ग्वालियर –
शहरी अस्पतालों के चार्ज को लेकर सीएमएचओ डॉ. मृदुल सक्सेना और सिविल सर्जन डॉ. वीके गुप्ता एक दूसरे पर असहयोग का अारोप लगा रहे हैं। 1 अप्रैल से शहर के विभिन्न क्षेत्रों में संचालित हो रहीं 28 स्वास्थ्य संस्थाओं का चार्ज सिविल सर्जन से हटकर सीएमएचओ को मिलना था। आदेश के अनुसार सिविल सर्जन के अंडर में केवल जिला अस्पताल रहेगा। अफसरों के आपसी विवाद के कारण आदेश का पालन नहीं हो पा रहा है। दरअसल सीएमएचओ अस्पतालों से जुड़ी पूरी जानकारी मांग रहे हैं जबकि सिविल सर्जन का कहना है कि समस्त रिकॉर्ड जुटाने में समय लगेगा।
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विवाद जैसी बात नहीं है, लेकिन सिविल सर्जन डॉ. वीके गुप्ता हमें शहरी अस्पतालों व डॉक्टरों की जानकारी नहीं भेज रहे हैं।
शासन का आदेश तो हो गया है, लेकिन अभी सिविल सर्जन ने प्रक्रिया पूरी नहीं की है।
डॉ. मृदुल सक्सेना, सीएमएचओ, ग्वालियर
हां हमने पत्र लिखकर उनसे डॉक्टरों, स्टाफ के सर्विस रिकाॅर्ड व अस्पताल से संबंधित अन्य जानकारियां मांगी हंै।
मैं बात करता हूं
 चार्ज को लेकर सीएमएचओ व सिविल सर्जन में जो भी विवाद है, उसे शीघ्र निपटाया जाएगा। मैं दोनों अफसरों से इस संबंध में बात करके शासन के आदेश का पालन सुनिश्चित कराऊंगा। डॉ. एके दीक्षित, क्षेत्रीय संचालक स्वास्थ्य सेवाएं
शहरी स्वास्थ्य संस्थाएं हैं इसमें शामिल
िरकॉर्ड जुटाने में समय लग रहा है
डॉ. वीके गुप्ता, सिविल सर्जन
हमने सीएमएचओ को अंडरटेकिंग के लिए पत्र लिखा था, वे जो रिकॉर्ड मांग रहे हैं, उसमें समय लगेगा। उन्हें जल्दी है तो मैं क्या कर सकता हूं।
अभी तो मेरे अंडर में ही हैं लेकिन मुझे इनका चार्ज सीएमएचओ को सौंपना है।
सीएमएचओ द्वारा भेजे गए फाॅर्मेट में डॉक्टर व स्टाफ की कई जानकारियां मांगी गई हैं। वे चाहें तो उपलब्ध डाटा के आधार पर चार्ज ले सकते हैं।
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