महामंत्री अवधेश सक्सेना ने बिजली समस्या को लेकर शिकायत की थी। प्रबंध संचालक कार्यालय ने उनकी शिकायत को वीआईपी श्रेणी में रखा। यह शिकायत 244 दिन से लंबित है। लेकिन रीजन कार्यालय ने कोई कार्रवाई नहीं की।
शिकायत-2 निर्माण कार्यों में किए जा रहे भ्रष्टाचार की शिकायत कंपनी प्रंबधन के पास की गई। टेंडरों में घोटाले का आरोप लगाया है। प्रबंध संचालक ने शिकायत को वीआईपी श्रेणी में रखा और जांच का आदेश दिया। 154 दिन से ज्यादा बीत गए, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। इस बीच दो स्मरण पत्र भी भेजे गए।
क्या है वीआईपी शिकायतें
जैसे कोई उपभोक्ता प्रधानमंत्री कार्यालय, मुख्यमंत्री कार्यालय, उर्जा मंत्रालय, मंत्रीगण, विधायक के पास से शिकायत भेजता है। उस शिकायत को कंपनी के पास भेजा जाता है तो उसे वीआईपी श्रेणी में रखा जाता है। यानी शिकायत की जांच कर संबंधित समस्या का निराकरण के साथ-साथ उस कार्यालय को अवगत कराया जाता है, जहां शिकायत मार्क होकर आती है।
– वीआईपी श्रेणी में शिकायत आने पर संबंधित व्यक्ति को भी सूचित किया जाता है, जिसने शिकायत की है।
सीएम हेल्पलाइन में सुनवाई नहीं
सर्कल शिकायतें
ग्वालियर 385
शिवपुरी 461
श्योपुर 105
मुरैना 578
भिंड 292
दतिया 72
गुना 264
अशोकनगर 170
हमारे कार्यालय भेजें शिकायत
अगर बिजली कंपनी के एमडी ऑफिस में लोगों की शिकायत का निराकरण नहीं हो रहा है तो उर्जा मंत्रालय में शिकायत भेज दें। शिकायत के लंबित होने का समय अधिक है। तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
प्रियव्रत सिंह, उर्जा मंत्री मप्र
सुनवाई नहीं
बिजली कंपनी में अराजक स्थिति है। प्रबंध संचालक कार्यालय से जो आदेश जारी हो रहे हैं उन पर कोई अमल नहीं हो रहा है। आम उपभोक्ता परेशान है। कंपनी की स्थिति को लेकर ऊर्जा मंत्रालय को मैंने पत्र भेजा है।
दलवीर सिंह चौहान, अधिवक्ता

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