ग्वालियर-
मप्र में हो रही अघोषित बिजली कटौती पर सरकार सख्त हो गई है। सरकार ने उन अधिकारियों की लिस्ट तैयार कराई है, जो कटौती का षड्यंत्र रच रहे हैं। इंटेलीजेंस की रिपोर्ट के आधार पर उन अधिकारियों को चि-ति किया गया है, जो भाजपा नेताओं से संबंध रखते हैं। ग्वालियर ओएंडएम सर्कल के महाप्रबंधक विनोट कटारे व एरिया स्टोर के महाप्रबंधक अरुण शर्मा के नजदीकी संबंध भाजपा के पूर्व मंत्री व दतिया विधायक नरोत्तम मिश्रा से बताए गए हैं।
मप्र में होने वाली अघोषित बिजली कटौती ने तूल पकड़ लिया है। मुख्यमंत्री सहित ऊर्जा मंत्री को कटौती को लेकर सफाई देनी पड़ी है। सफाई में कहा गया कि प्रदेश में बिजली संकट नहीं है, लेकिन यह कोई षड्यंत्र है। ऊर्जा मंत्री प्रियव्रत सिंह ने यहां तक कह दिया कि भाजपा के साथ मिलकर अधिकारी षड्यंत्र रच रहे हैं। भाजपा चुनाव में कटौती को मुद्दा बनाना चाहती है। इसके बाद सरकार ने प्रदेश में इंटेलीजेंस के माध्यम से उन अधिकारियों की तलाश की, जो भाजपा से जुड़े रहे हैं।
22 जिलों के अधिकारी व लाइनमैनों की सूची तैयार कर शासन को भेजी गई है। ग्वालियर में दो अधिकारियों के संबंध पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा से बताए गए हैं। इसके अलावा और जानकारी खंगाली जा रही है।
शहर में 197 करोड़ के प्रोजेक्ट के थे इंचार्ज
– ऊर्जा सुधार विकास कार्यक्रम (आरएपीडीआरपी) के तहत सिटी सर्कल ग्वालियर को 197 करोड़ का फंड मिला था। इस योजना के प्रोजेक्ट मैनेजर अरुण शर्मा थे और नोडल अधिकारी विनोद कटारे थे।
– आरएपीडीआरपी योजना का शहर में काम खत्म हो गया तो दोनों अधिकारियों ने सिटी से अपना स्थानांतरण करा लिया। विधानसभा चुनाव से पहले अरुण शर्मा ओएंडएम सर्कल के महाप्रबंधक बन गए और विनोद कटारे ने मुरैना सर्कल का करंट चार्ज ले लिया। उस वक्त ग्रामीण क्षेत्रों में प्रोजेक्ट के काम चल रहे थे।
-विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा नेताओं ने अपनी-अपनी पसंद के अधिकारियों को सर्कलों का प्रभारी बनाया था। अरुण शर्मा व विनोद कटारे का भाजपा सरकार में अच्छा दखल था। इन्हें पसंद के सर्कल मिले।
– प्रदेश में सरकार बदलने के बाद दिसंबर 2018 में ओएंडएम सर्कल ग्वालियर के महाप्रबंधक अरुण शर्मा का स्थानांतरण स्टोर एरिया में हो गया। विनोद कटारे ओएंडएम सर्कल ग्वालियर के महाप्रबंधक बन गए। ओएंडएम सर्कल में ग्वालियर जिले का क्षेत्र व दतिया जिला आता है। अब दतिया को अलग से सर्कल बनाया जा रहा है।
दोनों अधिकारियों पर लगाए गए थे गंभीर आरोप
– आरएपीडीआरपी योजना में की गई गड़बड़ियों की शिकायत लोकायुक्त में भी की गई। अरुण शर्मा व विनोद कटारे के ऊपर गड़बड़ी करने का आरोप था।
– बजाज इलेक्ट्रीकल्स के पास ग्वालियर व मुरैना के ग्रामीण क्षेत्र में करोड़ों रुपए के ठेके थे। इस कंपनी ने सिटी सेंटर स्थित अरुण शर्मा के घर को किराए पर लिया था और उस घर में कंपनी ने अपना ऑफिस बनाया था। अरुण शर्मा व विनोद कटारे प्रोजेक्ट इंचार्ज थे।
– बजाज इलेक्ट्रीकल्स का ऑफिस अरुण शर्मा के घर पर होने की शिकायत प्रबंधन से की गई थी, लेकिन सरकार में दखल होने की वजह से कोई कार्रवाई नहीं हुई।
षड्यंत्र करने वाले नहीं बचेंगे
– मुद्दा भाजपा व कांग्रेस का नहीं है। षड्यंत्र पूर्वक जो अधिकारी बिजली कटौती करके जनता को परेशान कर रहा है और आचार संहिता का उल्लंघन करेगा। उन्हें चि-ति किया जा रहा है। उसके खिलाफ सख्त कराई जाएगी।
प्रियव्रत सिंह, ऊर्जा मंत्री मप्र शासन
मेरा आपूर्ति से कोई संबंध नहीं
– मैं शासकीय सेवक हूं। पार्टियों से मेरा कोई लेना देना नहीं है। मेरा स्थानांतरण दिसंबर 2018 में हो गया था। आपूर्ति व फील्ड से मेरा कोई संबंध नहीं है। इंटेलीजेंस की रिपोर्ट पर कोई टिप्पणी करना नहीं चाहता हूं।
अरुण शर्मा, महाप्रबंधक एरिया स्टोर पुतलीघर
मैं शासकीय सेवक हूं
-मैं शासकीय सेवक हूं। सरकार के आदेश निर्देशों का पालन करता हूं। नरोत्तम मिश्रा से मेरा कोई संबंध नहीं है। मैं तीन साल से मुरैना में पदस्थ था। ट्रांसफर होकर ग्वालियर आया हूं।
विनोद कटारे, महाप्रबंधक ओएंडएम
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