ग्वालियर
विशेष सत्र न्यायालय से लोकायुक्त पुलिस को बड़ा झटका लगा है। सोमवार को कोर्ट ने साडा में हुए भ्रष्टाचार के मामले में पूर्व अध्यक्ष व भाजपा नेता जय सिंह कुशवाह को आरोपी बनाकर 10 मई को जमानती वारंट पर तलब किया है। साथ ही तत्कालीन सीईओ आदित्य सिंह तोमर के खिलाफ अभियोजन की स्वीकृति लिए जाने के आदेश दिए गए हैं। जय सिंह व आदित्य सिंह तोमर सहित अन्य अधिकारियों को लोकायुक्त पुलिस ने क्लीन चिट दे दी थी।
क्लीन चिट दिए जाने को लेकर पर्याप्त आधार नहीं बताए थे।
मोतीझील से साडा तक सड़क के जीर्णोद्धार का ठेका मैसर्स प्रेस्टीजियस स्टोर को दिया था। ठेके की शर्त में सड़क पर एक लेयर बिछानी थी। 18 लाख 90 हजार रुपए भुगतान करना था, लेकिन ठेकेदार को चार लेयर का 78 लाख 88 हजार 280 रुपए का भुगतान कर दिया। ठेके की 5 फीसदी राशि भी ठेकेदार से सिक्योरिटी के रूप में जमा नहीं कराई। इस मामले की राकेश सिंह कुशवाह ने लोकायुक्त पुलिस को शिकायत की। इसके बाद लोकायुक्त पुलिस ने 2013-14 में प्राथमिकी दर्ज करके जांच की। इस मामले में 14 लोगों पर एफआईआर दर्ज की गई। लोकायुक्त पुलिस ने जांच के बाद विशेष न्यायालय में 15 नवंबर 2018 को चालान पेश किया था और कोर्ट ने चालान का अवलोकन किया तो जांच में कई गड़बड़ियां सामने आईं। एफआईआर में तत्कालीन सीईओ आदित्य सिंह तोमर व तत्कालीन अध्यक्ष जय सिंह कुशवाह सहित 14 लोगों के नाम थे, लेकिन चालान में लोकायुक्त पुलिस ने यह उल्लेख करते हुए क्लीन चिट दे दी कि सातों के खिलाफ कोई साक्ष्य नहीं मिले हैं। जिन सात लोगों के खिलाफ साक्ष्य मिले हैं, उनके खिलाफ चालान पेश किया। 7 लोगों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आरोप बरकरार रखे थे। सात लोगों को क्लीन चिट दिए जाने पर कोर्ट ने केस के जांच अधिकारी को बुलाया। लोकायुक्त पुलिस पूरे मामले में फंस गई और गलत तरीके से क्लीन चिट दी गई। कोर्ट ने पाया कि दस्तावेजों में पर्याप्त साक्ष्य हैं। लोकायुक्त की ओर से पैरवी अरविंद श्रीवास्तव ने की।
इनके खिलाफ चलेगा केस
– तत्कालीन सीईओ एमपी पटेल, तत्कालीन सीईओ बीके शर्मा, तत्कालीन साडा अध्यक्ष जय सिंह कुशवाह अधीक्षण यंत्री उमाशंकर मिश्रा, सहायक इंजीनियर अनिल सिंह, उपयंत्री अजीत जैन, लेखा अधिकारी एमके अग्रवाल, ठेकेदार बुद्धपाल सिंह पर केस चलेगा।
इस मामले में ठेकेदार से राशि वसूल भी की गई। आरोप प्रमाणित पाए गए।
– वर्ष 2009 में इस घोटाले को अंजाम दिया गया था। अधिक रेट से भुगतान किया गया था।
इनके खिलाफ अभियोजन स्वीकृति का आदेश
– तत्कालीन सीईओ आदित्य सिंह तोमर, एसके श्रीवास्तव, अरुण शुक्ला (निधन हो चुका है), वीवी माथुर, जेएन सिंह, डीडी मिश्रा के खिलाफ अभियोजन की स्वीकृति लिए जाने का आदेश दिया है। उसके बाद अपराध संज्ञान लिया जाएगा।
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